मंगलवार, 17 अप्रैल 2012

नुस्खे सेहत के :

नुस्खे सेहत के :
(१) यदि होंठ फट रहें हैं तब एकचम्मच मलाई में एक चुटकी हल्दी मिलाके रूखे , कटे फटे, क्रेक्स से राहत के लिए इस पेस्ट को  लिप्स पर लगाइए .
(२)फ्ल्यू से बचाव के लिए सात आठ पत्ते तुलसी के हर सुबह स्तेमाल कीजिए .
आरोग्य स्पेक्ट्रम :शोध का झरोखा


आरोग्य स्पेक्ट्रम :शोध की खिड़की से

आरोग्य स्पेक्ट्रम :शोध की खिड़की से
(१)हल्दी में मौजूद है एक पीत वर्णी यौगिक कुर्क्युमिन जो न सिर्फ शोथ और जलन ,इन्फ्लेमेशन से बचाता है एक बढ़िया एंटी -ओक्सिडेंट के रूप में भी जाना जाता है ।
 यह हल्दी से व्युत्पन्न रंजक हालिया कोरोनरी बाई पास ग्राफ्टिंग करवा चुके दिल के मरीजों को उत्तर शल्य दिल के दौरों से भी बचाए रहता है . ताइलैंड में संपन्न एक ताज़ा  अध्ययन के अनुसार शल्य के दौरान रक्तापूर्ति से महरूम (वंचित )रही हृद पेशी (ऑफ़ पम्प कोरोनरी आर्टरी बाई पास ग्राफ्टिंग )को नुकसानी का ख़तरा रहता है .
परम्परा गत चिकित्सा के साथ हल्दी से प्राप्त इस जादुई यौगिक कुर्क्युमिन  का चलन इस अध्ययन के अनुसार दिल की हिफाज़त करता है .
(२ )अच्छी नींद के लिए 'ओटागो चेरीज़ ':
      जो लोग बिस्तर पर नींद के लिए बे -चैनी से करवट बदलते रहतें हैं उनके लिए मुफीद हो सकता है 'ओटागो चेरीज़ 'का सेवन क्यंकि इसमें मौजूद है कहीं ज्यादा मेलाटोनिन .वजह बनती है सूरज की रौशनी जो इसकी फसल को केन्द्रीय ओटागो में पर्याप्त मात्रा में मिलती है बरक्स उत्तरी गोलार्द्ध के भागों में उगाई जाने वाली चेरी के .
नींद का कुदरती टोनिक  है मेलाटोनिन सोने  से पहले  ओटागो चेरी का सेवन इसकी आवश्यक आपूर्ति करवा सकता है .
(३)अल्ज़ाइमर्स की जल्दी हो सकेगी अब शिनाख्त जो इसके इलाज़ को पुख्ता दिशा दे सकता है .साइंसदानों ने दिमाग में आने वाले बदलावों के आधार पर एक नान इन्वेज़िव जांच एल्ज़ाइमर्स केआरंभिक चरण में शुरू होने से काफी पहले के चरण के   लिए विकसित की है .इसमें कोई चीरा नहीं लगाना पड़ता .
यह कमाल   है एक नै   दवा 'Florbetaben' का .यह दवा दिमाग के उन हिस्सों को रोशन कर देती है 'पोज़ी -ट्रोंन -एमिशन टमो -ग्रेफ़ी ' के  दौरान जहां जहां टोकसिंस  डेरा डालने को उत्सुक हैं .
एक अन्वेषी ट्रेसर के रूप में यह दवा 'Amyloid plaques' का पता दे देती है 'PET SCAN' के  दौरान  .इसी प्रोटीन के गुच्छे  बनने लगतें  हैं इस रोग के शुरूआती चरण में जो दिमागी कोशाओं (न्युरोनों ,नर्व्ज़  को नष्ट कर देतें हैं ). 
इस न्युरोदिजेंरेतिव रोग(दिमागी कोशाओं के अपविकासी रोग )  में दिमाग सिकुड़ने लगता है . हालिया स्मृति (रीसेंट मेमोरी लोस )का लोप होने लगता है .मरीज़ खाना खाने के बाद पूछ सकता है .मुझे क्या खाना है ?खाना दो मेरा .

नुस्खे सेहत के :

नुस्खे सेहत के :
एडियों की बिवाई (फटन )से राहत के लिए पैर धोकर सोयें लेकिन  तलुवों पर और एडियों में घी  मलने  के बाद ही बिस्तर में जाएँ .
यदि बाल झाड़तें हैं तब शिरोवल्क (खोपड़ी,सिर   की खाल   )में नारियल  के तेल में मीठे  नीम्बू (लाइम ) का  रस  मिलाकर  उंगली के पौरों  से धीरे धीरे लगाएं .
राम राम भाई !  राम राम भाई !  राम राम भाई !

2 टिप्‍पणियां:

Aruna Kapoor ने कहा…

बहुत बढ़िया और उपयुक्त जानकारी!....आभार!

डॉ टी एस दराल ने कहा…

कारगर नुस्खे . हल्दी के गुणों पर काफी सुनने को मिलता है .