व्हाट इज ओल्य्म्पिक टावर २०१६ ?
कोटों -डूबा आयलंड (पानी से घिरा एक द्वीप है )यहीं पर एक ऊर्ध्वाधर स्तंभ (वर्टिकल टावर )खड़ा किया जाएगा जिसे ओलम्पिक टावर २०१६ कहा जा रहा है .आपको बतलादें ओलम्पिक २०१६ रियो -दे -जनेर्रियो में ही संपन होने हैं .यह टावर हवाई एवं समुंद्री मार्ग से आने जाने वालों पर नजर भी रखेगा एक स्वागत पोस्ट का काम भी करेगा ।
दी प्रोजेक्ट इज फ्रॉम ज़ुरिकुए ,एंड युतिलाइज़िज़ सोलर एनर्जी ड्यूरिंग दी डे विद इट्स सोलर पावर पेनल्स टू पम्प सी वाटर .ज़ाहिर है यह क्लीन एनर्जी ग्रीन एनर्जी की एक मिसाल प्रस्तुत करेगा दुनिया भर को .
रविवार, 21 नवंबर 2010
व्हाट इज ए मैप लेजेंड ?
व्हाट इज ए मैप लेजेंड ?
मैप लेजेंड एक प्रकार की निर्देशिका है जो किसी नक्शे में प्रयुक्त सभी सिम्बल्स (संकेत -चिन्हों -सूत्रों )का खुलासा करती है .किसी स्थान की पूरी स्थलाकृति (टोपो -ग्रेफ़ी ),हरियाली (ग्रीन कवर )आदि को कुछ आकृतियों और रंगों में दर्शाया जाता है मैप लेजेंड पर .मैप लेजेंड संक्षेप में कहें तो उस स्थान विशेष की एक डिक्सनरी है ,शब्द -कोष है .जो नक्शे को समझाती है खोल कर .इसमें सर्फेस फीचर्स ,टोपो -ग्रेफ़ी ,वेजिटेशन आदि के लिए मानक और विशिष्ठ (यूनीक सिम्बल्स )का स्तेमाल ही किया जाता है .
मैप लेजेंड एक प्रकार की निर्देशिका है जो किसी नक्शे में प्रयुक्त सभी सिम्बल्स (संकेत -चिन्हों -सूत्रों )का खुलासा करती है .किसी स्थान की पूरी स्थलाकृति (टोपो -ग्रेफ़ी ),हरियाली (ग्रीन कवर )आदि को कुछ आकृतियों और रंगों में दर्शाया जाता है मैप लेजेंड पर .मैप लेजेंड संक्षेप में कहें तो उस स्थान विशेष की एक डिक्सनरी है ,शब्द -कोष है .जो नक्शे को समझाती है खोल कर .इसमें सर्फेस फीचर्स ,टोपो -ग्रेफ़ी ,वेजिटेशन आदि के लिए मानक और विशिष्ठ (यूनीक सिम्बल्स )का स्तेमाल ही किया जाता है .
हू इज ए ट्वीट-हार्ट ?
हू इज ए ट्वीट -हार्ट ?
भाई -साहिब सीधा सा रूल है ,नियम है ट्वीटर पर बने रहो ,ट्वीट हार्ट बन जाओगे ।
बहर -सूरत ट्वीट -हार्ट एक ऐसी शख्शीयत को कहा जाता है जिसके बेशुमार चहेते उसे ट्वीटर पर फोलो करते हैं .इंतज़ार करते हैं उसकी त्वीट्स का ।
ट्वीट हार्ट आपके बिग -बी भी हो सकतें हैं शशि -थरूर भी .वह ब्लोगर रवीश कुमार भी हो सकतें हैं अरुंधती रॉय भी .कई नाम चीन हस्तियाँ अपना कच्चा चिठ्ठा ट्वीटर पर परोस रहीं हैं ,त्वीतार्स इसे हाथों हाथ ले रहें हैं ।
जिन्हें अपना जीवन साथी ट्वीटर की मार्फ़त मिल गया है वह भी एक तरह से ट्वीट- हार्ट कहातें हैं .सवाल नेट्वर्किंग का है .ट्वीटर पर बने रहिये ,दीखते रहिये ,अपनी प्रिज़ेंस बनाये रहिये .आप भी एक दिन ट्वीट -हार्ट बन सकतें हैं .सवाल बने रहने का है सार्थक तरीके से .
भाई -साहिब सीधा सा रूल है ,नियम है ट्वीटर पर बने रहो ,ट्वीट हार्ट बन जाओगे ।
बहर -सूरत ट्वीट -हार्ट एक ऐसी शख्शीयत को कहा जाता है जिसके बेशुमार चहेते उसे ट्वीटर पर फोलो करते हैं .इंतज़ार करते हैं उसकी त्वीट्स का ।
ट्वीट हार्ट आपके बिग -बी भी हो सकतें हैं शशि -थरूर भी .वह ब्लोगर रवीश कुमार भी हो सकतें हैं अरुंधती रॉय भी .कई नाम चीन हस्तियाँ अपना कच्चा चिठ्ठा ट्वीटर पर परोस रहीं हैं ,त्वीतार्स इसे हाथों हाथ ले रहें हैं ।
जिन्हें अपना जीवन साथी ट्वीटर की मार्फ़त मिल गया है वह भी एक तरह से ट्वीट- हार्ट कहातें हैं .सवाल नेट्वर्किंग का है .ट्वीटर पर बने रहिये ,दीखते रहिये ,अपनी प्रिज़ेंस बनाये रहिये .आप भी एक दिन ट्वीट -हार्ट बन सकतें हैं .सवाल बने रहने का है सार्थक तरीके से .
१० वाट के बल्ब को ही जीरो -वाट कह दिया जाता है .क्यों ?
व्हाई इज ए १० वाट बल्ब नॉन एज ए जीरो वाट बल्ब ?
बिजली के बल्ब को रोशन करने के लिए इनपुट तो चाहिए ही ,यह इनपुट पावर जीरो कैसे हो सकती है ?कुछ न कुछ वाटेज़ तो खर्च होगी ही .हाई -रेजिस्टेंस बल्ब होता है १० वाट का जो न्यूनतम करेंट लेता है .करेंट और वोल्टेज का प्रो -डक्ट(गुना )ही तो वाटेज़ है .जीरो वाटेज़ जीरो न होकर न्यूनतम वाटेज़ को ही कह दिया जाता है ।
वाट -आवर -मीटर जो अब तक चलन में थे उतने एक्यूरेट नहीं थे जो १० वाट को बत्लादें .इनकी रोटेटिंग डिस्क १० वाट की टोह ही नहीं ले पाती थी ।
अधुनातन मीटर एक दम से संवेदी और एक्यूरेट हैं इसलिए गेजेट्स की पावर भी ऑफ़ रखिये ,इंडी -केटर्स भी .इसलिए जीरो वाट एक मिस्नोमर है ,जीरो -केलोरी ड्रिंक और जीरो -साइज़ लोंडिया की तरह .(करीना कपूर से क्षमा याचना सहित ).
बिजली के बल्ब को रोशन करने के लिए इनपुट तो चाहिए ही ,यह इनपुट पावर जीरो कैसे हो सकती है ?कुछ न कुछ वाटेज़ तो खर्च होगी ही .हाई -रेजिस्टेंस बल्ब होता है १० वाट का जो न्यूनतम करेंट लेता है .करेंट और वोल्टेज का प्रो -डक्ट(गुना )ही तो वाटेज़ है .जीरो वाटेज़ जीरो न होकर न्यूनतम वाटेज़ को ही कह दिया जाता है ।
वाट -आवर -मीटर जो अब तक चलन में थे उतने एक्यूरेट नहीं थे जो १० वाट को बत्लादें .इनकी रोटेटिंग डिस्क १० वाट की टोह ही नहीं ले पाती थी ।
अधुनातन मीटर एक दम से संवेदी और एक्यूरेट हैं इसलिए गेजेट्स की पावर भी ऑफ़ रखिये ,इंडी -केटर्स भी .इसलिए जीरो वाट एक मिस्नोमर है ,जीरो -केलोरी ड्रिंक और जीरो -साइज़ लोंडिया की तरह .(करीना कपूर से क्षमा याचना सहित ).
दोहरे स्तेमाल (ड्युअल यूज़ ) में काम आने वाली टेक्नोलोजी क्या है ?
व्हाट इज ड्युअल यूज़ टेक्नोलोजी ?
एक ऐसी प्रोद्योगिकी जिसका स्तेमाल नागर एवं सैन्य दोनों ही तरह की सेवाओं के लिए किया जा सके .दोहरे स्तेमाल में आने वाली प्रोद्योगिकी कहलाती है .राजनय और राजनीति में अकसर इस शब्दावली का स्तेमाल होता रहा है .एटमी भट्टी और रोकेट विद्या दोनों ही ड्युअल यूज़ टेक्नोलोजी के तहत आयेंगें .इनके स्तेमाल से चाहे रेडियो -आइसोटोप्स बना लो ,न्यूक्लीयर मेडिसन में इन्हें प्रयुक्त कर लो चाहे तो इनसे फिसाइल मेटीरियल बना लो .चाहे तो बिजली घर बना लो एटमी .रोकेट टेक्नोलोजी से चाहे तो चन्द्र नगरी बसालो ,मंगल को अपना उप -निवेश बना लो चाहे तो मिसाइल बनालो अंतर -महाद्वीपीय .जैव -प्रो -द्योगिकी से चाहे तो जैविक अस्त्र बना लो .चाहे रोग -विज्ञान की दिशा में आगे बढ़ जाओ .यही हैं ड्युअल यूज़ प्रोद्योगिकी के असर .
एक ऐसी प्रोद्योगिकी जिसका स्तेमाल नागर एवं सैन्य दोनों ही तरह की सेवाओं के लिए किया जा सके .दोहरे स्तेमाल में आने वाली प्रोद्योगिकी कहलाती है .राजनय और राजनीति में अकसर इस शब्दावली का स्तेमाल होता रहा है .एटमी भट्टी और रोकेट विद्या दोनों ही ड्युअल यूज़ टेक्नोलोजी के तहत आयेंगें .इनके स्तेमाल से चाहे रेडियो -आइसोटोप्स बना लो ,न्यूक्लीयर मेडिसन में इन्हें प्रयुक्त कर लो चाहे तो इनसे फिसाइल मेटीरियल बना लो .चाहे तो बिजली घर बना लो एटमी .रोकेट टेक्नोलोजी से चाहे तो चन्द्र नगरी बसालो ,मंगल को अपना उप -निवेश बना लो चाहे तो मिसाइल बनालो अंतर -महाद्वीपीय .जैव -प्रो -द्योगिकी से चाहे तो जैविक अस्त्र बना लो .चाहे रोग -विज्ञान की दिशा में आगे बढ़ जाओ .यही हैं ड्युअल यूज़ प्रोद्योगिकी के असर .
शनिवार, 20 नवंबर 2010
प्रसव देखा हो सकता है खगोल विज्ञान के माहिरों ने एक अंध कूप का ...
एस्ट्रोनो -मर्स मे हेव विट -नेस्ड दी बर्थ ऑफ़ ए ब्ल्रेक होल (दी टाइम्स ऑफ़ इंडिया ,मुंबई ,नवम्बर ,१८ ,२०१० ,पृष्ठ २२ )।
१९७९ में एक भारी सितारा जिसका द्रवय्मान सौर द्रव्य -मान का २० गुना रहा होगा एक भारी विस्फोट के साथ हमसे कोई ५० मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर फट गया था .गत तीस सालों से ही यह अपने आसपास छितराए गैसीय पदार्थ का भक्षण करता रहा है .हमारी पृथ्वी के द्रवय्मान के तुल्य यह आसपास का पदार्थ लील चुका है .ये सारे आसार इसका एक मेसिव स्टार होना ,आसपास से गैसीय पदार्थ हड़पना इसी बात का परिचायक हैं यह एक ब्लेक होल है .अन्तरिक्ष का एक ऐसा विकृत हिस्सा है जिसका अपार गुरुत्व आसपास का पदार्थ खींच रहा है .फिलवक्त यह ब्लेक होल हमारे सौर -द्रवय्मान से ५ गुना ज्यादाभारी है . है .कुछ सितारे (अपेक्षतया भारी सितारे अपने जीवन के अंतिम चरण में सारा ईंधन भुगताने के बाद ब्लेक होल में तब्दील हो जातें हैं .यह ब्लेक होल बन ने के लिए पूरी तरह सुपात्र प्रतीत होता है .जिस पदार्थ को यह निगल रहा है उस से एनर्जी बर्स्ट लगातार हो रहें हैं ।
यह अमरीकी धारावाहिक स्टार ट्रेक के प्लेनेट ईटर की याद ताज़ा कर रहा है .इसके अति -शक्ति -शाली गुरुत्व में दब खप कर पदार्थ अपना गुण -धर्म खो देता है .मैटर इज क्रश्ड बियोंड रिकग्नीशन .इलेक्त्रोंन ,प्रोटोन और न्युत्रोंन का दब खप कर अस्तित्व समाप्त हो जाता है .यह पहली मर्तबा है खगोल विज्ञान के माहिर एक अन्तरिक्ष की काल कोठरी (ब्लेक होल )का प्रसव देख रहें हैं एक भारी सितारे के बचे खुचे भाग से .इस प्रकार का माहौल और उसका अध्ययन और प्रेक्षण अन्तरिक्ष में ही हो सकता है .प्रयोग शाला में यह पर्यावरण नहीं गढ़ा जा सकता .हो सकता है यह एक "बाई -नरि स्टारसिस्टम " हो .आइन्दा आने वाले खगोल विद इसके अवशेषों का अधययन करेंगे .
१९७९ में एक भारी सितारा जिसका द्रवय्मान सौर द्रव्य -मान का २० गुना रहा होगा एक भारी विस्फोट के साथ हमसे कोई ५० मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर फट गया था .गत तीस सालों से ही यह अपने आसपास छितराए गैसीय पदार्थ का भक्षण करता रहा है .हमारी पृथ्वी के द्रवय्मान के तुल्य यह आसपास का पदार्थ लील चुका है .ये सारे आसार इसका एक मेसिव स्टार होना ,आसपास से गैसीय पदार्थ हड़पना इसी बात का परिचायक हैं यह एक ब्लेक होल है .अन्तरिक्ष का एक ऐसा विकृत हिस्सा है जिसका अपार गुरुत्व आसपास का पदार्थ खींच रहा है .फिलवक्त यह ब्लेक होल हमारे सौर -द्रवय्मान से ५ गुना ज्यादाभारी है . है .कुछ सितारे (अपेक्षतया भारी सितारे अपने जीवन के अंतिम चरण में सारा ईंधन भुगताने के बाद ब्लेक होल में तब्दील हो जातें हैं .यह ब्लेक होल बन ने के लिए पूरी तरह सुपात्र प्रतीत होता है .जिस पदार्थ को यह निगल रहा है उस से एनर्जी बर्स्ट लगातार हो रहें हैं ।
यह अमरीकी धारावाहिक स्टार ट्रेक के प्लेनेट ईटर की याद ताज़ा कर रहा है .इसके अति -शक्ति -शाली गुरुत्व में दब खप कर पदार्थ अपना गुण -धर्म खो देता है .मैटर इज क्रश्ड बियोंड रिकग्नीशन .इलेक्त्रोंन ,प्रोटोन और न्युत्रोंन का दब खप कर अस्तित्व समाप्त हो जाता है .यह पहली मर्तबा है खगोल विज्ञान के माहिर एक अन्तरिक्ष की काल कोठरी (ब्लेक होल )का प्रसव देख रहें हैं एक भारी सितारे के बचे खुचे भाग से .इस प्रकार का माहौल और उसका अध्ययन और प्रेक्षण अन्तरिक्ष में ही हो सकता है .प्रयोग शाला में यह पर्यावरण नहीं गढ़ा जा सकता .हो सकता है यह एक "बाई -नरि स्टारसिस्टम " हो .आइन्दा आने वाले खगोल विद इसके अवशेषों का अधययन करेंगे .
महा -मारी बन रहा है "टेक्स्ट नेक ".
टेक्स्ट नेक :गेजेट्स ट्रिगर न्यू -टेक पैन .यंग्स -टार्स हू कोंस -टेंट -ली लुक डाउन एटहेंड हेल्डडिवाई -सीज गेट रेपितिटिव स्ट्रेस इंजरी (दीटाइम्स ऑफ़ इंडिया ,मुंबई ,नवम्बर २० ,२०१० ,पृष्ठ २१ )।
प्रोद्योगिकी आपके जीवनको बहुविध
सुगम बना रही है लेकिन यह नेक पैन की भी वजह बन रही है . जैसे जैसे मोबाइल फोन्स और हेंड हेल्ड म्युज़िक प्लेयर्स का चलन बढ़ता जा रहा है वैसे ही वैसे "टेक्स्ट -नेक "के मामले भी बढ़ रहें हैं .यह ऐसी स्ट्रेस इंजरी है जो निरंतर हो रही है .हो भी क्यों नहीं युवा भीड़ मोबाइल्स पर ही झुकी रहती है .सड़क हो या घर ,बस हो या दफ्तर ।
बस रीढ़ की पेशियाँ और अस्थियाँ तमाम अनुकूलित हो जाती हैं इसी मुद्रा (पोस्चर )के अनुरूप.नतीजा होता है फंक्शनल चेंज़िज़ ।
समाचार पत्र न्यूज़ी -लैंड हेराल्ड में चेरो -प्रेक -टार्स असोशियेशन स्पोक्स्मेन हय्देंन तोमस ऐसे ही उदगार व्यक्त कर चुकें हैं .चाय -रो -प्रेक -टार्स :चाय -रो -प्रेक -टर इज ए पर्सन हूज जॉब इन्वोल्व्ज़ ट्रीट-इंग सम डीज़ीज़ एंड फिजिकल प्रोब्लम्स बाई प्रेसिंग एंड मूविंग दी बोन्स इन ए पर्सन्स स्पाइन ऑर जोइंट्स .रीढ़ की हड्डी और जोड़ों के ये माहिर बस इन्हीं को मैनीप्युलेट करते हैं कुछ ख़ास बीमारियों के प्रबंधन के लिए ।
बस स्नायु -अस्थि बंध ,
हमारे शरीर में अस्थियों को जोड़ने वाले ऊतकों और मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने वाली नसों,मस्क्युलेचार तथा बोनी सेग्मेंट्स को टेका लगाने वाले कर्व्ज़ में बदलाव आ जाते हैं .बस यही से नसों ,पेशियों की ऐंठन ,मसल स्पाज्म और दर्द की शुरुआत हो जाती है ।
अलबत्ता इन गेजेट्स से शरीरऔर सेहत को होने वाली नुकसानी से थोड़ा बचाया ज़रूर जा सकता है .गेजेट्स तो हमारे साथ रहेंगी ।
बस अपनी मुद्रा पर ध्यान दीजिये -टेक्स्टिंग के वक्त .हेंड हेल्ड डिवाइस को हेन्दिल करते वक्त भी पोस्चर्स का ख़याल रखे .टेक्स्टिंग के वक्त मोबाइल को चेहरे के सामने रख सकतें हैं ,झुकने से बचिए .टेक्स्टिंग तथा ई -मेल्स बांचते वक्त भी गर्दन को झुकाए रहने से बचिए .नियमित ब्रेक लीजिये छोटे छोटे ।
सवाल दीर्घावधि में अपनी रीढ़ को बचाए रखने से जुड़ा है .नेक और मसल्स से ताल्लुक रखता है .थोड़ा सा बदलाव लाइए मोबाइल्स ,ई -रीडर्स ,एम् पी ३ प्लेयर्स के स्तेमाल में .बड़ी मुसीबत से आइन्दा के लिए बचिए .
प्रोद्योगिकी आपके जीवनको बहुविध
सुगम बना रही है लेकिन यह नेक पैन की भी वजह बन रही है . जैसे जैसे मोबाइल फोन्स और हेंड हेल्ड म्युज़िक प्लेयर्स का चलन बढ़ता जा रहा है वैसे ही वैसे "टेक्स्ट -नेक "के मामले भी बढ़ रहें हैं .यह ऐसी स्ट्रेस इंजरी है जो निरंतर हो रही है .हो भी क्यों नहीं युवा भीड़ मोबाइल्स पर ही झुकी रहती है .सड़क हो या घर ,बस हो या दफ्तर ।
बस रीढ़ की पेशियाँ और अस्थियाँ तमाम अनुकूलित हो जाती हैं इसी मुद्रा (पोस्चर )के अनुरूप.नतीजा होता है फंक्शनल चेंज़िज़ ।
समाचार पत्र न्यूज़ी -लैंड हेराल्ड में चेरो -प्रेक -टार्स असोशियेशन स्पोक्स्मेन हय्देंन तोमस ऐसे ही उदगार व्यक्त कर चुकें हैं .चाय -रो -प्रेक -टार्स :चाय -रो -प्रेक -टर इज ए पर्सन हूज जॉब इन्वोल्व्ज़ ट्रीट-इंग सम डीज़ीज़ एंड फिजिकल प्रोब्लम्स बाई प्रेसिंग एंड मूविंग दी बोन्स इन ए पर्सन्स स्पाइन ऑर जोइंट्स .रीढ़ की हड्डी और जोड़ों के ये माहिर बस इन्हीं को मैनीप्युलेट करते हैं कुछ ख़ास बीमारियों के प्रबंधन के लिए ।
बस स्नायु -अस्थि बंध ,
हमारे शरीर में अस्थियों को जोड़ने वाले ऊतकों और मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने वाली नसों,मस्क्युलेचार तथा बोनी सेग्मेंट्स को टेका लगाने वाले कर्व्ज़ में बदलाव आ जाते हैं .बस यही से नसों ,पेशियों की ऐंठन ,मसल स्पाज्म और दर्द की शुरुआत हो जाती है ।
अलबत्ता इन गेजेट्स से शरीरऔर सेहत को होने वाली नुकसानी से थोड़ा बचाया ज़रूर जा सकता है .गेजेट्स तो हमारे साथ रहेंगी ।
बस अपनी मुद्रा पर ध्यान दीजिये -टेक्स्टिंग के वक्त .हेंड हेल्ड डिवाइस को हेन्दिल करते वक्त भी पोस्चर्स का ख़याल रखे .टेक्स्टिंग के वक्त मोबाइल को चेहरे के सामने रख सकतें हैं ,झुकने से बचिए .टेक्स्टिंग तथा ई -मेल्स बांचते वक्त भी गर्दन को झुकाए रहने से बचिए .नियमित ब्रेक लीजिये छोटे छोटे ।
सवाल दीर्घावधि में अपनी रीढ़ को बचाए रखने से जुड़ा है .नेक और मसल्स से ताल्लुक रखता है .थोड़ा सा बदलाव लाइए मोबाइल्स ,ई -रीडर्स ,एम् पी ३ प्लेयर्स के स्तेमाल में .बड़ी मुसीबत से आइन्दा के लिए बचिए .
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