गुरुवार, 26 जुलाई 2012

food myths & facts

खाद्यों से जुड़े मिथ और यथार्थ 



लहसुन की दुर्गंध को,दूर भगाता सौफ
मच्छर भी है भागते,खाते इससे खौफ,,,,,,............dheerendra
पोषक तत्व बचाइये, भूलो सज्जा स्वाद |
चिकनाई शक्कर बढे, बिगड़े भला सलाद |

लहसुन खाने से नहीं, मच्छर भागें पार्थ |
माशूका खिसके मगर, रविकर यही यथार्थ ||
अम्ल अमीनो सोडियम, दिल को रखे दुरुस्त |
पोटेशियम तरबूज से, मिले यार इक मुश्त ||
अम्ल अमीनो सोडियम, दिल को रखे दुरुस्त |
पोटेशियम तरबूज से, मिले यार इक मुश्त ||-----------रविकर फैजाबादी
सोच समझ के खाईए
रहना है तंदरुस्त
वरना जीवन की गति
हो जाएगी सुस्त...।................surenderpal vaidya



food myths & facts


मिथ :लहसुन खाइए मच्छर भगाइए 


यथार्थ :बेशक स्वादु बना देता है लहसुन पास्ता सौस और अन्य खाद्यों यथा गार्लिक ब्रेड को लेकिन मच्छर भगाऊ भी है? न बाबा ना ..महज़ मिथ है ऐसा बूझना .


University of Connecticut  के रिसर्चरों द्वारा की गई शोध इस दावे को जन विश्वास  को गलत सिद्ध करती है कि  लहसुन ज्यादा खाने से मच्छर आपसे दूर छिटकते  हैं .(मच्छरों का छोडिये माशूका ज़रूर खिसक लेगी दुर्गन्ध श्वास से ,इलायची खाइए या सौंफ इससे बचने के लिए चूसिये दालचीनी यानी Cardamom ,clove  यानी लौंग ).




तरबूज खाना पुष्टिकर है 


यथार्थ :हाँ सत्य है यह कथन क्यंकि तरबूज में मौजूद हैं पुष्टिकर तत्व -


सोडियम बहुत कम है ,विटामिन ए  का अच्छा स्रोत है वाटर्मेलन .


पोटाशियम के अलावा प्रति -ओक्सिकारक (एंटी -ओक्सिडेंट )लाईकोपीन  भी यह मुहैया करवाता है .


इसमें मौजूद रहता है   एक स्वास्थ्यकर अमीनो अम्ल (amino acid citrulline).यह अमीनोअम्ल दिल और ब्लड वेसिल्स की सेहत को दुरुस्त रखता है .बढ़िया है आपकी कार्डियो -वैस्कुलर हेल्थ के लिए .




Myth : If it's a salad ,it's healthy




It remains in fact a myth.


Potato salad ,macaroni salad or fruit  salads made with whipped topping are often packed with sugar ,fat and calories -and not much nutrition .Consider them treats to eat sparingly .


Fill your plate with green salad (easy on the dressing,better still without dressings) instead .


सलाद को सजाने में जायका बढाने में ही उसके पोषक तत्व कम हो जातें हैं लद  जाती है वह शक्कर ,,चिकनाई से और हो जाती है केलोरी बहुल ,केलोरीज़ डेंस .


अपनी हरी भरी इंद्र धनुषी प्लेट ही भली परम्परागत हरी मिर्च ,बेल पेपर ,टर्निप  ग्रीन्स (शलजम के पत्तों )के संग ,टमाटर के संग ,नीम्बू लिए साथ ..ग्रेट की हुई गाज़र और  चुकंदर लिए इंद्र धनुषी आभा संग .


Burger toppings can have more calories than the patty.


Fact :A burger patty made from lean ground beef has about 150 calories .But a slice of cheddar cheese (113 calories), a table spoon of mayonnaise (50)  and two slices of bacon (92)  add 255 calories .


Try onions ,fresh tomatoes or salsa.


रविकर जी ,धीरेंद्र्जी,सुरेन्द्र पाल वैद्य जी ,आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया इस पोस्ट को सजाने ,सारगर्भित बनाने के लिए . 



धर्मो रक्षति रक्षिता :


इसका शब्दार्थ भारतीयों को बरसों से मालूम है .फिर दोहरा देतें हैं एक बार  हम , सबकी सुविधा के लिए :


आप धर्म की रक्षा करो ,रक्षित धर्म फिर आपकी रक्षा करेगा .


विधायिका का काम है वह नियम बनाए उसकी रक्षा करे रक्षित क़ानून फिर शेष समाज की राष्ट्र की रक्षा करेगा  .


लेकिन यहाँ तो सरकार खुद ही क़ानून का पालन करना भूल गई है .करवाए कैसे और किस्से करवाए ? 


एक बात और है नियम राष्ट्र का होता है .समूचे राष्ट्र को उसका पालन करना होता है .जाति को देख कर नियम तैयार नहीं किया जाता .न ही जाति  को देख कर उसका पालन करवाया जाता है .


लेकिन भारत राष्ट्र में ऐसा ही होता है .


यहाँ कोई अल्पसंख्यक दिखाई दे गया तो उसके लिए नियम कुछ और होगा ,बहु -संख्यक के लिए और .




यहाँ रामदेव के लिए बाल किशन के लिए नियम कुछ और हैं सोनिया और राहुल के लिए कुछ और शाहबानो के लिए कुछ और .


तेजा सिंह के लिए कुछ और हैं जोज़फ़ के लिए और .


यहाँ एस. यु. वी.(स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल ) रखने वालों की सोच देखिये -


अरे भाई साहब इतनी बड़ी कार है तो ऐसे ही नहीं है फुटपाथ पे कूद के भी चढ़ सकती है .अगर आपके पास घर नहीं है तो आत्महत्या करो फुटपाथ पे क्यों सोते हो .


ये अरबाज़ खान /सलमान खान की कार है कहीं भी चढ़ सकती है इसके लिए आप सामान्य नियम लागू नहीं कर सकते .


एक ही महिला थी इस देश में जो खुद क़ानून का पालन करती थी और औरों से भी करवा लेती थी जिसने इंदिरा गांधी तक की कार उठवा ली थी .

इत्तेफाक से फिलवक्त वह देश की चाहत और आदर्श अन्ना जी के साथ है .


बुद्धि विवेक से शून्य कुछ लोग इस आन्दोलन के खिलाफ भी सरकार का पिछलग्गू बनके लग गए हैं .


एक राष्ट्र पति हुए थे इस देश में देश के उत्तर पूरबी राज्यों से उन्होंने थोक के भाव बांग्ला देशी और पाकिस्तान सोच के लोगों को देश में घुसवाया .बोडो मूल आबादी को दबाया .इन हिदू मूल के वासियों की ज़मीन हथियाई .


अब सरकार इन्हीं बोडो लोगों को मारती है .


आप जानते हैं कामरूप में अर्जुन के जाने का विवाह रचाने का उल्लेख है .कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न का भी यहाँ विवाह हुआ था .महाभारत में कामाख्या मंदिर का बारहा ज़िक्र है .आज यही "बोडो" घाटी के हिन्दुओं की तरह  बिना घरौदों के हैं .दोनों बहुसंख्यक थे अल्पसंख्यक बना दिए गए .ऐसा सिर्फ भारत में ही होता है .सेकुलरिज्म के नाम पे और उसका नाम ले लेके होता है .अपना हक़ मांगते  हैं तो सरकार इनका दमन करती है .


सारा मामला क़ानून  और उसके पालन करने करवाने के ढंग  और मनचाहे तरीके से चुनिन्दा लोगों द्वारा उसे तोड़ने से जुड़ा  है .


क़ानून और उसके पालन और पालना का सारा मामला एक दोगले पन  दोहरे पन  से जिस देश में जुड़ा  हो उसकी हिफाज़त भला कौन कर सकता है ..


यहाँ चेहरा देख के क़ानून लागू होता है .


मेट्रो जैसी वैज्ञानिक  व्यवस्था के विस्तार तक में इस देश में रोड़े अटकाए  गएँ हैं .आपको याद होगा पुरानी  दिल्ली के लाल किले और दरिया गंज के बीच एक सुभाष  पार्क है यहाँ मेट्रो के लिए खुदाई करते वक्त एक सात फुट मोटी  दीवार निकली .कहा गया यह दीवार जामा मस्जिद का हिस्सा है .


बात अल्पसख्यक मुख से निकली थी आप्त ववचन बन गई मेट्रो को अपना रास्ता बदलना पड़ा .


भला हो सुप्रीम कोर्ट का जिसने खुदाई दोबारा शुरू करवाई आदेश पारित करके .


अब मस्जिद किसी जगह का नाम तो है नहीं जहां नमाज़ अता करो वह जगह पाकीज़ा हो जाती है मस्जिद हो जाती है .


अल्पसंख्यक इसी का फायदा उठाकर रीयल -टरों 
के नज़रिए  से  उपयोगी ज़मीन पे जुम्मे की नमाज़ पढके उसे हथियाने की कोशिश करते रहें हैं चाहे इलाका इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के आसपास का हो या कहीं और का .या फिर धौला कुआँ -गुडगाँव मार्ग पर कोई सड़क के बीचों बीच का हिस्सा हो .क्या कर लेंगे आप इन नमाजियों का ये मेरे सेकुलर देश के अल्पसंख्यक हैं .


अल्पसंख्यकों को इस देश में कौन रोक सकता है, टोक सकता है .


एक देश है जहां कायदे कानूनों का पालन होता है यहाँ नियम राष्ट्र पति की पत्नी के लिए भो वहीँ हैं शाह रुख खान के लिए भी .यहाँ शाह रुख खान अल्पसंख्यक नहीं है सामान्य विजिटर हैं .


सीखो इस देश से कुछ यहाँ एक मर्तबा ही 11/9 हुआ है .







12 टिप्‍पणियां:

dheerendra ने कहा…

लहसुन की दुर्गंध को,दूर भगाता सौफ
मच्छर भी है भागते,खाते इससे खौफ,,,,,,

RECENT POST,,,इन्तजार,,,

शालिनी कौशिक ने कहा…

sarthak prastuti aabhar. प्रणव देश के १४ वें राष्ट्रपति :कृपया सही आकलन करें

रविकर फैजाबादी ने कहा…

लहसुन खाने से नहीं, मच्छर भागें पार्थ |
माशूका खिसके मगर, रविकर यही यथार्थ ||

रविकर फैजाबादी ने कहा…

अम्ल अमीनो सोडियम, दिल को रखे दुरुस्त |
पोटेशियम तरबूज से, मिले यार इक मुश्त ||

रविकर फैजाबादी ने कहा…

पोषक तत्व बचाइये, भूलो सज्जा स्वाद |
चिकनाई शक्कर बढे, बिगड़े भला सलाद |

surenderpal vaidya ने कहा…

सोच समझ के खाईए
रहना है तंदरुस्त
वरना जीवन की गति
हो जाएगी सुस्त...।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

लहसुन से लेकर देश भर की दुर्गंध .... बढ़िया पोस्ट

दिगम्बर नासवा ने कहा…

लहसुन तरबूज सलाद से लेकर ... देश के क़ानून की चिंता ...
राम राम जी ...

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वीरू भाई राम-राम !
अच्छी जानकरी ..और कवि गोष्ठी का मिलन ...
मुबारक हो !

veerubhai ने कहा…

अशोक भाई शुक्रिया गुलाम अली साहब को आपने सुनवाया .

veerubhai ने कहा…

लहसुन की दुर्गंध को,दूर भगाता सौफ
मच्छर भी है भागते,खाते इससे खौफ,,,,,,
लहसुन खाने से नहीं, मच्छर भागें पार्थ |
माशूका खिसके मगर, रविकर यही यथार्थ ||
अम्ल अमीनो सोडियम, दिल को रखे दुरुस्त |
पोटेशियम तरबूज से, मिले यार इक मुश्त ||
अम्ल अमीनो सोडियम, दिल को रखे दुरुस्त |
पोटेशियम तरबूज से, मिले यार इक मुश्त ||
सोच समझ के खाईए
रहना है तंदरुस्त
वरना जीवन की गति


हो जाएगी सुस्त...।
रविकर जी ,धीरेंद्र्जी,सुरेन्द्र पाल वैद्य जी ,आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया इस पोस्ट को सजाने ,सारगर्भित बनाने के लिए .

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

मच्छरों को तो दूर भगाना ही होगा..