मंगलवार, 20 मार्च 2012

किशोर द्वारा दर्द नाशी दवा के गलत स्तेमाल का खामियाजा .

राम राम भाई !  राम राम भाई !
किशोर द्वारा दर्द नाशी दवा के गलत स्तेमाल का खामियाजा .अशोक थोरात (उम्र सोलह बरस )ने पेट और कमर दर्द रहने पर उसकी चिकित्सा अपने आप शुरू कर दी .यह एक ही ब्रांड की दर्द नाशक दवा की गोलियां जनवरी के पूरे महीने  ४-५ रोज़ के हिसाब से खाता रहा .फरवरी में दर्द से एक दम अशक्त होने के बाद इसे अस्पताल में आके भर्ती होना पड़ा .जांच से पता चला इसके पेट में अल्सर था जो मनमाने अविवेकपूर्ण दर्द नाशी भकोसते रहने से बद से बदतर हो गया .यहाँ तक के इन अल्सरों में छिद्रण हो गया .बर्स्ट हो गए ये अल्सर .एक बेहद की पेचीला सर्जरी के तहत उदर और आंत्र शल्य चिकित्सा के माहिर गैस्ट्रो-इन -तेस्तिनल सर्जन ने इसके उदर से वसा की    एक पर्त निकालकर इन छिद्रों को बंद किया .
माहिरों के अनुसार अपने अनजाने इन दवाओं के नुक्सानात से ना -वाकिफ युवा इनका अधिकाधिक स्तेमाल कर रहें हैं .जो बहुत ही खतरनाक काम है .दर्द नाशियों के मनमाने अविवेकपूर्ण स्तेमाल ने ही घावों को बद से बदतर कर बर्स्ट करवा दिया .
सर्जरी का यह करिश्मा कल्याण स्थित 'फोर्टिस अस्पताल' के उद्रान्त्र सर्जन डॉ .अशोक बोरिस्सा ने कर दिखाया है . यह एक पेचीला शल्य कर्म था .
दर्द नाशियों का मनमाना अविवेकी स्तेमाल अनेक तरह के जोखिम पैदा करदेता है .
जिनमे शामिल हो सकतें हैं :
(१)गुर्दों की नुकसानी ( kidney damge ).
(2)ह्रदय गति का रुकजाना (cardiac arrest).
(3)कब्ज़  का  बने  रहना  (constipation).
(4)आंत्र छिद्रण (Perforations in  intestines.).
(5)मिचली /मतली /उबकाई /उलटी होने की अनुभूति (Nausea).
सन्दर्भ  -सामिग्री  :Painkiller abuse drills holes in teen's stomach/SUNDAY TIMES /MARCH 18 ,2012,FRONT PAGE .
राम राम भाई !  राम राम  भाई !
नुश्खे सेहत  के :
  ताम्बई चमड़ी से छुटकारे के लिए (धूप में देर तक बैठने ,सूरज को ताकते रहने से चेहरे की त्वचा का रंग ताम्बे जैसा हो जाता है )हल्दी पाउडर के साथ कच्चा (बिना उबाला हुआ )दूध मिलाकर एक  पेस्ट तैयार करें इसे चेहरे पे लगाके १५ मिनिट के बाद चेहरा धौ डालें .
To get rid of a tan ,apply a paste of turmeric powder and milk on your face ;wash it off after 15 miniutes.
कील मुंहासों से राहत के लिए कच्चे लहसुन की तीन कलियाँ रोजाना एक महीने तक  खाएं .
Acne can be cured by eating three cloves of raw garlic once a day for a month .
रेशों  से ,फाइबर्स या रफेज़ भरपूर मूली पाचन में सहायक   है.जल  की मात्रा को भी शरीर में बनाए रहती है मूली,  बवासीर में राहत पहुंचाती है .
Radish is rich in roughage  .This facilitates digestion and retains water ,which helps in relieving piles.
स्त्राबेरीज़ में मौजूद फिनोल्स (phenols )ओस्टियोआर्थरायतिस से मुकाबले  में राहत पहुंचाती है .ओस्तियोआर्थ्राइतिस एक इन्फ्लेमेत्री(शरीर में सूजन और जलन पैदा करने वाला प्रज्वलन कारी  विकार है) डिसऑर्डर है .
The phenols in strawberries fight against inflammatory disorders such as osteoarthritis.
Osteoarthritis:It is a degenerative disease of joints resulting from wear of the articular cartilage,which may lead to secondary changes in the underlying bone .The joints are painful and stiff with restricted movement.
It is a type of arthritis marked by progressive cartilage deterioration in synovial joints and vertebrae .

जुल्म की मुझ पे , इंतिहा कर दे ,
मुझसा ,बे -जुबाँ, फिर कोई मिले ,न मिले .
पूरी शताब्दी हो गई  है नपुंसक   ,
पिछले  दो   सौ  सालों   से  ,देख  रही  है ,बलात्कार .
ये हाल हैं बांग्ला देश के चकला घर के.यहाँ यौन  -   कर्मी कैद हैं जो गोतेमाला  के बंदी गृह को मात देतें हैं .यहाँ कम उम्र की मासूमों को मांसल दिखलाने के लिए ,पीन -स्तनी ,दर्शाने के लिए उन्हें दिया जा रहा है एक  स्तीरोइड'औराड़ेक्सोंन '( Oradexon).
यही  वह स्तीरोइड है जो कुछ किसान गायों को मांसल बनाने के लिए देतें  हैं ताकि प्रति किलोग्राम वजन उनसे ज्यादा मांस प्राप्त किया जा सके .
वहां चाय बीडी सिगरेट की दुकानों पर यह स्तीरोइड आम मिल रहा है .क्षुधा   वर्धक  है यह स्तीरोइड जो गरीबी   को ढक लेता है .जोबन से मदमाती खाते पीते घरों की दिखाता है इन बे -ज़ुबानों को .
इसके सेवन के बाद ये गरीब लडकियां  आराम से 10-15 ग्राहकों   को निपटा   लेतीं   हैं .भले     इनके   दीर्घावधि  असर  सर्व  ज्ञात   हैं .भले अन्दर    से टूटी   हुई  बे -जान  ,बे -रूह  हों , ये निस्सहाय आत्माएं .
  

Teenage brothels hold dark secreot‎

The neighborhood of around a hundred of buildings with more than 800 small rooms is one of the 14 official brothels of Bangladesh, but are in essence a prison for around 900 sex workers. The young sex workers of this brothel must serve at least 10-15 customers each day. It is common practice among prostitutes of Kandapara brothel in Tangail to take steroids like Oradexon — a steroid used by farmers to fatten their cattle. The drug can be found in any tea or cigarette stall around the brothel. It increases their appetite, making them gain weight rapidly and giving the appearance that these poorly nourished teens are in fact healthy and older - attracting clients who prefer girls with "curves".Oradexon, they say, keeps them going, even though there are known risks associated with its long-term use. Here is a photo essay by Andrew Biraj that takes a look at the dark secret behind Bangladesh's "teenage" brothels.

राम राम भाई !  राम राम भाई !  राम राम भाई !

मुख दुर्गन्ध नाशी ही नहीं मुख कैंसर से भी बचाती है 'ग्रीन  टी '
Green tea can beat bad breath ,cancer/TIMES TRENDS/THE TIMES OF INDIA ,MUMBAI ,P15/MARCH 19,2012.
इजराइल    प्रोद्योगिकी    संस्थान   की एक ताजातरीन शोध के अनुसार 'ग्रीन- टी' न सिर्फ दुर्गन्ध  मय सांस(मुख निश्वास से पैदा दुर्गन्ध )   से   बचाती है ,मुख कैंसर से भी बचाव कर सकती है .
यह कमाल है इसमें मौजूद  उन जादुई पोलिफिनोल्स (एंटीओक्सिडेंट )का जो मुख में ऐसे कई यौगिकों का खात्मा कर देतें हैं जो दुर्गन्ध  की वजह बनतें हैं .दंत क्षय और ओरल कैंसर की वजह भी यही यौगिक बनते हैं .इसीलिए इसे अब कुदरती सुपर फ़ूड माना जाने लगा है .कुदरत का ऐसा तोहफा जो न सिर्फ हृद रोगों और कैंसर रोग समूह से बचाए रह सकता है,खून से चर्बी भी निकाल बाहर करता है .पार्किन्संस एवं लाइलाज बने एल्जाईमार्स रोग को भी मुल्तवी रखे सकता है .
ताज़ा शोध में रिसर्चरों ने एक ख़ास फिनोल ई जी सी जी (EPI-GALLO-CATECHIN  3  GALLATE,संक्षिप   रूप EGCG) की  पड़ताल  की  है  .यही इस हरी -चाय का प्रमुख घटक है .मुख स्वास्थ्य को बनाए रखने में अब ग्रीन टी की ओर अधिकाधिक ध्यान गया है .हालाकि हरी चाय और साधारण चाय का पौधा एक ही है लेकिन दोनों के संश्लेषण का ,संशाधन का तरिका जुदा है .इसमें  केफीन की मात्रा कमतर रह  जाती है .केफीन शून्य भीइसे बनाया जा सकता है  .अलग स्वादों में भी .लेकिन डेरा रहता है इसमें पोलिफिनोल्स  का .
चीन , धुर पूरब में यह हज़ारों सालों से चलन में है .अब ब्रितानी
 लोग भी इसका दीवाना होने लगें हैं ,अमरीकी भी .भारतीय भी जो खुद से प्यार करतें हैं .    
इसका केलोरी भार भी कम रहता है क्योंकि यह बिना दूध बिना शक्कर के ही पी जाती है .
उल्लेखित अध्ययन  आर्काइव्ज़ ऑफ़ ओरल बायलोजी में प्रकाशित हुआ है .
राम राम भाई !  राम राम भाई !  राम राम भाई !
नुश्खे सेहत के :
       कील मुंहासों से छुटकारे के लिए नारियल के तेल में ताज़ा मीठा  नीम्बू(Lime  juice) निचोड़ के मिलाये .चेहरे पर हलके हलके लगाएं .जहां जहां मुंहासे हैं वहां वहां .
ड्राईनेस इन दी आईज ?
बारबार पलकें झपकाते रहिये (.कुछ लोगों को घूरने घूरते रहने की आदत होती है ,अच्छी नहीं है यह आदत ,सौन्दर्य बोध भी नष्ट होता है ,एशियाइयों का ख़ास शगल  है यह  ).बारहा पलकें झपकाते  रहिये .आँखों का सूखापन कम होगा .
Blinking your eyelids regularly is an effective remedy to cure dryness  in the eyes.
राम राम भाई !   राम राम भाई !  राम राम भाई !मधुमेह के खतरे को बढाता है सफ़ेद चावल .

परिष्कृत सफ़ेद पोलिश किया हुआ चावल प्रमुख भोजन के रूप में मधुमेह के खतरे को बढ़ा सकता है .ब्रितानी विज्ञान प्रपत्र 'ब्रिटिश मेडिकल जर्नल 'के ताज़ा अंक में रिसर्चरों ने यही दावा किया है .
हार्वर्ड के शोध कर्ताओं ने यह नतीजा   ऐसे ही नहीं निकाल लिया है इसके लिए दो एशियाई मूल के लोगों खासकर   चीन और जापान के वासिंदों पर तथा  दो पश्चिम के वासिंदों खासकर   अमरीका और ऑस्ट्रेलियाई आबादी पर संपन्न   अध्ययनों का पुनाराकलन किया गया है, विस्तृत समीक्षा की गई है .ज्ञात  हो  भारत  के भी कितने ही राज्यों में चावल प्रमुख खाद्य बना हुआ है .
इस सन्दर्भ में हमें बार -बार मूल चंद अस्पताल के प्रख्यात हृदय रोग विज्ञानी डॉ .के .के अग्रवाल का विस्तार व्याख्यान याद आता है जो पूर्वा सांस्कृतिक केंद्र,डिस्ट्रिक्ट सेंटर लक्ष्मी नगर  ,नै  दिल्ली में आपने दिया था . किस्सा गोई करते करते ही आपने यह बतला दिया था कि  सफ़ेद परिष्कृत चीज़ें (सफ़ेद चावल ,चीनी ,मैदा आदि ) सेहत  के लिए ठीक  नहीं हैं  खासकर उनके लिए  जिनकी  जीवन  शैली  में बैठे  बैठे काम  करने  की मजबूरी  है .यूं ही ब्राउन राईस को हैप नहीं किया गया है .मोटे अनाज का फंडा फ़िज़ूल नहीं है .
सन्दर्भ -सामिग्री :White rice may raise daibetes risk:/TIMES TRENDS/THE TIMES OF INDIA ,MUMBAI ,P15 ,MARCH 19 ,2012.
लेबल :सफ़ेद चावल ,मधुमेह ,जीवन शैली .

5 टिप्‍पणियां:

यादें....ashok saluja . ने कहा…

राम-राम भाई जी ,
भाई के ब्लॉग पर हर एक की मनचाही जानकारी..,ज्ञान-वर्धक, बल-वर्धक और ध्यान -वर्धक ! जो चाहे ले लो :-))
आभार!

कुमार राधारमण ने कहा…

बिना पर्ची के इनकी बिक्री बंद होनी चाहिए।

मनोज कुमार ने कहा…

एक साथ इतनी जनकारी और बेहद उपयोगी। मैं तो चावल खाता ही नहीं। और दर्द नाशक दवाओं से परहेज ही रखता हूं।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सब कुछ मिलता है इस ब्लॉग पे ...
सेहत के नुस्खों से ले कर रोचक जानकारी ...
मज़ा आ गया .. राम राम जी ...

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

ज्ञान-वर्धक लेख....