शुक्रवार, 25 नवंबर 2011

कोंटेक्ट लेंस पर प्राप्त कीजिएगा ई -मेल ?

यकीन मानिए आप अपने कोंटेक्ट लेंसों पर ई -मेल तथा टेक्स्ट मेसेज़िज़ जल्दी ही प्राप्त करने लगेंगें क्योंकि ऐसे कोंटेक्ट लेंस न सिर्फ कम्प्युत्रिकृत होंगें वरन इंटरनेट से भी जुड़े होंगें .चलिए पहले एक पारिभाषिक शब्द पिक्सेल (Pixel)को समझ लेते हैं जो एक बुनियादी इकाई है जिनके संयोजन से कंप्यूटर स्क्रीन पर बनने वाली तस्वीर बनाई जाती है .पिक्सेल दरअसल प्रकाश के एक अकेले tiny dot नन्ने से बिंदु को कहा जाता है .इन्हीं पिक्सलों से मिलकर टी वी स्क्रीन पर तस्वीर बनती है .
फिलवक्त जो कोंटेक्ट लेंस साइंसदान बनाने में कामयाब रहें हैं उसकी सीमा यह है की इसमें एक ही पिक्सेल उभरती है लेकिन एक अवधारणा की जांच कर ली गई है .आदिम प्रारूप (Prototype)बना लिया गया है इस कम्प्युतारिकृत प्राविधि का स्पर्श लेंस का .
इस काम को अंजाम दिया है फिनलैंड की आल्टो यूनिवर्सिटी तथा अमरीका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटीके साइंसदानों ने . इसे जीते जागते इंसानों की आँखों पर आजमाया जा चुका है कामयाबी के साथ .कोई अवांछित प्रभाव पार्श्व प्रभाव सामने नहीं आये हैं .
कल बहु -पिक्सेल कोंटेक्ट लेंस बनाए जा सकेंगे .सैंकड़ों की तादाद में जिनके संयोजन से छोटे छोटे सन्देश भेजना मुमकिन हो जाएगा . साइंसदानों के लफ्जों में यह कंप्यूटर से पैदा दृश्य सूचना का वास्तविक दुनिया रियल वर्ल्ड पर आच्छादन है .जिल्द है .
इसका स्तेमाल कंप्यूटर खेलों और नेविगेशन में भी किया जा सकेगा .
(The scientist said the device could overlay computer generated visual information on to the real world and be of use in gaming devices and navigation systems.)
अलावा इसके इस प्राविधि को लेंस पहनने वाले व्यक्ति के शरीर से जोड़ कर उसके खून में घुली शक्कर का भी जायजा लिया जा सकेगा .
एक समस्या हमारी आँख के लेंस की न्यूनतम फोकस दूरी है (Minimum focal distance of several centimetres ).इस से छुटकारा प्राप्त करने के लिए विशेष छरहरे पतले थिन तथा सपाट फ्रेज्नेल लेंसों का स्तेमाल किया गया .इस प्रकार इतनी कम फोकस दूरी पर भी कोंटेक्ट लेंसों पर आई सूचना का विभेदन संभव हुआ .प्रक्षेपित छवियों को आँख के परदे तक भेजना इस प्रकार संभव हुआ .
जानिएगा क्या है फ्रेज्नेल लेंस ?
A fresnel lens is a thin lens of short focal length with a surface consisting of concentric rings ,each having a curvature corresponding to a similar ring of plain convex lens .Augstin -jean Fresnel made such a lens in Mid -19C(1788-1827).

4 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बड़ा ही झंझटी कार्य हो जायेगा।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

ग़ज़ब का अन्वेषण .
सुन्दर जानकारी .

रेखा ने कहा…

यह तो बहुत बड़ी खोज लगती है ...जानकारी के लिए आभार

डॅा वेदप्रकाश श्योराण ने कहा…

baap re aankh milane ko tersenge log......