बुधवार, 8 मई 2013

सेहतनामा

सेहतनामा 

(१ )नित्यप्रति फलों में सेब (एपिल )का सेवन खून में कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने में सहायक सिद्ध होता है .

(२ )अस्थियों की मजबूती और विकास में केल्शियम बहुल पनीर का सेवन फायदेमंद रहता है .

(३ )BOOST MEMORY WITH THREE GLASSES OF CHAMPAGNE

Connoisseurs have long advocated its benefits -and now a new British study has suggested that three glasses of bubbly a week can help improve memory .According to to the study a regular tipple of champagne can help prevent brain disorders such as dementia and Alzheimer's .Tipple is an alcoholic drink .


(४ )दीर्घावधि तक दिनानुदिन पूरी नींद न ले पाना ज़रुरत से कम सो पाना आपकी उत्पादकता को तो घटाता ही है अवसाद की ओर  भी ले जा सकता है .कम सोना और इन दोनों का परस्पर सम्बन्ध है .

(५ )प्लास्टिक से बने पात्रों डिब्बों आदि में खाद्य सामिग्री का भंडारण करना सेहत के लिए ठीक नहीं रहता है क्योंकि प्लास्टिक से रसायन रिस कर खाद्य सामिग्री में चले आते हैं .भंडारण के लिए ग्लास स्टील या मिट्टी से बनाकर आग में तपाया हुआ (Ceramic ) के पात्र ही भले .

(६ )MAGNESIUM AS IMPORTANT FOR BONE HEALTH

Most parents make sure that children drink milk ,as it helps build strong bones .Now , a new study has suggested that it would be beneficial if they add almonds and other foods high in magnesium - a nutrient that is as important for bone health.

बढ़ते बच्चों की अस्थियों के समुचित विकास के लिए मैग्नीशियम एक महत्वपूर्ण खनिज है .दूध के अलावा बादाम तरबूज सीताफल स्काव्श के सुखाये हुए बीजों की गिरी ,चावल ,गेंहू और जै (oats )का छानन (Rice ,wheat ,oat bran ) ,सुखाये हुए तुलसी के पत्ते (dried basil leaves),सुखाया हुआ हरा धनिया पत्ता (dried coriander leaves),आम तौर पर सुखाई हुई जड़ी बूटी मसलन सॉआ (शतपुष्पिका ,शतपर्णी ,एक छत्ते दार बूटी ,सौंफ सा सुगंध देता पौधा ,Dill,चाइव (प्याज जैसे स्वाद वाला लम्बा ,पतला हरा पौधा जिसे भोजन पकाने में काम में लिया जाता है ,छोटा बल्ब भी कहते हैं इसे ,spearmint (पुदीना सुखाया हुआ ),sage (कपूर का सुखाया हुआ पत्ता ),savory(पुदीने के आकार की एक वनस्पति जो खाने में इस्तेमाल होती है )मैग्नीशियम बहुल हैं .

कोकॉआ पाउडर युक्त डार्क चोक -लिट् ,अलसी के बीज (flax seeds ),तिल और तिल  से तैयार किया गया मख्खन (Sesame Butter),Molasses और सुखाई हुई सोयाबीन्स मैग्नीशियम के बढ़िया स्रोत हैं .

(७) कोफी की दो प्यालियाँ रोज़ लेते रहने से बड़ी आंत के अगले हिस्से (Colon cancer)का ख़तरा २ ५ %कम हो जाता है .

(८ )ज़रुरत से ज्यादा  नमक युक्त खाने पीने की चीज़ों का  सेवन दिल की 

परेशानियों 

 दिमाग के दौरों की वजह बन सकता है .हर हाल पांच ग्राम से कम नमक खाना है एक दिन में (आदर्श रूप में २ . ४ ग्राम ).

(९ )धूम्रपान छोड़ने के दो हफ्ते बाद ही आपके  दिल के लिए हार्ट अटेक  के मौके कम होने लगते हैं फेफड़ों के प्रकार्य (काम धाम )में सुधार आने लगता है .कमाल का है मनुष्य शरीर .

(१ ० )जो लोग नियमित रूप पेंटिंग की मार्फ़त खुद को अभिव्यक्त करते रहते हैं उनकी बे -चैनी कम होती है ,एंग्जायटी कम होती है .बेहतर स्वाभिमान बनाए रहते हैं पेंटर .हारीबीमारी भी कमतर भोगते हैं .

(१ १ )पोलिफिनोल्स पादपों में कुदरती तौर पर पाए जाते हैं .हमारी खुराक का एक महत्वपूर्ण अंश हैं पोलिफिनोल्स .पता चला है ये यौगिक oxidative stress को कम करते हैं .इसी स्ट्रेस को अनेक बीमारियों की वजह बतलाया  गया है .डार्क चोकलिट् में ये यौगिक मौजूद रहतें हैं .ये चित्त शामक ,भावशांति  का भी काम करते हैं तृप्ति का भी .


What is Oxidative Stress?


Oxidative stress is caused by an imbalance between the production of reactive oxygen and a biological system's ability to readily detoxify the reactive intermediates or easily repair the resulting damage.
All forms of life maintain a reducing environment within their cells. This reducing environment is preserved by enzymes that maintain the reduced state through a constant input of metabolic energy. Disturbances in this normal redox state can cause toxic effects through the production of peroxides and free radicals that damage all components of the cell, including proteins, lipids, and DNA.

In humans, oxidative stress is involved in many diseases, such as atherosclerosis,Parkinson's diseaseheart failure, myocardial infarction, Alzheimer's diseasefragile X syndrome and chronic fatigue syndrome, but short-term oxidative stress may also be important in prevention of aging by induction of a process named mitohormesis. Reactive oxygen species can be beneficial, as they are used by the immune system as a way to attack and kill pathogens. Reactive oxygen species are also used in cell signaling. This is dubbed redox signaling.

4 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

पनीर और सेव का रस, आज ही..

Anita ने कहा…

बड़े काम की छोटी बातें..आभार!

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

ये तो आपने घर में ही उपलब्ध चीजों से उपाय बता दिया, बहुत आभार.

रामराम.

madhu singh ने कहा…

सर जी ,सुन्दर प्रस्तुति तो हैही पर उपयोगिता की दृष्टि से बेजोड़