रविवार, 12 मई 2013

Water on Moon came from Earth

अमरीकी अन्वेषण कर्ताओं ने अपने अन्वेषणों से पता लगाया है अब से कोई साढ़े चार अरब बरस पहले पृथ्वी और चाँद में एक ज़ोरदार भीमकाय टक्कर हुई थी .इसी टक्कर के फलस्वरूप पृथ्वी ग्रह  से कुछ जल राशि अपने इकलौते बेटे (कुदरती उपग्रह )को अंतरित हो गई थी .

साइंसदानों ने यह नतीजे १ ९ ७ ० के दशक में चाँद से लाई गई मिटटी के नमूनों की बारीक जांच के बाद निकाले हैं .यह जल राशि यहाँ धूमकेतुओं के मार्फ़त नहीं पहुंची थी जैसा कुछ साइंसदान कहते आयें हैं .यह उसी जल राशि का अंश है जो टक्कर के वक्त पृथ्वी के आदि प्रारूप पर मौजूद थी .और टक्कर के बाद चाँद ने रोक ली थी .यही कहना है अल्बर्टो साल का .आप ब्राउन विश्वविद्यालय के भू -गर्भीय विज्ञानों के अशोशियेट प्रोफ़ेसर हैं .तथा उक्त अध्ययन को आपने ही अपना नेत्रित्व प्रदान किया है .

इससे यह भी पुष्ट होता है इस भीमकाय टक्कर के वक्त आदिम भौमा (Proto -Earth )पर जल राशि मौजूद थी .

चाँद पर जल का उद्गम स्रोत कैसे पता चला 

अपोलो मिशन से लाये गए नमूनों में इस एवज Melt inclusions की विस्तृत जांच पड़ताल की गई .

Melt inclusions are tiny dots of volcanic glass trapped within crystals called olivine.

Melt inclusions are small parcels or "blobs" of melt(s) that are entrapped by crystals growing in the magmas and eventually forming igneous rocks. In many respects they are analogous to fluid inclusions. Melt inclusions are generally small - most are less than 80 micrometres across (a micrometre is one thousandth of a millimeter, or about 0.00004 inches). Nevertheless they can provide an abundance of useful information. Using microscopic observations and a range of chemical microanalysis techniques geochemists and igneous petrologists can obtain a range of unique information from melt inclusions. The most common uses of melt inclusions is studying the composition and compositional evolution of magmas existed in the history of specific magma systems. This is because inclusions can act like "fossils" - trapping and preserving these melts before they are modified by later processes. In addition, because they are trapped at high pressures (P) and temperatures (T) many melt inclusions also provide important information about the entrapping conditions (P-T) and their volatile content(such as H2O, CO2, S and Cl) that drive explosive volcanic eruptions.

अलावा इस संदर्भित रिसर्च वर्क के २ ० १ १ में भी एक शोध कार्य से 

इल्म हुआ था ,melt inclusions में पर्याप्त जल राशि है .यह राशि 

लगभग 

उतनी ही होगी जितना पृथ्वी के ऊपर  समुन्दर के फ्लोर पर लावा रहता 

है .इस अध्ययन का लक्ष्य ही इस जलराशि का उद्गम स्रोत खंगालना था .
इस ख़ास शिनाख्त के लिए साल और उनके साथी रिसर्चरों  ने 

इन्क्लुज़ंस में फंसी हुई हाइड्रोजन की सम -स्थानिक बुनावट (isotopic 

composition )का पता लगाया .

हम जानते हैं हाइड्रोजन के भी तकरीबन अन्य तत्वों की तरह सम - 

स्थानिक (isotopes )हैं .जिनमें प्रोटोन तो यकसां हैं लेकिन न्युट्रोन की 

संख्या जुदा है .

इन्हीं समस्थानिकों की ऊंगलियों के निशाँ लेने की दरकार थी .फिंगर प्रिंट 

बोले तो आइसोटोपिक कम्पोजीशन .

इस एवज रिसर्चरों  ने चाँद से लाये नमूनों में नियमित हाइड्रोजन के 

बरक्स ड्यूटीरीयम सम -स्थानिक का मापन किया .ड्यूटीरीयम हाइड्रोजन 

का ऐसा संस्थानिक है जिसमें हाइड्रोजन के बरक्स एक और(फ़ालतू )

न्यूट्रोन होता है . हाइड्रोजन तो मात्र एक प्रोटोन एक इलेक्ट्रान   का 

गठजोड़ है .

सौर मंडल के अलग अलग हिस्सों (स्थानों )से जुटाए गए जल अणुओं में 

ड्यूटीरीयम की अलग अलग मात्रा मौजूद रहती है .यह स्थान विशेष के 

लिए अलग और विशिष्ठ रहती है .

सौर मंडल के नजदीक वाली चीज़ों (जगह) पर कम ड्यूटीरीयम रहता है 

बरक्स दूरस्थ चीज़ों ( जगहों) के .

साल और उनके सहकर्मियों को पता लगा ड्यूटीरीयम /हाइड्रोजन ,अनुपात 

अपेक्षाकृत न्यून था .यह carbonaceous chondrites तुल्य थी .

Carbonaceous chondrites are meteorites originating in the asteroid belt near Jupiter and thought to be among the oldest objects in the solar system .

ये बृहस्पति ग्रह के नज़दीक मौजूद लघु ग्रह  पट्टी में पैदा हुए उल्काओं से 

ही प्रसूत हैं .समझा जाता है यह हमारे सौर मंडल के अर्वाचीन सदस्य हैं .

इसका अमलब  यह हुआ चाँद पे मौजूद जल का उद्गम स्रोत आदिम 

उल्काएं हैं न की  धूमकेतु जैसा कि अभी तक कुछ साइंसदान बतलाते 

बूझते आएं हैं .

सन्दर्भ -सामिग्री :-Water on Moon came from Earth ?/THE TIMES OF INDIA ,MUMBAI ,MAY 11 ,2013 /P19

शीर्षक :पृथ्वी से ही आया था चाँद पे जल 






 

7 टिप्‍पणियां:

दिगम्बर नासवा ने कहा…

एक फंतासी सी क्रियेट करती हैं ये बातें ... रोमांचित करने वाली ...

Rajendra Kumar ने कहा…

बेहतरीन रोचक जानकारियों का खुलासा,आभार.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

यह भी अदभुत और रोचक जानकारी पता चली.

रामराम.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

इतिहास का रोचकतम तथ्य..

Vikesh Badola ने कहा…

बहुत बढ़िया श्रीमान।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

फिर तो चाँद पर प्लाट बुक करा दिया जाये। :)
दिलचस्प जानकारी।

Vikas Gupta ने कहा…

क्या दिलचस्प जानकारी दी है आपने ।