सोमवार, 30 जुलाई 2012

काईराप्रेक्टिक संक्षिप्त इतिहास और वर्तमान स्वरूप

काईराप्रेक्टिक संक्षिप्त इतिहास और वर्तमान स्वरूप 

काईराप्रेक्टिक एक चिकित्सीय प्रणाली है .यह मेडिकल सिस्टम इस बुनियादी अवधारणा पर आधारित  है कि रोगों की जड़ रीढ़ की हड्डी के हिस्सों का परस्पर अपना संरेखण, एलाइन -मेंट खोने का नतीजा है .यह कि बीमारियों की बुनियादी वजह अस्थियों का मिस -एलाइन -मेंट ही है .इस मिस -एलाइन -मेंट के होने पर स्नायु ठीक से काम  नहीं करते ,स्नायुविक  प्रकार्य ,प्रोपर नर्व फंक्शन बाधित हो जाता है .हम कह सकतें हैं -

Chiropractic is a health care profession concerned with daignosis ,treatment & prevention of dis -orders of the neuro -musculo -skeletal system and the effects of these disorders on general health.

जो  व्यक्ति इस चिकित्सा व्यवस्था का माहिर होता है उसे कहा जाता है "काइरोप्रेक्टर ".

अस्थियों का परस्पर आंशिक विस्थापन ,स्थान भ्रंश या स्थान बदल कहलाता है Subluxation कहलाता है .

बेशक इस बे -मेल स्थिति में भी जब अस्थियाँ अपना संरेखण आंशिक तौर पर खो देती हैं इनमे परस्पर कुछ न कुछ संपर्क बना रहता है .

Subluxations interfere with your body's healing ability .

काइरो -प्रेक्टर इनका पुनर तालमेल या समायोजन ,अनुकूलन (adjustment )करता  है  .

काइरोप्रेक्टर ऐसा मानते आयें हैं कि दवाएं सामन्य स्वास्थ्य लाभ (नोर्मल हीलिंग ) को बाधित करती हैं .दवा निर्माता कम्पनियां कभी भी पूरा सच उपभोक्ता तक नहीं पहुंचातीं .दवाओं से मुक्त होना ही श्रेयकर है .

हमारे शरीर में खुद को दुरुस्त करने की कुदरती क्षमता है .

The body is a self healing organism (All healing comes from within .).

आम तौर पर काइरोप्रेक्टिक  चिकित्सा प्रणाली को -

(१)संपूरक या फिर 

(२)वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली के रूप में ही वर्गीकृत किया जाता है .

(CAM यानी Complementary or Alternative)

प्राथमिक चिकित्सा मुहैया करवाने वाले Primary care providers जैसे गुणी ही होतें हैं काइरोप्रेक्टर फिर भी यह मुक्तावली चिकित्सा(Dentistry) और पाद -चिकित्सा (Podiatry ) की तरह ही एक स्पेशलटी (विशेषज्ञता )का क्षेत्र ही है .

मुख्य अंग क्या है काइरो -प्रेक्टिक चिकित्सा  द्वारा   इलाज़ के 


(१)Manual therapy (चिकित्सा व्यवस्था जिसमें हाथों का इस्तेमाल किया जाता है जो हस्त चालित है ),इसमें रीढ़ का ,इतर जोड़ों का ,तथा सोफ्ट टिशु का समायोजन (adjustment )आता है .

(२)स्वास्थ्य और जीवन शैली से ताल्लुक रखने वाला सलाह मशविरा .

Traditional Chiropractic assumes that a vertebral subluxation interferes with the body's innate intelligence ,a vitalistic notion ridiculed by the scientific communities.

शरीर की अंतरजात (इन बिल्ट )बोध क्षमता की लय को भंग करती है रीढ़ की अस्थियों से सम्बंधित मिस -एलाइन मेंट (vertrebral subluxation ).शरीर  की इस कुदरती  जीवन क्षमता का ,स्वयं चालित दुरुस्ती और ऊर्जस्विता  का अकसर चिकित्सा और विज्ञानियों के कुनबे ने परिहास उड़ाया है .

इस मुद्दे पर कुछ माहिर (काईराप्रेक्टर )छिटक कर अलग भी हो गएँ हैं वह इस जीवंत -ता की धारणा से सहमत नहीं हैं .

किसने आविष्कृत की थी यह चिकित्सा प्रणाली (काइरोप्रेक्टिक )

१८९० के दशक में सबसे पहले डी ./डी पामर साहब ने इसका इस्तेमाल किया .

बीसवीं शती के शुरु में इन्ही के पुत्र  बी .जे .पामर  ने इसका विस्तार किया .

आज दो मुख्य वर्ग हैं इस चिकित्सा व्यवस्था और इसके माहिरों के 

(१) "Straights" अब यह अल्प संख्या में हैं .ये प्रबल समर्थक हैं  कायिक Vitalism के जीवन ऊर्जा के ,Innate intelligence के  .ये रीढ़ की हड्डियों के संरेखण के गड़बड़ा जाने ,मिस -एलाइन हो जाने को ही तमाम रोगों की वजह मानते हैं .

इनकी स्पष्ट राय है :

Vertrebral subluxations is the cause of all disease  

(2)"Mixers" ज्यादा समर्थक अब इस बाद वाले स्कूल के ही हैं .

ये खुले दिल से चिकित्सा की मुख्य धारा के साथ हैं  . 

परम्परा गत चिकित्सा तकनीकों यथा कसरत (व्यायाम ),तेल मालिश ,आइस थिरेपी का भी इस्तेमाल करतें हैं .


कहाँ कहाँ मान्य और प्रतिष्ठित है काइरोप्रेक्टिक ?

अमरीका ,कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में यह चिकित्सा व्यवस्था मान्य एवं सुस्थापित है .चिकित्सा शास्त्र और दंत चिकित्सा के बाद प्रशिक्षित लोगों द्वारा किया जाने वाला यह तीसरा बड़ा पेशा है .

अंशतय :समान  है यह मसाज थिरेपी और ओस्टियो -पैथी के .,फिजिकल थिरेपी के .

अस्थियों और मांसपेशियों को  दबा  या हिलाकर उनके रोगों और विकृतियों की चिकित्सा करने वाले व्यक्ति को आस्टियपैथ या काइरोप्रेक्टर कहा जाता है .

अक्सर कमर के निचले दर्द से आजिज़ आ चुके लोग low back pain के लिए यह चिकित्सा प्रणाली अपनाते हैं .

बेशक यह प्रणाली शुरू से ही विवादास्पद रही आई है .इतिहास गवाह है इसे  मुख्यधारा की चिकित्सा व्यवस्था के विरोध और खिलाफत का सामना करना पडा है .

वजह इसे बनाए रखने वाली  या इसके पक्ष से बारहां दोहराई गई  कुछ छद्म वैज्ञानिक धारणाएं यथा :"subluxation और Innate intelligence इस विरोध की बने  रहें हैं .इसे ठोस वैज्ञानिक ज़मीन मुहैया नहीं करवाई जा सकी .

जहां टीकाकरण से होने वाले फायदों के प्रति चिकित्सा जगत एक राय रहा है वहीँ इस व्यवस्था के माहिरों (काइरोप्रेकटअर्स ) में इस विषय पर मतभेद रहा है .दवा दारु को भी इनमे से कुछेक  लोग हीलिंग को बाधित करने वाली जिंस मानते आयें हैं . 

नतीजा यह हुआ जहां एक ओर टीकाकरण को लेकर पब्लिक में नकारात्मक असर पडा वहीँ मुख्य धारा के चिकित्सकों ने इस प्रणाली को बहिष्कृत किया इसकी स्वीकृति पर अपनी मोहर नहीं लगाईं .

अमरीकी चिकित्सा संघ ने इस प्रणाली को "Unscientific Cult "ही कह दिया .

बेशक 1987 के एक   anti -trust case में अमरीकी मेडिकल अशोशियेशन मुकद्दमा हार गई .

फिलवक्त काइरोप्रेक्टिक पूर्ण विकसित और लोकप्रिय है इसे राजनीतिक आधार (संरक्षण )भी प्राप्त है .लिहाजा सेवाओं में भी इजाफा हुआ है .हर  तीसरे  नुक्कड़  चौराहे पर अब आपको काइरोप्रेक्टिक सेवाओं का बोर्ड   लटका मिल जाएगा .

इसे कहीं बेहतर वैधानिकता और स्वीकृति आज प्राप्त है इसके बहिष्करण का तो अब  सवाल ही नहीं पैदा होता .अब .इसे कहीं  अधिक जगह मिल रही है चिकित्सा योजनाओं में भी ..

The principle of evidence based medicine have been used to review research studies.and generate practice guide lines .

काइरोप्रेकटर इलाज़ से जुड़े अनेक अध्ययन संपन्न कर चुकें हैं .बेशक नतीजे परस्पर विरोधी भी रहें हैं .

Low back pain में असरकारी रही है यह चिकित्सा व्यवस्था .Lumbar disc herniation में भी इसके अच्छे नतीजे आ सकतें हैं .बशर्ते इसके साथ साथ -

  Radiculopathy भी की जाए .
  
  Radiculopathy refers to a set of conditions in which one or more nerves are affected and do not work properly (a neuropathy).

नेक पेन तथा कुछ किस्म के हेडेक में भी इसे असरकारी पाया गया है .extremity joint conditions में भी इसका इस्तेमाल असरकारी रहा है .




3 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

ज्ञान का एक नया अध्याय खुल गया..

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बिलकुल नयी जानकारी देती पोस्ट ... आभार

शालिनी कौशिक ने कहा…

. बहुत उपयोगी जानकारी आभार. मोहपाश को छोड़ सही राह अपनाएं . रफ़्तार ज़िन्दगी में सदा चलके पाएंगे .