शनिवार, 1 अक्तूबर 2011

Weaker Sex? Women are genetically tougher

Weaker Sex? Women are genetically टफ़र
बेशक "वीकर सेक्स "कहा जाता रहा है परम्परा से औरतों को लेकिन रोगों और संक्रमणों से जूझने के मामले में औरतें मर्दों से ज्यादा सक्षम हैं .यही नतीजे निकाले गए हैं एक ताज़ा अध्ययन से ।
बेल्जियम की Ghent University , के रिसर्चरों ने पता लगाया है औरतों के पासआनुवंशिक तौर पर एक बेहतर सोफ्टवेयर ,अव्वल प्रोग्रेम रहता है जो उन्हें तरह तरह के संक्रमणों का मुकाबला करने में ज्यादा कारगर बनाए रहता है ।रोगों से जूझने निपटने का माद्दा भी इसी जीन प्रोग्रेमिंग की वजह से ज्यादा रहता है ।
बेहतर बेक अप व्यवस्था लिए रहतीं हैं महिलायें रोगों से मुकाबला करने के प्रति ज्यादा प्रति -रोधक ताकतभी बनाए रहतीं हैं ॥
डेली मेल ने प्रकाशित किया है इस अध्ययन को जिसके मुताबिक़ मर्द जब "मेन फ्ल्यू "की बात कर रहे होतें हैं तब सच बोल रहे होतें हैं .अतिश्योक्ति नहीं कहेंगें इसे ।
आखिरकार इस जैविक व्यवस्था में अंतर भी तो खासा है .औरत की बेहतर रोग -प्रतिरक्षण की वजह उसका एक्स एक्स शख्शियत होना है .एक्स पहले ही वाई से ज्यादा असरदार होता है और औरत उसी की एक और अतिरिक्त कोपी लिए इस दुनिया में आती है ।
A female is an XX individual while a Male is an XY।
सारा खेल तमाशा करतब इन गुणसूत्रों क्रोमोज़ोम्स का है ।
जैविक तौर पर Y-क्रोमोजोम एक्स से लघुतर होता है .कालानुक्रम में यह लगातार छीजता भी गया है .तब क्या एक दिन औरत स्ट्रोंगर सेक्स का दर्ज़ा पा जायेगी ?
ड्यू टू एक्स -chromosome Women have greater access to molecules called micro RNAs,which are encoded on the X-Chromosome.
ये लघुतर अणु ही राइबोन्यूक्लिक एसिड की स्ट्रेनें हैं जो रोग प्रति -रोधी क्षमता का बेहतर विनियमन करतीं हैं ।
यही वजह है स्तनपाइयों में मादा अकसर दीर्घ जीवी होती है .सदमा बर्दाश्त करने का माद्दा फिर चाहे वह सेप्सिस से रिसे या किसी अन्य दहशत पैदा करने वाले संक्रमण से महिलाओं में ज्यादा होता है .(प्रसव पीड़ा हो या प्रियजन का विछोह औरत अपने को संभाल लेती है ,मर्द रुल जाता है अकसर )।
जैविक तौर पर भी एक्स -क्रोमोजोम जेनेटिक कोड में तमाम micro आरएनएज का १०%लिए रहता है .

इनमे से ही कई इम्युनिटी और कैंसर की चाबी हैं .महत्वपूर्ण प्रकार्य हैं इनके ।
माइक्रोआरएनएज ही प्रोटीनों के विनियामक हैं रेग्युलेटर हैं .कोशिका की बढ़वार और कैंसर इम्यून रेस्पोंस के लिए उत्तरदाई हैं .(बे लगाम कोशिका बढ़वार ही तो है कैंसर जब कोशिकाएं मरना ही भूल जातीं हैं ।).
लेकिन इस सुपर इम्युनिटी की कीमत भी चुकानी पड़ती है औरत को .संक्रमण के प्रति -प्रतिरोध बढ़ने से इम्यून रेस्पोंस भी ज़बर्जस्त पैदा होती है ।
यही वजह है औरतों में ऑटोइम्यून डिजीज होने के प्रबल संभावना बनी रहती है .डायबितीज़ भी एक ऑटोइम्यून डिजीज है ।
फ्ल्यू जब भी होता है ज़ोरदार हमला लिए होता है .

6 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अब लगने लगा है।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

अभी तक यही पता था कि X और Y क्रोमोजोम्स का रोल लिंग तय करने का है. आज ये नई जानकारी मिली. आभार आपका.

रामराम.

मनोज कुमार ने कहा…

आप हर विषय पर कमाल का लिखते हैं। आपकी जानकारी का खजाना अद्भुत है।

अभिभूत हूं।

Arvind Mishra ने कहा…

बाजी मार ले गए आज तो :)

Dr Varsha Singh ने कहा…

सारगर्भित जानकारीपूर्ण आलेख...

mahendra verma ने कहा…

कुछ नए तथ्यों की जानकारी प्राप्त हुई। आप विषय को बहुत अच्छी तरह स्पष्ट करते हैं। आभार आपका।