सोमवार, 19 सितंबर 2016

सेना के जो शिविर में, छिप कर करते घात। अब होनी ही चाहिए, उनकी नष्ट जमात।


दोहे "अब तो करो प्रहार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')
उरी में 17 जवान शहीद, पीएम सिर्फ जुबानी खर्च में जुटे
सीमाओं पर पाक का, बढ़ा सतत् उत्पात।
बद से बदतर हो रहे, दुश्मन के जुल्मात।१।
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सैनिक अपने मर रहे, चिन्ता की है बात।
आँखें सबकी नम हुई, लगा बहुत आघात।२।
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बन्द कीजिए पाक से, कूटनीति की बात।
बता दीजिए नीच को, अब उसकी औकात।३।
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बाँटी हमने पाक को, अभी तलक खैरात।
सदा-सदा के लिए अब, उससे पाओ निजात।४।
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आतंकी-कुख्यात को, मत करना विख्यात।
सुलह-सफाई-मित्रता, होती नहीं बलात।५।
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निर्दोषों की मौत का, कर दो साफ हिसाब।
उसकी भाषा में उसे, दे दो आज जवाब।६।
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सेना के जो शिविर में, छिप कर करते घात।
अब होनी ही चाहिए, उनकी नष्ट जमात।७।
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आहत माँ-बहनें करें, मोदी आज गुहार।
रणभेरी की चाहिए, होनी अब हुंकार।८।
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सहने की सीमा गयी, अब तो करो प्रहार।
गीदड़ की अब माँद में, घुस कर कर दो वार।९।

http://uchcharan.blogspot.com/2016/09/blog-post_37.html?spref=fb

मेरे देश के नौजवानो!घाटी के उड़ी  क्षेत्र में घात लगाकर जैश-ए -मोहम्मद का  पाकी शह पर किया गया हमला कोई नै बात नहीं है। नै बात यह है :

(1)घाटी में पहली मर्तबा हमारी फौज ने अलगाववादियों को खुले निशाने पे लिया है।

(2) पाकिस्तान द्वारा बंधक बनाके रखे हुए काश्मीर में भारतीय फौज के समर्थन में बारहा नारे लगे है। तिरंगा फहराया गया है और यह सब आकस्मिक तौर पर नहीं हुआ है ,आज़ादी के बाद इस क्षेत्र के लोगों के साथ  चली आई पाकिस्तानी ज्यादतियों का नतीज़ा रहा है।

(३ ) बलूचिस्तान एक टिंडर बॉक्स बन चुका है। आग के मुहाने पर बैठा है। आज़ादी चाहता है यह हिस्सा पाकिस्तान से।

इसके बाद कितना बच जाता है पाकिस्तान ?



फौज के केम्प में  सैनिकों के तंबुओं में आग लगाना  कायराना हमला है ,दुखद ज़रूर है हताशा की  वजह न बने यह ज़रूरी है।

ड्यूटी बदल के समय घात लगाकर किया गया हमला घाटी में मीरजाफरों के होने की पुष्टि करता है।

 जब बलोचिस्तान का मुद्दा पहली मर्तबा गर्माया है ,पाकिस्तान द्वारा ज़बरिया ज़रूरी सुविधाओं से वंचित रखे गए काश्मीर के एक हिस्से में आज़ादी की सुगबुआहट है तब कुछ न कुछ आकस्मिक होना ही था।

पाकिस्तान को जब पागल -पन का दौरा पड़ता है वह भारत पर एटमी हमले की बात करता है। भारत के पास उलट वार की बाकायदा हैसियत है जिसके बाद भारत तो फिर भी बच जाएगा -पाकिस्तान जो अब बचा ही कितना है दुनिया के नक़्शे से नेस्तनाबूद हो कायेगा।

2 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

दोहे पसन्द करने के लिए आपका आभार मित्रवर।

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (21-09-2016) को "एक खत-मोदी जी के नाम" (चर्चा अंक-2472) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'