सोमवार, 9 जुलाई 2012

जाएं शौक से माल में लेकिन इस पर भी गौर करें ...

जाएं शौक से माल में लेकिन इस पर भी गौर करें ...



रविकर फैजाबादी 
बच्चे मुंह में रख रहे, लगे हाथ जो चीज |
कोई भी सामान हो, जाय लार से भीज |
जाय लार से भीज, गहन संपर्क परस्पर |
फैले फ्लू अतिसार, बड़ी बीमारी रविकर |
तनिक बनो हुशियार, बचाओ नौनिहाल को ||
कीटाणु से मुक्त, करो हर एक माल को ||


Toy stores

बच्चों  को खिलौनें जान से भी प्यारे होतें हैं उनके लिए वह खाने और चाटने की भी चीज़ होतें हैं .सिर पे मलने की .सिर पे बिठाने की भी .वह उनकी चुम्मी भी लेतें हैं स्नेह से अपने गालों से उनका स्पर्श भी करतें हैं .

बस  इतना भर ही तो चाहिए ज़रासिमों को खिलौनों पर फलने फूलने के लिए .

अब सारे खौलोनें तो उनमे से माँ बाप खरीदतें नहीं है उन्हें यथा स्थान वापस भी रखना होता है जिनकी खरीद नहीं की गई है .

बचाव कैसे करें अपने नौनिहाल का इस प्रकार के खिलौनों से जो पेकिंग में होते ही नहीं है ?

बच्चों को खेलने के लिए देने से पहले इन्हें सिरके या एल्कोहल से या फिर साबुन से ही धोया जाए ,खिलौनों की प्रकृति के अनुरूप .

Gadget shops


आप क्या सोचते हैं जिस कथित स्मार्ट फोन को आप उलट पुलट रहें हैं जिसकी आप पड़ताल कर रहें हैं उसे आपसे पहले किसी ने जांचा परखा नहीं है ? 

बेशक स्टोर्स के कारिंदे अपने गेजेट की साफ़ सफाई करते हैं ,लेकिन क्या वह हरेक संभावित ग्राहक के मुआयने के बाद हरेक गेजेट की साफ़ सफाई कर पातें हैं .

बतलादें आपको फ्ल्यू अमरीका की राष्ट्री बीमारी है जैसे हमारी अतिसार है (diarrhoea)यानी डाईअरया  है .

दस्त की बीमारी है .

ऊंगलियों  के पौरों से   ग्लास की सतह पर विषाणु बिना किसी प्रयास के यूं ही चले आतें हैं . कई अध्ययनों से यह पुष्ट हुआ है .

And a recent report found that of four iPads swabbed in two Apple stores located in New York City, one contained Staphylococcus aureus, the most common cause of staph infections. That’s not even counting the cold and flu germs that might be lurking.


कैसे बचें ?

ट्राई करने से पहले भाई साहब  किसी भी आकर्षक गिज्मो को disinfecting wipe से साफ़ कर लें .और हाँ इसके बाद फ़ौरन हेंड सेनी -टाई-जर(hand sanitizer) का इस्तेमाल भी ज़रूर  करें . 



The 8 Germiest Places in the Mall


वो जगहें जहां पैथोजंस (रोग पैदा करने वाले ज़रासिमों ,जीवाणु ,विषाणु ,का डेरा है )

जहां कहीं भी आधुनिक जनों की भीड़ होती हैं वहीँ डेरा लग जाता है जीवाणु और विषाणुओं का .अब भला माल कल्चर में माल से बढ़िया जगह और क्या हो सकती है -फ्ल्यू वायरस को ,ई .कोली 

(E. Coli )और  Staph(Staphylococcus) को  खुलके  खेलने  की  जहाँ आठों पहर भीड़ रहती है .करीनेदार भीड़ .

क्या कहता है माहिरों का एक पैनल इस बाबत ?कहाँ- कहाँ रोग -कारकों की  रिहाइश है माल में जानिएगा ? 

Restroom sinks

(१)रेस्ट रूम्स 

यहाँ भी सिंक सबसे खतरनाक जगह है जहां गन्दगी का साम्राज्य रहता है .

यहाँ ई कोली का भी  डेरा आपको मिलेगा -नल की टोंटी यानी फासिट पे .हैन्दिलों से कैसी बचिएगा ,ये भी फेवरेट जगह हैं रोगकारकों की .  

टोयलित इस्तेमाल के बाद आप सबसे पहले हेन्दिल ही  तो छूतें  हैं दरवाजों के .

दिक्कत यह है कि सिंक का सारा इलाका नम बना रहता है और इसीलिए यहाँ रोगकारकों का ज़मावड़ा रहता है .

यहाँ ये देर तक बने रहतें हैं .फलते फूलतें हैं कुनबा परस्ती करतें हैं .

क्या कहने है यहाँ के सोप डिस्पेंसर  के 

पब्लिक बाथ रूम में जांच करने पर चार में से एक रिफिलेबिल डिस्पेंसर में जीवाणुओं का असुरक्षित समझा जाने वाला स्तर मिला है .

बचाव 

पब्लिक लू (पेशाब घर ,पा -खाने )का इस्तेमाल करने के बाद घर आकर भी हाथ ठीक से साफ़ कीजिए साबुन से कमसे कम बीस सेकिंड तक या फिर धीरे धीरे जब आप हाथ मल रहें हैं उँगलियों में उंगलियाँ फंसा कर आठ तक गिनती गिनिए फिर धौ डालिए हाथ साफ़ चलते हुए पानी से .

Food court tables


बेशक  खाने की मेज़ आपके सामने ही साफ़ की गई हो ,आप उसे सुरक्षित हरगिज़  न समझें . 

रेग्स(पौछे) भी गंदे ई .कोली से लदे फदे हो सकतें हैं यदि इन्हें नियमित बदला न गया हो .


कैसे करें बचाव 

 hard-surface disinfecting wipes  का पैकिट पर्स में रखिए .लेडीज़ के लिए कौन मुश्किल काम है .फ्रेश वंस भी रखती ही हैं .इन्हें भी रखें जो आपको रोगकारकों से हरचंद बचाएगें .अब आप खुद मेज साफ़ करिए इन यूज़ एंड थ्रो पौछों से .

Escalator handrails


जी हाँ आपका हाथ तो इस रेलिंग पे रहता ही है .यह सनी रहती है ई .कोली से ,यूरिन और म्यूकस से ,बिष्ठा (feces)और ब्लड से . आप यकीन करें न करें माहिरों के अन्वेषण से यह तथ्य सामने आए हैं .माल में सिर्फ माल की चकाचौंध और नफासत ही नहीं है .सफाई में भी धोखा है यहाँ .

अब  जहां  म्यूकस होगा (नाक से बहता द्रव होगा )वहां भला कोल्ड और फ्ल्यू का वायरस क्योंकर नहीं होगा ?

एक  भरा पूरा respiratory flora मिला  है माहिरों को हेंड रेल्स पे .

आखिर  लोग खांसी आने पर कफ आने पर हाथों से मुंह को ढक के ही खांसते है न ओक बनाके ?

उन्हीं हाथों  से रेल्स को छूतें हैं .थामतें हैं .

कैसे करें बचाव 

बची हेंड रेल्स से .क्या ज़रुरत है छूने की .अगर ऐसा नहीं कर सकते तब बाद इसके हेंड सेनेताईज़र से ठीक से साफ़ कीजिए हाथों को .

(ज़ारी )



The 8 Germiest Places in the Mall


(ज़ारी ...)

ATM keypads


डाउन  टाउन , Taipei me 38 ATM की जांच के बाद चीनी रिस्राचारों ने पता लगाया कि हरेक की में कमसे कम १२०० ज़रासीम डेरा डाले हुए थे .इनमे बीमारी पैदा करने वाले ई .कोली (जीवाणु )और कोल्ड तथा फ्ल्यू के  

विषाणु भी मिले हैं .
एंटर बटन का सबसे बुरा हाल था .

बचावी उपाय 

ATM बटन्स को वैसे ही टोला  मारिए नकल (KNUCKLE) कीजिए  जैसे गंजे को टोला मारतें हैं .  ऊंगली  के  पौरों  से नाक और मुंह तक ज़रासिमों को पहुँचने में कोई वक्त नहीं लगता जबकी नकल हम बिरले ही नाक और मुंह तक ले जातें हैं .

घर आकर भलीभांति हाथ साफ़ कीजिए हेंड सेनी -टाई -ज़र से .भूलिए मत .



Makeup samples

2005 में संपन्न एक अध्ययन से विदित हुआ था कि ६७%-१००%मेक अप काउंटर टेस्ट -अर्स संदूषित  थे जीवाणु स्टेफ से ,स्ट्रेप से ,ई .कोली  से.

कैसे होता है यह सब ?बस कोई एक व्यक्ति बीमार है .बाथ रूम जाता है .हाथ धोता नहीं है आके अपनी संदूषित ऊंगलियों से सेम्पिलों  को परखता है .

कैसे हो बचाव ?

अपनी आँख ,होठों और चेहरे को पब्लिक सेम्पिल्स से बचाइए .मत आजमाइए इन्हें .यह सोचते हुए -मुफ्त का चन्दन घिस मेरे नंदन .सिंगिल यूज़ यूनिट की और बात है वह नहीं है   तो पौंछ  डालिए सेम्पिल को टिश्यु पेपर से .

हाथ के  पिछले हिस्से पे इसे लगा सकतें हैं परखने के लिए बस . 



Fitting rooms


एक ही कपडे की आज़माइश कई लोग करते हैं .उनकी चमड़ी की कोशिकाएं और पसीना कपडे पे मौजूद रहता है .जीवाणु को पनपने द्विगुणित होने के लिए इतना कॉफ़ी है .बेशक ट्राई रूम के हुक्स और बेन्चिज़ ,कुर्सी आदि अपेक्षाकृत सुरक्षित होतें हैं .

यकीन मानिए एंटी -बायटिक -रेज़ीस्तेंट बेक्टीरिया भी आप यहाँ से उठा सकते हैं .

MRSA (Methicillin resistant Staphylococcus  aureus)इनमे  से एक है जो यहाँ बारहा मिला है .

कैसे करें बचाव ?

फुल कवरेज़ अंडर वीयर पहन कर जाइए .तब ही ट्राई रूम में कपड़ों की खासकर पेंट ,हाफ पेंट ,या स्विम सूट या फिर कोई भी ऐसा गारमेंट सपोर्टर आदि जो रेक्टम का स्पर्श करता हो की आज़माइश करें . 

17 टिप्‍पणियां:

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

इन बातों पर गौर किया ही जाना चाहिए....आभार

P.N. Subramanian ने कहा…

महत्वपूर्ण जानकारी. लेकिन कहीं न कहीं तो फंस ही जायेंगे.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सच है, इन बातों का ध्यान रखा जाये, नहीं तो कोई न कोई बीमारी ले घर चले आयेंगे।

रविकर फैजाबादी ने कहा…

बच्चे मुंह में रख रहे, लगे हाथ जो चीज |
कोई भी सामान हो, जाय लार से भीज |
जाय लार से भीज, गहन संपर्क परस्पर |
फैले फ्लू अतिसार, बड़ी बीमारी रविकर |
तनिक बनो हुशियार, बचाओ नौनिहाल को ||
कीटाणु से मुक्त, करो हर एक माल को ||

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वीरू भाई राम-राम !
बड़े काम की जानकारी
दूर रखेगी हर बीमारी |

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बयाँ किया सही हाल है
लेकिन बचना मुहाल है !

dr.mahendrag ने कहा…

Achhi SAVDHAN KARNE WALI Jankari ,PAR SAMASYA YEH HAE KI KAHAN KAHAN KAB TAK BACHEN? KUCH N KUCH BHOOL HO HI JATI HAE

Maheshwari kaneri ने कहा…

महत्वपूर्ण जानकारीदी है..इन बातों का ध्यान रखना पड़ेगा.. आभार..

Anjani Kumar ने कहा…

gyaanvardhak post .....in baaton kaa khaas taur par khayaal rakhaa jaanaa chaahiye

India Darpan ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


इंडिया दर्पण
पर भी पधारेँ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

इन बातों पर लोग ज़रा भी ध्यान नहीं देते ....बहुत अच्छी जानकारी ... सफाई पर ज़रूर ध्यान देना चाहिए ...

रविकर फैजाबादी ने कहा…

यह है बुधवार की खबर ।

उत्कृष्ट प्रस्तुति चर्चा मंच पर ।।

आइये-

सादर ।।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

रोज मर्रा की कितनी बाते हैं जीना हम तनिक भी ध्यान नहीं रख पाते और पता तब चलता है जब अनजाने ही किसी रोग का शिकार हो जाते हैं ... सही एलर्ट किया है आपने ... राम राम जी ...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

नौनिहाल को सीख दें, सुधरेगा संसार।
खने से पहले जरा, मन में करें विचार।।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

नौनिहाल को सीख दें, सुधरेगा संसार।
खाने से पहले जरा, मन में करें विचार।।

शिवनाथ कुमार ने कहा…

सही में काफी महत्वपूर्ण एवं अच्छी जानकारी दी आपने...
शुक्रिया व साभार !!

Rajesh Kumari ने कहा…

आपकी हर पोस्ट में बहुत लाभकारी बातें होती हैं उसी तरह यह तो और भी अधिक लाभकारी पोस्ट है आभार