शनिवार, 24 मार्च 2012

एक साधारण सा रक्त परीक्षण करेगा दिल के दौरे की भविष्यवाणी .

एक साधारण सा रक्त परीक्षण करेगा दिल के दौरे की भविष्यवाणी .
एक अमामूली सा ब्लड टेस्ट अब समय रहते यह बतला देगा कहीं अगले पखवाड़े आपको दिल का दौरा तो पड़ने वाला नहीं है .
A Simple blood test can predict heart attacks/TIMES TRENDS/THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,P21.
अमरीकी रिसर्चरों को दिल के मरीजों में एब्नोर्मल सेल्स मिलीं हैं जो आम सेल्स के बरक्स खासी बड़ी हैं .असामान्य है विकृत हैं कुदरती कोशाओं से अलग दिखतीं हैं .
रिसर्चरों का यह भी कहना है अब एक आम रक्त परिक्षण से दिल के दौरे के खतरे को समय रहते भांप लिया जाएगा .
स्क्रिप्स ट्रांसलेश्नल साइंस इंस्टिट्यूट के साइंसदानों ने पता लगाया है ,जिन मरीजों को  दिल का दौरा पड़ा है उनकी एंडोथेलियल ब्लड सेल्स असामान्य तौर पर आकार में वृहद् हैं ,खराब हैं ,विकृति लिए हैं .कभी कभार इनमे एक से ज्यादा नाभिक (न्यूक्लियस )भी दिखतें हैं .
इन्हें जांच परख कर अब आइन्दा निकट भविष्य में पड़ने वाले दिल के दौरे का पता लगाया जा सकेगा .
साइंस ट्रांसलेश्नल मेडिसन में यह अध्ययन इसी सप्ताह प्रकाशित हुआ है .
चिकित्सकों को यह तो इल्म था क़ि  धूम्र पान जैसे व्यसन ,मोटापा ,खून में चर्बी का ज्यादा घुला रहना दिल की बीमारियों के खतरे के वजन को बढ़ा देतें हैं लेकिन दिल के दौरे क़ी प्रागुक्ति करना हृद -वाहिकीय विज्ञान(कार्डियो -वैस्क्युअलर साइंस    )के लिए 'खुल जा सिम सिम 'की तरह रहा है .होली ग्रेल रहा है .अलब्ध रहा है लेकिन इसे हासिल करने की बे -इन्तहा कोशिश की गई है .
इस अध्ययन में उन पचास मरीजों को शामिल किया गया है जो दिल का दौरा पड़ने के बाद आपात कालीन चिकित्सा के लिए अस्पताल पहुंचे थे .जांच करने पर इनमे ये एब्नोर्मल सेल्स मिले .
इसकी उपयोगिता और स्तरीयता का अन्यत्र प्रमाणीकरण होवे तो अगले बरस तक ही यह  परीक्षण आम जन को मयस्सर होवे , इसका विधिमान्यकरण प्रतीक्षित है .
राम राम भाई !  राम राम भाई !
नुश्खे सेहत के :
पेट में अफारा है ,बादी हो रही है या गैस बनती है ?
       सुबह उठते ही खाली पेट एक ग्लास ताज़ा जल के साथ दो कलियाँ छिलका हटाकर लहसुन की गटक लें .गैस से जुडी समस्याओं से राहत मिलेगी .
फेफड़ों को हवा ले जाने वाली नलियों में ब्रोंग्कस, में श्वसनी नलियों में यदि सूजन है जिसकी वजह से बुरी तरह खांसी आती है खांसी का दौरा सा पद जाता है ,ब्रोंकाइटिस या श्वसनी शोथ की चपेट में आयें हैं तब फूल गोभी का सूप गरमा गर्म आजमाइए .राहत मिलेगी .
Have a bowl of cauliflower soup to cure a bad bout of bronchitis.
राम राम भाई !  राम राम भाई !  राम राम भाई !
ज़रूरी नहीं है दिल का दौरा पड़ने पर एड्रीनेलिन की सुईं आपको रास आये .
Adrenaline shot may not always help heart patients./TIMES TRENDS/THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,MARCH 22,2012,P21.
एक जापानी अध्ययन के अनुसार अकसर दिल का दौरा पड़ने पर घर और अस्पताल के बीच राहत के लिए  दिल के मरीजों को एड्रीनेलिन (जिसे एपिनेफ्राइन भी कह देतें हैं ) का टीका लगा दिया जाता है ,लेकिन यह ज़रूरी नहीं है यह टीका दीर्घावधि असर के तौर पर हरेक को रास आये .
दिल की धड़कन यकायक बंद हो जाने पर अकसर मरीजों को घर और अस्पताल के बीच में एड्रीनेलिन का टीका लगा दिया जाता है .बेशक इनके दिल की ओर रक्त प्रवाह तो  शुरू हो जाता है दिल रक्त उलीचना भी शुरू कर देता है लेकिन महीने बाद ही ये ही मरीज़ बिना ब्रेन डेमेज के बचे रह जाएँ इसकी संभावना भी कम ही रह जाती है .
इसका मतलब यह हुआ उक्त टीका दिल को तो बचा लेता है लेकिन दिमाग को नुकसानी से  नहीं बचा पाता.इनके ब्रेन डेड होने की संभावना बढ़ जाती है .ब्रेन डेड होना अंतिम मृत्यु है ,क्लिनिकल डेड मरीज़ को मशीनों से ज़िंदा रखा जा सकता है .ब्रेन डेड को नहीं .
अपने अध्ययन में रिसर्चरों की टीम ने उन ४,१७ ,००० मरीजों पर गौर किया जो कार्डिएक अरेस्ट के बाद इलाज़  के लिए अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं तक २००५ -२००८  के दरमियान लाये गए थे .
अमरीका में हर बरस अस्पतालों के बाहर ही ३,८० ,००० लोगों के दिल की धड़कन अचानक रुक जाती है .
ऐसे में सी पी आर (कार्डिएक  पल्मोनरी री -सैशिटेशन यानी CPR)के अलावा कभी कभार बिजली का हल्का झटका भी दिल को चालु करने के लिए दिया जाता है लेकिन अधिकाँश मरीजों को अस्पताल की राह होने पर एड्रीनेलिन का टीका ही दिया जाता है .
ये टीका खून की उन नालियों को संकरा कर देता है उनमें सिकुडन पैदा कर देता है जो दिल को रक्त नहीं ले जातीं हैं जिनका रूख शेष शरीर की ओर रहता है .ऐसे में दिल तक अधिकतम रक्त की आपूर्ति होने लगती है .
अध्ययन की अवधि में कुल मिलाकर १५,००० लोगों को ही एड्रीनेलिन का टीका दिया गया था .इनमे से १९ %का सर्क्युलेशन एम्बुलेंस में ही चालु हो गया था .जबकि शेष को जिन्हें यह टीका नहीं दिया गया था इनमे से ६%के मामलों में ही ऐसा हो सका था .
यह अध्ययन अमरीकी चिकित्सा संघ  के एक प्रपत्र (जर्नल ऑफ़ अमरीकन मेडिकल अशोशियेशन ) में प्रकाशित हुआ है .
राम राम भाई !  राम राम भाई !  राम राम भाई !
नुश्खे सेहत के :
              अम्ल शूल,खट्टापन ,अम्लता,तीखापन ,अम्ल रोग यानी एसिडिटी   से बचाव के लिए एक लॉन्ग दोपहर और रात के खाने के बाद चूसें .चबाके खा जाएँ बाद में .
सर दर्द से बचाव के लिए प्रात :एक सेब नमक काली मिर्च लगाके खाएं .
राम राम भाई !  राम राम भाई !  राम राम भाई !
गर्भवती माताओं द्वारा कोकेन जैसी एक दवा का सेवन क्या क्या गुल खिला सकता है ?
Meth use by moms harm babies:/TIMES TRENDS/THE TIMES OF INDIA,MUMBAI /P21 .
जो माताएं मौज मस्ती के लिए कोकेन जैसी एक नशे की दवा 'मीथा-एम्फी -टेमाइन'का स्तेमाल करतीं हैं वह अपने अनजाने ही अपने अजन्मे को मुसीबत में डाल सकतीं हैं .
बाल्यावस्था में ही ऐसे बच्चों में व्यवहार से जुडी अनेक समस्याएं पैदा हो सकतीं हैं .एक नवीन अध्ययन के अनुसार जिन बच्चों का साबका (सामना )गर्भस्थ होने पर ही जन्म पूर्व ही ,इस कोकेन जैसे उत्तेजक पदार्थ से पड़ता है उनकी बढवार अवरुद्ध हो सकती है गर्भावस्था में ही .ऐसे में जन्म के समय इनका स्ट्रेस लेविल बहुत अधिक बढ़ जाता है .अंग संचालन सम्बन्धी विकास (मोटर डिवलपमेंट )भी असर ग्रस्त होता है .यही  लब्बोलुआब है इस अध्ययन का .
Amphetamine:It is a drug or any of its derivetive  .It was used earlier to treat depression and as an appetite suppresant.
Methamphetamine:It is also a form of of the stimulant amphetamine.Its chemical formula is C10H15N.
राम राम भाई !  राम राम भाई !  राम राम भाई !
हल्दी का एक यौगिक पार्किन्संस रोग का पुख्ता इलाज़ ?
Turmeric compound key to Parkinson's cure/TIMES TRENDS/THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,P21.
हल्दी  में मौजूद है एक यौगिक  'कुर्क्युमिन '(Curcumin) .समझा  जाता  है यह यौगिक न्यूरो -दिजेनरेतिव  डिजीज पार्किन्संस का पुख्ता इलाज़ बन सकता है .एक भरोसे मंद इलाज़ की ओर ले जा सकता है .यह एक ऐसी प्रोटीन को अपने निशाने पे ले लेता है जो इस अप -विकासी रोग की वजह बनती है .इस प्रोटीन का नाम है :अल्फा -सान्युक्लीन '(Alpha-synuclein).
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों ने पता लगाया है कुर्क्युमिन इस रेंगने वाली प्रोटीन को गुच्छ बनाने से रोक देता है .इस स्लो -रिग्लिंग प्रोटीन की यही क्लम्पिंग रोग के पहले चरण की नींव रख देती है .आदिनांक लाइलाज बने इस रोग से दुनिया भर में कोई चालीस लाख लोग असर ग्रस्त हैं .
नुश्खे सेहत के :
जायफल को बारीक पीसकर तिल के तेल में मिलाकर कमर के निचले भाग में मालिश करें ,कमर दर्द में राहत मिलेगी .
HEALTH TIPS:
  Add nutmeg seasame oil .Apply this mixture on your lower back for relief from backaches.
नुश्खे  सेहत  के  :
पैरों की बिवाई के लिए घी में नमक पाउडर मिलाकर सोने से पहले मलिए .
Apply ghee with some salt on the cracks on your feet before going to bed.

13 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी जिस पोस्ट का लिंक हमने दिया है नह तो यहाँ मौजूद ही नहीं है!
अब कैसे कहें कि बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!
नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएँ!

कुमार राधारमण ने कहा…

काम की खोज लगती है,बशर्ते यह बाज़ार में आए तो।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

कोई घरेलू टेस्ट के रूप में आये यह शोध।

रविकर ने कहा…

दिल के दौरे की खबर, इक पखवाड़े पूर्व |
रक्त जांच देगा पता, सचमुच खोज अपूर्व |

डा. अरुणा कपूर. ने कहा…

बहुत बढ़िया नुस्खे है!...एलोपेथिक दवाइयों के दुष्परिणाम से बचा जा सकता है!

रविकर ने कहा…

दिल के दौरे की खबर, इक पखवाड़े पूर्व |
रक्त जांच देगा पता, सचमुच खोज अपूर्व |

सचमुच खोज अपूर्व, कोशिका बढ़ जाती है |
एकाधिक हों केंद्र, सेल्स भी सड़ जाती है |

रविकर रखिये दूर, मुटापा मस्ती भारी |
दिल के दुश्मन क्रूर, बचा प्यारे बीमारी |

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वीरू भाई राम-राम ,
आज तो लगता है ,आपने सेहत का साप्ताहिक बुलेटिन पेश किया है :-)))) बढिया है !
आभार !

मनोज कुमार ने कहा…

ये तो बढिया ब्रेक थ्रू है। मामूली रक्त परीक्षण से दिल के दौरे की जानकारी मिल जाएगी।

Reena Maurya ने कहा…

अरे वाह..
बहुत बढ़िया-बढ़िया जानकारी है आपकी पोस्ट में....
धन्यवाद सहित आभार....

Arvind Mishra ने कहा…

जानकारियों की इन्द्रधनुषी बानगी !.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

वैज्ञानिकों का काम है रिसर्च करना ।
जीवन शैली ही बचा सकती है ।

mahendra verma ने कहा…

जिसका कोई नहीं
उसके लिए
प्रभु का प्यार है...
प्रकृति का दुलार है...

हां, प्रकृति अपनी ममता सब पर लुटाती है।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

लहसुन, फूल गोभी ... सभी कुछ काम का है कितना ...
और अब साधारण ब्लड टेस्ट से ह्रदय के रोग की जानकारी ... भई ये तो अच्छी खबर है ... जल्दी ही उपयोग में आये तो मज़ा है ...
राम राम जी ..