शनिवार, 21 जुलाई 2012

गोरों का पूडल प्रेम

गोरों का पूडल प्रेम 


(1)  
बहुत सख्त एतराज है, कभी कटे ना केश |
पहले टाईप का नहीं, गलत सलत सन्देश  | 

गलत सलत सन्देश, शिकारी मानूं  कैसे |
खुद ही हुआ शिकार, कैट का चूहा जैसे |

जाने ख़ाक विदेश, ख़ास इक किस्म और है | |
म्याऊं के सर-ताज, सिंह का डॉग दौर है ।।

(2)

नकली गांधी डिग्रियां, नकली गांधी नाम ।
घी इनको पचता नहीं, देशी लगे हराम ।

देशी लगे हराम, जतन करके ले आये ।
सही चुकाए दाम, ठीक से हैं बनवाये ।

कर दोगे यदि केस, होयगी डिग्री मेरी ।
पासपोर्ट मम सही, सहो बाबा अन्धेरी ।।
      ..............रविकर भाई फैजाबादी .

गोरों का पूडल प्रेम देखिए इंग्लेंड के एक अखबार ने उसकी तुलना हमारे प्रधान मंत्री से ही कर दी उन्हें सोनिया गांधी का पूडल कहके .अब पूडल तो पूडल ही कहलायेगा चाहे किसी का भी क्यों न हो .हमने इस शब्द के मायने देखे पहले फादर कामिल बुल्के के अंग्रेजी -हिंदी शब्द कोष में, वहां "पूडल" को हिंदी में भी "पूडल'" कहा गया है .

फादर कामिल बुल्के समझदार थे उन्हें पता था भारत में कुत्ता गली के कुत्ते को ही कहा जाता है कुत्ते पालने का रिवाज़ नहीं है यहाँ तो गली के कुत्ते को रोटी डाली जाती है .

हमें संतुष्टि नहीं हुई तो खंगाला Oxford ENGLISH -ENGLISH-HINDI शब्दकोश लिखा मिला घुंघराले बालों वाला कुत्ता जिसके बालों को किसी विशिष्ट आकृति में भी काटा जाता है .

इससे भी तसल्ली न हुई तब देखा Microsoft ENCARTA CONCISE ENGLISH DICTIONARY पढ़िए पूडल का मायना -

यहाँ दो किस्म के पूडल मिले 
(१)Toy poodle 
(2)Standard poodle  

Toy poodle is a dog with a thick curly coat ,usually clipped short ,belonging  to a small breed .

Standard poodle is a large breed originally  developed in Europe for hunting .

अब मनमोहन सिंह तो बेचारे पहली किस्म के पूडल ही ठहराए जाएगें .शिकार तो वह किसी का कर नहीं सकते .

पूडल भाई साहब कोई मुहावरा नहीं है हर शब्द कोष में इसका एक ही अर्थ है .कुत्ता, कुत्ता ,कुत्ता .

हमारे प्रधानमन्त्री को लेकर प्रयुक्त इस अलंकरण पर इंग्लेंड वासियों को भी एतराज हुआ कहा गया ,बहुत सख्त बात कह दी .इस पर अखबार ने उन्हें पूडल की जगह  "पपिट"  कह दिया .जब इस पर भी कुछ लोगों ने वहां एतराज जतलाया तब हार कर अखबार ने उन्हें अंडर -अचीवर कहा .अब इस शब्द की तो व्याख्या की ज़रुरत थी सो अखबार ने आंकड़े परोस दिए .

अब भाई साहब आखिर हम भारतीय हैं बुरा तो हमें भी लगा हमारे प्रधानमन्त्री का अपमान किया गया है .लेकिन कुछ लोगों की राय में यह बिलकुल ठीक हुआ है .इनका यह भी कहना है यह हमारी सरकार है ही नहीं होती तो हमारी सी लगती .

बेशक अंग्रेजों को न तो पूडल की व्याख्या ज़रूरी लगी न पपिट की लेकिन अंडर अचीवर की व्याख्या उन्हें भी ज़रूरी लगी इस बात से यहाँ हर व्यक्ति संतुष्ट हो गया .

लेकिन एक बात तो है लोग अब इस सरकार को अपनी सरकार नहीं मानते. जिस पर इतनी  बड़ी जिम्मेवारी सौंपी थी उसने देश का क्या हाल करके रख दिया .

भारतीय राजनीति इस स्तर पर आ गई है कि मुलायन सिंह संगमा साहब को वोट करने के बाद अपना वोट यह कहकर फाड़ देते हैं कि उन्होंने ठीक से देखा नहीं था .मजेदार बात यह है परम्परा के विपरीत उन्हें दूसरा मत पत्र भी मिल जाता है .

रामदेव जी के भाई समान शिष्य को सरकार गिरिफ्तार करती है कोर्ट के लिए उन्हें लेकरशुक्रवार को  तब निकलती है जब कोर्ट बंद होने को है ताकि उन्हें हिरासत में रखके तीन दिन तंग किया जा सके .यह सोचा समझा वाकया है ,आज शुक्रवार है कल शनिवार और परसों इतवार को कचहरी बंद रहेगी .बाल किशन जी को तंग किया जा सकेगा .यह है इस सरकार का चरित्र .जिसके मुखिया को पूडल कहा गया है .

बाल किशन नेपाली हैं . कहतें हैं उनका पासपोर्ट नकली है .नकली पासपोर्ट धारी यहाँ कितने ही बांग्ला देशी है पाकिस्तानी सोच वाले नागरिक हैं जो भारत में रह कर आतंकियों को पनाह दे रहें हैं यही हैं स्लीपर सेल्स के हिस्से इन्हें आज़ादी है .डिग्रियां जो भी है जितनी और जैसी भी हैं राहुल और सोनिया जी की भी नकली है .

भारत की केब्नेट की असली ताकत यही सोनिया गांधी हैं मनमोहन जी अपनी मर्जी से केब्नेट भी नहीं बदल सकतें .

भारत का दुर्भाग्य है यदि कोई बाप अपने बेटे को डिस ऑन कर दे उसके बाद भी उसे कोई पीड़ा पहुंचाए तो बाप को कष्ट होता है .

लेकिन इंग्लेंड के एक अखबार ने बारहा हमारे प्रधान मंत्री को पूडल कहा तो किसी को अन्दर खाने बुरा नहीं लगा .


निष्कर्ष यह निकला यहाँ पूडल भी प्रधानमन्त्री बन सकता है .

12 टिप्‍पणियां:

रविकर फैजाबादी ने कहा…

बहुत सख्त एतराज है, कभी कटे ना केश |
पहले टाईप का नहीं, गलत सलत सन्देश |

गलत सलत सन्देश, शिकारी मानूं कैसे |
खुद ही हुआ शिकार, कैट का चूहा जैसे |

जाने ख़ाक विदेश, ख़ास इक किस्म और है | |
म्याऊं के सर-ताज, सिंह का डॉग दौर है ।।

रविकर फैजाबादी ने कहा…

नकली गांधी डिग्रियां, नकली गांधी नाम ।

घी इनको पचता नहीं, देशी लगे हराम ।

देशी लगे हराम, जतन करके ले आये ।

सही चुकाए दाम, ठीक से हैं बनवाये ।

कर दोगे यदि केस, होयगी डिग्री मेरी ।

पासपोर्ट मम सही, सहो बाबा अन्धेरी ।।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

हम हिन्दुस्तानी घर में लड़ें , मरें , कुछ भी करें --- लेकिन यदि कोई बाहर का घुसपैठ करता है तो मूंह तोड़ ज़वाब देना चाहिए . यही हमारी परंपरा है .

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वाह! वीरू भाई जी वाह!
आज बहुत दिन बाद आप अपने रंग में दिखे और खूब दिखे :-)))
बधाई !

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

ज़बरदस्त खबरें .... पूडल शब्द पर कहीं कोई बवाल नहीं मचा ... यह है देश का स्वाभिमान ... मैडम की सच्चाई से वाकिफ होते हुये भी हमारे जन प्रतिनिधि खामोश रहते हैं ....आम जनता तो क्या कह सकती है ....कौन है सुनने वाला ?

expression ने कहा…

doctor sahab is right.
:-)

nice post.well wrtten..
thanks

anu

SM ने कहा…

nice post
i did not felt bad
nothing is wrong in daring and saying truth.

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बिल्कुल सही....प्रतिक्रिया ज़रूरी है

Arvind Mishra ने कहा…

जबरदस्त लिखा है वीरू भाई ! एक इधर गूगल का डूडल और एक उधर सोनी का पूडल -ये खिलौने हैं भाई जी !

शिवनाथ कुमार ने कहा…

जबरदस्त व्यंग्य !
सच कड़वा होता है :)

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

आपसे सहमत हूँ ......बहुत शानदार

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सौ फी सदी सहमत आपके इस लेख से ... और ये अलग अंदाज़ देसी नुस्खे के साथ दे देते तो और भी मज़ा आ जाता ...
राम राम जी ...