मंगलवार, 22 नवंबर 2011

इन वीट्रो फ़र्तिलाइज़ेशन की कामयाबी के लिए .

इन वीट्रो फ़र्तिलाइज़ेशन की कामयाबी के लिए .
दो प्रकार का गर्भाधान होता है एक कुदरती यानी इन -वाइवो जैसे माँ के गर्भ में स्त्री पुरुष के स्वाभाविक मैथुन के बाद और दूसरा परखनली गर्भाधान यानी इन -वीट्रो एज इन ए ग्लास ट्यूब या फिर पेट्री डिश में
साइंसदानों ने पता लगाया है परखनली निषेचन की कामयाबी के मौके तब निश्चय ही बढ़ जातें हैं जब संतान का इच्छुक पुरुष जो कुदरती गर्भाधान कर पाने में किसी भी वजह से असमर्थ है और विकल्प के लिए इन -वीट्रो फ़र्तिलाइज़ेशन का सहारा ले रहा है अपनी खुराक में अधिकाधिक फल और अनाजों (खासकर चोकर युक्त अनाज )का सेवन करता है तथा रेड मीट का न्यूनतर .अलावा इसके एल्कोहल और कोफी भी जिसकी जीवन शैली में कम से कम है .ब्राजील में हाल में पुरुष स्पर्म्स (Spermatozoon ,a male reproductive cell (gamete) that has an over head with a nucleus ,a short neck ,and a tail by which it moves to find and fertilize an ovum,also spermaozoan) जिसे आम भाषा में लूजली वीर्य भी कह दिया जाता है की गुणवत्ता पर संपन्न एक अध्ययन में उक्त नतीजे निकाले गए हैं .
महिलाओं की प्रजनन सम्बन्धी गड़बड़ियों का रिश्ता जहां बॉडी वेट (शरीर भार ,तौल )से जोड़ा गया है ,शराब और धूम्रपान से जोड़ा गया है वहीँ इस अध्ययन से पहले यह साफ़ नहीं हुआ था कि क्या पुरुषों के लिए भी यह बात इन -वीट्रो -ट्रीटमेंट के दौरान लागू होती है .
अध्ययन में कुल २५० मर्द शरीक थे जो एक दम्पति के बतौर फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के लिए आ रहे थे .यह ख़ास इलाज़ था -'Intracytoplasmic sperm injection '.
Ram Ram Bhai !Ram Ram Bhai !

भावी माँ मोटापा कम करे वरना ....
भावी माँ मोटापा कम करे वरना .....
(Obese moms make babies fat :)/Short Cuts /TOI,NOV21,2011,P17,New-Delhi.,ed .
भावी माताओं को साइंसदानों की यही हिदायतें हैं गर्भ धारण करने से पहले मोटापा ,अतिरिक्त चर्बी शरीर से हटायें वरना शिशु भी आगे चलके मोटापे की गिरिफ्त में आने से बच नहीं सकेगा ..एक नए अध्ययन के अनुसार मोटापे से लथपथ संतान की इच्छुक भावी माताओं में मोटापे का विनियमन करने वाला एक हारमोन सम्बन्धी विकार पैदा होजाता है .यह विकार सहज ही माँ से संतानों में अंतरित हो जाता है चला आता है चुपके से इसलिए अपनी भावी संतान को मोटापे की गिरिफ्त में जाने से बचाने के लिए भावी माताएं खुद फ्लेब से छुटकारा पाने के उपाय करे तब गर्भ धारण करने का सोचें .
पढ़ाकू कंप्यूटर .

(This computer can read like humans )/SHORT CUTS/TOI/NOV21,2011,New-Delhi ed.
समझा जाता हमारे दौर में साइंसदान एक ऐसा कंप्यूटर विकसितकरने में में जुटे हुएँ हैं जो विज्ञान साहित्य का अनुशीलन कर सकता है अनथक .तथ्यों के बीच की कड़ी खोज सकता है उनका संयोजन कर सकता है .परिकल्पनाएं प्रस्तुत कर सकता है . इस दौर में प्रकाशित लाखों लाख रिसर्च पेपर्स से काम की सूचना खोज सकता है .उनका सटीक विश्लेषण और समालोचना कर सकता है .
केम्ब्रिज विश्वविद्यालय की एक रिसर्च टीम के मुताबिक़ इसे CRAB कहा जा रहा है .
राम राम भाई !राम राम भाई !
सील्स नेविगेशन निपुण होतीं हैं .
समुन्दर के अपेक्षाकृत ठन्डे इलाकों में मछलियों का शिकार करके पेट भरने वाला मांसाहारी जीव होता है सील जो एक स्तनपाई है .इसका छरहरा बदन तैरने के अनुकूल बनाया है कुदरत ने .स्ट्रीम लाइंद है इसकी स्लीक बॉडी तथा इसके झिल्लीदार पैर कालान्तर में फ्लिपर्स में तबदील हुएँ हैं .
साइंसदानों के मुताबिक़ यह समुद्री स्तनपाई जीव समुन्दर में सालों साल (तकरीबन पांच साल की अवधि )बिताने के बाद भी अपना जन्म स्थल ढूंढ निकालता है अतल असीम सागर में .ऐसी ही इनकी नेविगेशन प्रवीणता ., कौशल्य .

3 टिप्‍पणियां:

"जाटदेवता" संदीप पवाँर ने कहा…

बेहद ही बढिया समझाते हुए लिखा है। हमेशा लगे रहो ऐसे बेहतरीन जानकारी देने में।
आपको शुभकामनायें

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सन्तति का भाव स्वस्थ शरीर से ऊर्जस्वित होता है।

रविकर ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति ||

बधाई महोदय ||

dcgpthravikar.blogspot.com