रविवार, 4 मार्च 2012

तेजाबी होने के सारे रिकार्ड तोड़ रहें हैं हमारे महासागर .

तेजाबी होने के सारे रिकार्ड तोड़ रहें हैं हमारे महासागर .
Oceans turning acidic at fastest pace in 300 million years  /THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,MARCH 3,2012/P19.
गत  तीस करोड़  सालों की अवधि में  दुनिया भर के महासागरों में तेजाबी पन  तेज़ी से बढ़ा है .यह एक दम से अप्रत्याशित तेजाबी वृद्धि इसलिए है इसने अब से पांच दसमलव छ :करोड़ बरसों पहले का रिकार्ड भी तोड़ दिया है .यह वह दौर था  जब ग्रीन हाउस गैस कारबन तेज़ी से उत्सर्जित हुई थी .
पृथ्वी के इतिहास में इस तापित अवधि (वार्म पीरियड )का मूल्यांकन आकलन करने पीछे मुडके  देखने , गौर करने से हमें मानव निर्मित जलवायु परवर्तन के संभावित आयामों को बूझने में मदद मिल सकती है .
तेजाबी होते समुन्दर सबसे पहले कोरल रीफों (प्रवाल और मूंगा की चट्टानें )को लील जातें हैं .जबकि ये प्राकृत आवास होतें हैं अनेक जीवों और पादपों का .
अलावा इसके तेज़ी से गंधाते तेजाबी गंध से महासागर 'mussels' और oysters को अनुरक्षण कवच (हिफाज़ती हार्ड शेल ,)   भी  नहीं बना देते .
मसल (mussel)सीपी  में  रहने  वाली खाने की छोटी समुद्री मछली होती है(a shellfish) जिसका काला खोल दो भागों में बंटा  रहता है .
आइस्टर(oyster) भी एक प्राकार की शंखमीन होती है जिसे लोग खाते हैं कुछ शंख मीनों से मोती निकलतें हैं . 
तेजाबी होते समुन्दर स्माल ओर्गेनिज्म को भी व्यवधान पहुँचातें हैं .
salmon मच्छी  का यही जैविक संगठन चारा बनते हैं ,फीड करतें हैं इन्हें .लेकिन तेजाबी होते समुन्दर इनसमुद्री  पारि- तंत्रों को नुक्सान पहुंचा रहें हैं .

अमरीकी राष्ट्रीय सागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशाशन (US National Oceanic and Atmospheric Administration )ने समुन्दरों के तेज़ी से होते तेजाबीकरण की पड़ताल और प्रदर्शन किया है .अमरीकी कोंग्रेस को बा -खबर किया है इस बाबत .
  जब वायुमंडल में अधिक कार्बन दाखिल होती है तब समुन्दर तेजाबी हो उठतें हैं .पूर्व उद्योगिक युग में ऐसा कुदरती कारबन स्पंदों के रूप में हुआ करता था.लिहाजा इस दौरान आलमी तापमानों (भूमंडलीय तापमानों और गर्माहट )में वृद्धि हो जाती थी .
साईन्सानों ने यही इत्तल्ला विज्ञान प्रपत्र 'साइंस 'को दी है .
मानवीय गति विधियों से इतर जिस कद्र जीवाश्म ईंधनों का सफाया हुआ है उसने उद्योगिक क्रान्ति के आरंभिक चरण की बनिस्पत आज वायुमंडली कारबन को तब के २८० पी पी एम् (पार्ट्स पर मिलियन ,प्रति दस लाख भागों में मौजूद कार्बन की मात्रा )से बढ़ाकर ३९२ पी पी एम् कर दिया है .
राम राम भाई !  राम राम भाई !
नुश्खे सेहत के :
सर दर्द से राहत के लिए लेमन जूस में पानी मिलाके पीजिये .
फॉर ड्राई स्किन :
  शुष्क (खुश्क )चमड़ी वाले ध्यान दें  :Aloe -vera gel में विटामिन ई आइल मिलाकर मास्क लगाएं .सूखने दें इसे .
राम राम भाई !  राम राम भाई !
   नुश्खे सेहत के :   Apple cider vinegar :बालों (केश क्यारी )को चमकदार बनाता है .सन बर्न से राहत दिलवाता है .किसी कीड़े के काटने के बाद इसे मलिए आराम आयेगा .अलावा इसके यह बालों से रूसी हटाता है .
Apple cider vinegar adds shine to hair ,soothes sunburn ,insect bite and controls dandruff.
Apple cider ताज़े एपिल के ज्यूस से तैयार की गई शराब है .इसमें एल्कोहल नहीं होता है .सिरका 'रेड वाइन सिरका 'वाईट सिरका' ,'एपिल साइडर सिरका ',हाँ जामुन से भी तैयार किया जाता है बहु -उपयोगी सिरका .
हाथों की मुलामियत के लिए :
एक चाय का चम्मचभर  जैतून का तेल (olive  oil ),एक कैप्स्यूल विटामिन ई का और एक चाय का चम्मच भरके    मिल्क पाउडर मिलाकर हाथों पर मालिश कीजिए .हफ्ते में बस दो बार .फिर देखिये हाथों की लुनाई ,नरमी ,कोमलता .For soft hands ,mix one tea spoon full of olive oil ,one Vitamin E capsule and one tsp powdered milk and massage into your hands twice a week.




14 टिप्‍पणियां:

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

वाह!
आपके इस प्रविष्टि की चर्चा कल दिनांक 05-03-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर भी होगी। सूचनार्थ

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

प्रकृति को लेकर हर तरफ से बस डराने वाली ही ख़बरें आती हैं आजकल

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत बढ़िया प्रस्तुति!
होली की शुभकामनाएँ!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

यही तेजाब साँसों में जाता है हमारी..

रविकर ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति

आभार ।।

दिनेश की टिप्पणी : आपका लिंक

dineshkidillagi.blogspot.com


होली है होलो हुलस, हुल्लड़ हुन हुल्लास।
कामयाब काया किलक, होय पूर्ण सब आस ।।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बात सागर से शुरू कर सौंदर्य प्रसाधनों तक आई ... अच्छी प्रस्तुति ...होली की शुभकामनायें

anju(anu) choudhary ने कहा…

वातावरण ,सौंदर्य और सहेत ...बेजोड मेल रहा इस लेख में ...आभार

डॉ टी एस दराल ने कहा…

सब कुदरत की माया है . बस इतना कह सकते हैं --जब दुनिया को बनने में इतना समय लगा था , तो बिगड़ने में भी अभी समय लगेगा .

expression ने कहा…

बढ़िया जानकारियाँ.....
ग्लोबल से लेकर गाल/बाल तक...
शुक्रिया सर...


होली की शुभकामनाएँ
सादर.

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वीरू भाई ,राम-राम !
आज छोडो तेज़ाब की बातें
हुस्नो-शबाब की बात करो
होली के रंगीन मौके पर
कुछ रंगों-गुलाब की बात करो |
होली मुबारक ... होली है ,भाई होली है ....

मनीष सिंह निराला ने कहा…

सुन्दर आलेख !
आभार!

कुमार राधारमण ने कहा…

मनुष्य की आदतें और ज़रूरतें किसी चीज़ को शुद्ध नहीं रहने देंगी।

शिखा कौशिक ने कहा…

you have given precious information in your every post .thanks a lot sir ! . ye hai mission london olympic

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अभी इंसान जागने के मूड में नज़र नहीं आ रहा ... जब डूबने लगेगा तब सोचेगा ...