सोमवार, 2 दिसंबर 2013

बा -मुश्किल ही पहुँच पातीं हैं औरतें काम शिखर पर (दूसरी किश्त )

रविकर 

श्वासों से सरगम बजे, गम से तो उच्छ्वास |

क्या है कामानन्द का, सजना सजनी पास |
सजना सजनी पास, बराबर चूमाचाटी |
पारस्परिक विलास, मार नहिं व्यर्थ गुलाटी |
है मैराथन रेस, आतंरिक शक्ति हुमा सो |
बाकी है कुछ काम, ठहर जा लम्बी श्वासों ||

बा -मुश्किल ही पहुँच पातीं हैं औरतें काम शिखर पर (दूसरी किश्त )

कामानन्द शिखर पार कर लेना औरतों के लिए एक अबूझ पहेली ही रहा आया है। टेढ़ा मेढ़ा दुर्गम पथ है। जहां गम्भीर रागात्मक जुड़ाव है वहाँ फिर भी कभी कभार महिलाएं यौन -शिखर को छू लेती हैं लेकिन आकस्मिक प्रेममिलन में ऐसा बिरले ही हो पाता है। दो ब्रितानी अध्ययनों का यही हासिल है। अध्ययन में २१ महाविद्यालयों के २४ ,०० ० छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया। जहां केजुअल सेक्स के मामले में ४० फीसद महिलाएं ही कामशिखर तक पहुँच सकीं वहीँ ८०%पुरुष ऐसा कर सके। 

बेशक मर्द के जननांग जल्दी उत्तेजन प्राप्त करते हैं लिंगोत्थान एक स्विच की तरह हो जाता है। लेकिन महिलाओं के मामले में यह रास्ता बड़ा लंबा है। देर में तय हो पाता है किसी कुशल यौन  खिलाड़ी के संग। औरत बा -रहा छू सकती है इस शिखर को कोई काम कला प्रवीण चाहिए उसे इस शिखर तक संग देने के लिए। 

आइये देखें क्या कहते हैं माहिर इस विषय में :

DR DEBBY HERBENICK,PHD,RESEARCH SCIENTIST AT INDIANA UNIVERSITY AND AUTHOR OF SEX MADE EASY 

स्त्री -पुरुष का प्रेम मिलन में  मैथुन (यौनिक )एक आम व्यवहार है जो सुगमता से पुरुष को यौनानन्द को प्राप्त करा देता है लेकिन महिला के मामले में भी ऐसा शत प्रतिशत हो यह  ज़रूरी नहीं है। 

कुछ महिलाओं को यौन पूर्व उत्तेजन के रूप में ओरल सेक्स चाहिए तो कुछ  को यौनिमार्ग  में आंगुलिक दखल। सीधा लिंग प्रहार नहीं चाहिए। अनेक रास्ते हैं जो काम -चोटी की ओर  जाते हैं। 

सबका अपना पाथेय पंथ एकाकी है ,
अब होश हुआ जब इने गिने दिन बाकी हैं। 

असल बात है परस्पर यौनिक संवाद। बे -झिझक होना। यौन सरगम से वाकिफ होना।औरतें फिर भी मर्द का मन रख लेतीं  हैं।  काम शिखर पर पहुँचने का अभिनय करके पूर्ण विराम ले लेती हैं मर्द अल्प विराम भी ले ले तो बात बन जाए। असल बात है परस्पर  कनेक्ट होना।एक दूसरे की यौन धौंकनी की साँसों को जान लेना। 


What is the most sensitive erotic zone on a woman?


Answer:

A woman has many erotic zones: from obvious areas, to the not-so-obvious areas. 


Generally speaking, the clitoris would be the most sensitive area on a woman. There are literally thousands of nerve endings compacted into an area about the size of a small peanut. The clitoris is located above the vaginal opening - that small button-like area covered with a bit of skin known as the clitoral hood. 

Another very sensitive area is the G-Spot. This is located about 2-3 inches inside the vaginal opening against the frontal wall. It is a nickel- to quarter-sized soft, spongy organ, and can be stimulated byrepetitive stroking. 

Other sensitive areas include: nipples, anus, toes, lips, ears, neck, small of back, knees, fingertips, and much, much more! Ask your woman what turns her on. Every woman is different. Some may even find something like the inside of their forearms to be an erotic zone. 

It is just as much about the mental excitement as it is the physical excitement. A woman's mental fantasy can completely push her over the edge with the addition of physical play. Keep the lines of communication open; you will surely not fail (at least not completely) in your quest to pleasure her if you know what she likes.

(ज़ारी ) 


4 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

एक दूसरे को पूरी तरह समझना आवश्यक है।

रविकर ने कहा…

श्वासों से सरगम बजे, गम से तो उच्छ्वास |
क्या है कामानन्द का, सजना सजनी पास |
सजना सजनी पास, बराबर चूमाचाटी |
पारस्परिक विलास, मार नहिं व्यर्थ गुलाटी |
है मैराथन रेस, आतंरिक शक्ति हुमा सो |
बाकी है कुछ काम, ठहर जा लम्बी श्वासों ||

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।। त्वरित टिप्पणियों का ब्लॉग ॥

Neeraj Kumar ने कहा…

बहुत सुन्दर और ज्ञानवर्धक विवेचन ..