बुधवार, 25 जुलाई 2012

बढती उम्र का असर न पड़े बीनाई (विजन )पर

बढती उम्र का असर न पड़े बीनाई (विजन )पर 


Age -Proof Your Eye
8 Ways to keep your vision sharp as the years pass 


कुदरत का सबसे बड़ा तोहफा है आपकी दुरुस्त  बीनाई .बढती उम्र में बीनाई का कमज़ोर पड़ना हतोत्साहित करता है .लेकिन ऐसा करने को बहुत कुछ है जिसे करते हुए आप अपनी नजर को सही सलामत बनाए रह सकतें हैं ,.बढती उम्र के साथ भी .


Open your eyes and say "Ah".


राष्ट्रीय नेत्र संस्थान हिदायत देता है पचासे के पार और पचासे का होते होते हर व्यक्ति नेत्र रोगों के माहिर के पास जांच के लिए जाए .Dialated eye exam करवाए .


आँखों की नियमित जांच तब भी ज़रूरी है भले आप पचास  साला  न भी हुए हों .


आँखों के कुछ रोग बिना  आहट चुपचाप बिना लक्षणों के भी चले आते हैं .ग्लूकोमा (काला मोतिया )एक ऐसा ही रोग है .बीनाई को ले बैठता है यह रोग चुपके चुपके बढ़ता रहता है ज़रूरी नहीं है आपको खबर हो ही .


जल्दी इसकी शिनाख्त हो इलाज़ शुरू हो जाए तो बचा जा सकता है इस रोग से .


Watch what you eat .


कुपोषित रखने वाली खुराक पूअर डाइट पहले इन्फ्लेमेशन की और बाद में आपके लिए सफ़ेद मोतिया (Cataracts)  के खतरे के वजन को बढ़ा सकती है .


मैकुलर  डीजेनरेशन  और आँख की कई और समस्याओं की वजह बन सकती है . आपको कुपोषित रखने वाली खुराक .


केलोरीज़  को सीमित रखते हुए अधिक सेवन करें फलों का ,सब्जियों का ,मच्छी का .




ब्ल्युबेरीज़ ,जामुन ,सहतूत ,फालसा जैसे फल बीनाई और नेत्रों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर समझे जातें हैं .


Get sweaty


नियमित व्यायाम करते रहना आपको कद काठी के अनुरूप अपनी तौल बनाये रखने में ,हेल्दी वेट बनाए रखने में मदद करता है .


मोटापे की ज़द  से आपको दूर रखता है आप मधुमेह(टाइप 2)जैसे जीवन शैली रोग  से भी बचे रह सकतें हैं .


हाई ब्लड प्रेशर से भी .


ये दोनों ही बीनाई पर भारी पडतें हैं नेत्र ज्योति भी ले उड़ सकतें  हैं .


Don your shades 


 सूरज की रौशनी में आँखों के लिए नुकसानदायक अल्ट्रा -वायलट विकिरण ही नहीं हाई एनर्जी विजिबिल रेडियेशन (उच्च ऊर्जा वाला दृश्य विकिरण )भी रहता है.ये दोनों आपके  लिए सफ़ेद मोतिया और मैकुलर डीजेनरेशन के खतरे के वजन को बढ़ा देतें हैं .


बचाव करिए आँखों का पहनिए अल्ट्रा -वायलट और हेवी एनर्जी ब्लोकिंग सन- ग्लासिज़.चौड़ी किनारी वाला हैट  लगाइए .शर्माइये नहीं मामला आँखों का है .बचाव में ही बचाव है आँखें हैं तो जहां है .


Get your eyes a breather.


कोंटेक्ट लेंस बेक्टीरिया ग्रहण कर लेतें हैं .नेत्रों को पूरी ऑक्सीजन भी नहीं पहुँचने देतें हैं .


ऐसे में नेत्र संक्रमण का ख़तरा सहज ही बढ़ जाता है .


खासकर तब जब आप उन्हें रात में भी पहने रहतें हैं साफ़ सफाई नहीं करतें हैं हैं लेंसों की .


याद रखिये यदि आप कोंटेक्ट लेंस इस्तेमाल कर रहें हैं तब अपने साथ प्रिस्क्रिप्शन लेंस (रीडिंग ग्लासिज़ )भी रखिये ताकि दिन बीतने के बाद आपकी आँखों को कोंटेक्ट लेंस से निजात मिले ,ऐसा तब भी करिए जब आपको लगें आँखें थकी थकी सी हैं .


सांस लेने दीजिए आँखों को पूरा .


Avoid smoking 


   धूम्रपान करने वालों के लिए मेक्युलर डिजेंरेशन का जोखिम  सहज ही बढ़ जाता है .सफ़ेद मोतिया होने के मौके भी ज्यादा हो जातें हैं ..


छोड़ दीजिए धूम्रपान .पहली सिगरेट भूल कर भी मत सुलगाइए ,लत बन जायेगी स्मोकिंग .


Be safe 


  पावर टूल्स पर काम करते वक्त आँखों का बचाव करिए .सेफ्टी ग्लासिज़ पहनिए .


स्पोर्ट्स खेलते वक्त भी .


  ऐसी किसी भी गतिविधि के दौरान जहां आँखों के क्षतिग्रस्त होने की गुंजाइश है सेफ्टी ग्लासिज़ पहनिए .


Watch your vision.


Symptoms such as flashes of light or a sudden increase in "floaters"could indicate a detached retina-a medical emergency that must be treated immediately to avoid permanent vision loss .


Call your eye doctor right away if you have any sudden and unusual symptoms.


सन्दर्भ -सामिग्री :-Age -proof 
 your eyes


----------------DR.GARY HEITING,O.D.,IS A EDITOR OF ALLABOUTVISION .COM AND HAS MORE THAN 25 YEARS EXPERIENCE AS A CLINICAL OPTOMETRIST./SamsClub.com/healthyliving/p31.




 .   







12 टिप्‍पणियां:

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

SAHI BAT HAI ....DHYAAN RAKHNA HAI...

रविकर फैजाबादी ने कहा…

आँख फाड़ कर देखना, ठंडी करना आँख |
आँख नचाना डालना, चार करो तुम लाख |
चार करो तुम लाख, शाख पर बट्टा लागे |
ग्लूकोमा कांट्रेक्ट, बिगाड़े काम अभागे |
खान-पान का ढंग, जांच नियमित करवाओ |
धूम्र-पान कर बंद, सुरक्षा ग्लास लगाओ ||

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सच है, आँख हैं तो जीवन में रंगीनियाँ हैं।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सारी बातें गौर करने योग्य.....

यादें....ashok saluja . ने कहा…

भाई जी ,बहुत काम की जानकारी ...सब के लिए
आभार!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी मिली ..... आज कल आँख कि समस्या से जूझ रही हूँ ...निश्चय ही यह पोस्ट काफी सहायक सिद्ध होगी ...आभार

दिगम्बर नासवा ने कहा…

आँखें हैं तो जीवन में रंग हैं ... बचाव में ही बचाव है ... सही चेतावनी ...

Anita ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी !

डॉ टी एस दराल ने कहा…

सदा रहन सहन , सात्विक भोजन -- नयन सुख .
सुन्दर जानकारी .

SM ने कहा…

useful information

मनोज कुमार ने कहा…

आंख ईश्वर की दी हुई अनमोल निधि है, इसकी उचित और समुचित देखभाल बहुत ज़रूरी है। आपने बहुत सही तरीक़े से लोगों को चेताया है। इस आलेख को महीने में कम से कम एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए, क्योंकि हम बहुत लापरवाह होते हैं।

शालिनी कौशिक ने कहा…

सराहनीय - संग्रहणीय प्रस्तुति .आभार हमें आप पर गर्व है कैप्टेन लक्ष्मी सहगल