बुधवार, 27 जून 2012

आखिर क्यों औषधि और परिचर्या ,घायल व्यक्ति के इलाज़ के दौरान भी उनींदे हो जातें हैं डॉक्टर ?

आखिर क्यों औषधि और परिचर्या ,घायल व्यक्ति के इलाज़ के दौरान भी उनींदे हो जातें हैं डॉक्टर ?

Why doctors fall asleep while treating you


दोष स्वीकृति (अपराध स्वीकरण )कन्फेशन 
Dr  Anthony youn  ईमानदारी  के  साथ मानते हैं "मैं कई मर्तबा शल्य कर्म करते करते उनींदा हो गया हूँ और ऐसा मानता हूँ ऐसा सिर्फ मेरे साथ ही नहीं हुआ है ,दूसरे सर्जन भी सो जातें होंगें ,Head bob से  वह भी आजिज़ आतें होंगें " 

बेशक में एक प्लास्टिक सर्जन के रूप में शल्य कर्म के दौरान उनींदा नहीं हुआ हूँ लेकिन एक रेज़ीडेंट के बतौरमेरे साथ ऐसा नहीं हुआ , मैं ऐसा नहीं कह सकता .

देखिए जरा कैसा सन्नाटा पसरा होता  है शल्य कक्ष में (ओपरेशन रूम ),लेदेके निश्चेतक डिलीवर करने वाली एन्स्थीज़िया मशीन की लयात्मक बीप बीप और बस .और लय का मतलब होता है लोरी ,ललिबाई.

यकीन मानिए सर्जरी के दौरान पहना हुआ मेरा पैरहन गरमाने लगता है .मैं अपने हाथों में retractors लिए बैठा हूँ इन्हीं से मुझे उधेडी गई चमड़ी और ऊतकों को थामे बैठे रहना है . हेंड सर्जन करीने से कापल टनेल को दो फांक करदेता है .इस शल्य कर्म के दौरान मैं सहायक की भूमिका में अकसर रहा हूँ यह पहली मर्तबा नहीं है .

झपकी लगती है मेरी ,कोशिश करता हूँ मैं याद नहीं आता आज दिन क्या है ?ऐसा लगता है यहाँ अस्पताल में मैं आज से नहीं  बरसों से ऐसे ही बैठा हूँ अस्पताल के ओपरेशन रूम में .

यकीन मानिए ३२ घंटे पहले मेरी शिफ्ट शुरु हुई थी ,उस रोज़ .इन ३२ घंटों में से १५ घंटा मैं यहीं हाज़िर रहा हूँ .अरे साहब पलांश को भी सोया नहीं हूँ .

सोने का मौक़ा ही कहाँ मिला था .

मेरी बोझिल पलकें गिरना चाहतीं हैं .मैं अदबदाकर अपना घुटना ऊपर नीचे करता हूँ ताकि खुद को आश्वस्त कर सकूं मैं जागा हुआ हूँ .

सर्जन की आवाज़ मेरे कानों में पड़ती है :हिलो मत ,सीधे बैठो .

मेरे घुटनों की हरारत थम जाती है .पलकें फिर से बोझिल हो जातीं हैं .नींद की आगोश में मैं जाने को हूँ .जाने लगा हूँ .पांच मिनिट के संघर्ष के बाद मैं नींद की गोद में हार के चला आता हूँ .

मेरी गर्दन(सिर ) झुक जाती है फिर उठती है थोड़ा सा .फिर गिरती है .माई हेड बोब्स .

मैं हडबडा कर इधर उधर देखता हूँ !  किसी ने देखा तो नहीं .चलो खैरियत है सर्जन की नजर तो नहीं ही पड़ी है .

मैं स्क्रब टेक्नीशियन की तरफ देखता हूँ वह मेरी दक्षिनांगी  बनी हुई  है दाईं  और बैठी है मेरे .जान बूझकर वह अपना सिर मेरे ऊपर झुका देती है .अपनी एडियों से मेरा पैर कुचल देती है .(दबा देती है ).मैं तड़प जाता हूँ लेकिन शी  नहीं करता ,उफ़ नहीं करता .

जाग जाता हूँ मैं .

रेजिडेंसी जो हमें प्रेक्तिसिंग डॉ बनाती है बेहद क्रूर और उबाऊ है .३६ घंटा लगातार काम किया है हमने इस प्रशिक्षण में .यह एक रूटीन था अपवाद नहीं .नींद का कोई टुकडा मयस्सर नहीं होता था उन दिनों .१९९० का दशक था वह .

काल रूम में कभी कभार ही सांस लेने सुस्ताने का मौक़ा मिलता था .

मैं उन भाग्यशालियों में से था जो यह नहीं मानता बूझता था कि हमारा दुरोपयोग किया जा रहा है ज़रुरत से ज्यादा काम लिया जा रहा है हमसे .

गत १४ सालों में हालात बदले हैं अब चीज़ें (रूटीन )उतनी नहीं अखरती हैं .

अब इन्टरन के काम के घंटे घटाकर अधिकतम १६ कर दिए गएँ हैं .

Things aren't quite as bad today as they were 14 years ago. In July 2011, the Accreditation Council for Graduate Medical Educationimplemented new resident work hour standards, instituting a maximum 16-hour shift for postgraduate first-year residents, aka interns.
These new rules have created concern among residents regarding their education. A survey published in the June issue of Archives of Surgery found that surgical interns believed the new regulations would decrease their time spent operating, acquisition of medical knowledge, development of surgical skills and overall educational experience.

लेकिन  छात्रों में असंतोष है .उन्हें लगता है इसका उनकी दक्षता माहिरी पर बुरा असर पड़ेगा .
लेकिन ज्यादा तर इन्टरन आज सहमत हैं एक राय हैं इससे मरीजों की सुरक्षा में इजाफा होगा .इलाज़ की गुणवत्ता भी बढ़ेगी .यह हमारा धर्म भी है कर्म भी है चिकित्सा नीति शास्त्र के अनुरूप[ भी है यह .
थका हुआ आदमी क्या ख़ाक सीखेगा ?
Studies show that impairment in cognitive and motor performance when sleep-deprived for 24 hours is equivalent to having a blood-alcohol level of 0.1%. This is considered legally drunk.
ऐसे शिक्षण प्रशिक्षण का क्या फायदा जो आपको नशेडी बना दे .
क्या आप चाहेंगे इस नशे की हालत  में आपका इलाज़ किया जाए .उन के द्वारा जिनके खून में शराब का स्तर नशेडी वाला हो ?
As a physician, my patients expect me to be at my best when treating them. Part of being at my best includes being well-rested. Since my residency days, I've never fallen asleep in the operating room. Not even close.
यही कहना है Dr Anthony youn का   .
आप भी सहमत होंगें .

6 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

वस्तुस्थिति से परिचय कराने का आभार..

रविकर फैजाबादी ने कहा…

उत्कृष्ट पृष्ट |

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

aisa bhi hota hai ...socha nahi tha .....bahut acchi prastuti....

डॉ टी एस दराल ने कहा…

यह रेजिडेंट डॉक्टर्स के साथ होता था . उन्हें लम्बे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता था . लेकिन अब ४८ घंटे प्रति सप्ताह ड्यूटी फिक्स होने से ऐसा नहीं होता .

dheerendra ने कहा…

वास्तविकता से परिचय कराने के लिए आभार,,,,

बहुत अच्छी प्रस्तुति

MY RECENT POST काव्यान्जलि ...: बहुत बहुत आभार ,,

Kailash Sharma ने कहा…

आँखें खोल देने वाली जानकारी...