गुरुवार, 21 जून 2012

खाने योग्य होगी आइन्दा पैकेजिंग सामिग्री भी


खाने योग्य होगी  आइन्दा पैकेजिंग सामिग्री भी 

ये हुई न कुछ बात आम के आम गुठलियों के दाम अब मिठाई वाले को यह कहने की ज़रुरत उपभोक्ता को  नहीं पड़ेगी ,भाई  साहब मिठाई के साथ डिब्बा मत तोलो .अब वह डिब्बा भी खाद्य सामग्री का ही हिस्सा होगा .रूप रस गंध स्वाद में भी डिब्बे के अन्दर बंद  सामिग्री जैसा .प्लास्टिक के प्रचलन से पर्यावरण को बचाने की यह नायाब तरकीब विज्ञानियों ने ढूंढ निकाली है .

अब एल्गी और केल्शियम के योग से पूर्ण तय : खाद्य पैकेजिंग सामिग्री तैयार की जा  सकेगी .

इसे फ्रांस के रिसर्चरों ने रचा है .इसमें कुदरत के उस करिश्मे की नक़ल की गई जिसके तहत फलों और तरकारियों पर कुदरती खाद्य  छिलका मढा हुआ रहता है .फिर चाहे वह अंगूर हो या आलूचा या नाशपाती या फिर आडू .जामुन हो या फालसा या हों बेरीज .

इस पैकेजिंग को नाम भी खूब सूरत दिया गया है -WikiCells.

हारवर्ड में प्रोफ़ेसर हैं डॉ डेविड एडवर्ड्स .आपने ही इस रिसर्च का नेतृत्व किया है .

आपने पूरी एक रेंज तैयार की  है ऐसे पात्रों की जिनमे दही की पेकेजिग की जा सकेगी .yoghurt pots तैयार किये हैं आपकी टीम ने ./ज्यूस कार्टंस ,पानी की बोतलें ,आइस क्रीम कंटेनर्स .इनमे सुरक्षित बनी रहती है अन्दर की खाद्य तरल एवं ठोस सामिग्री एक पूर्ण तय खाद्य झिल्ली में .थैली में .

रंग रूप में आकृति में भी यह खाद्य सामिग्री जैसी ही होगी .

इस खाद्य प्लास्टिक को (पैकेजिंग सामिग्री )  को एल्गी ,केल्शियम और खाद्य कणों से ही तैयार किया गया है  .

बस थैली को धौ लीजिये रनिंग टेप में और मजे से सेब के छिलकों की तरह खा लीजिए न किसी नाशी जीव का ख़तरा न कीट नाशी से सने होने का जोखिम .यह है पूर्ण तय खाद्य पर्यावरण मित्र पैकेजिंग  .

सन्दर्भ सामिग्री :-Now ,a food package that you can eat /TIMES TRENDS /THE TIMES OF INDIA ,MUMBAI ,JUNE 19 ,2012,P15

5 टिप्‍पणियां:

Reena Maurya ने कहा…

आम के आम गुठलियों के दाम..
बहुत बढ़िया...
:-)

surenderpal vaidya ने कहा…

इससे पर्यावरण तथा स्वास्थ्य को भी कोई नुकसान नहीँ होगा । जानकारीपूर्ण लेख के लिए धन्यवाद ।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

वाह, अब कूड़ा कम होगा..

Arvind Mishra ने कहा…

क्या बात है !

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी ... सच अब कूड़ा कम होगा ;):)