रविवार, 11 मार्च 2012

व्यंग्य विडंबन :घर का जोगड़ा.

व्यंग्य विडंबन :घर का जोगड़ा.
                               -डॉ .नन्दलाल मेहता 'वागीश 'डी.लिट .पूर्व वरिष्ठ अध्येता (Senior Fellow),संस्कृति  मंत्रालय  ,भारत  सरकार  .
        बन्दा कमाल का है .किसी से कुछ भी कह सकता है ,कहीं भी कह सकता है .वह हर समय चाणक्य की भूमिका में रहता है ,पर ऐसा चाणक्य ,राजनीति की बिसात पर जिसका घोड़ा ढाई घर भी नहीं चल पाता .शायद वह खुद भी ऐसा ही चाहता है .चाल तो उसका घोड़ा चले और राजनितिक फायदा कोई और उठा ले जाए ,उसे यह मंज़ूर नहीं है .उसने अपने चन्द्रगुप्त को यह तो समझा दिया है कि  चुनौती देने की भाषा कैसी होनी चाहिए .पर वह यह नहीं समझा सका है कि यकायक चुनौती मिल  जाने पर  उससे कैसे निपटा जाए .ऐसे वक्त उसका चन्द्रगुप्त गड़बड़ा जाता है .चाणक्य हो जाने का यह मतलब तो नहीं कि सभी जिम्मेदारी उसी की है .फिर वह पहले से सभी प्रश्नों का अनुमान भी कैसे लगा सकता है ?इसलिए उसने अपने चन्द्रगुप्त को समझा दिया है कि ऐसे में सब अनिश्चित अंदाज़ में कहो .वक्तव्य की समझ न हो या  भाषा कौशल न हो ,तो भी चलेगा .ऐसे वक्त हेंकड़ी दिखाओ .आस्तीनें चढाओ .डेस्क पर मुक्का मारो .अनिश्चित प्रश्न दागो -तब  कहाँ थे ?इस वक्त कहाँ हैं ?आखिर उसने दिया क्या है ?अब मैं तो जाने वाला नहीं .इससे श्रोताओं पर रौब पड़ता है कि इसे हमारी कितनी चिंता है .कैसा दमदार 'ही मैन ' है .कागज़ तक फाड़  कर फैंक देता है .लोग प्रभावित हो उठते हैं .सचमुच नकली गुस्सा भी बड़े काम की चीज़ है .असली गुस्सा तो तब आये न ,जब आगे पीछे की कुछ समझ हो .पर अपने चाणक्य को उससे क्या लेना -देना ?यदि चन्द्रगुप्त ही बराबर का समझदार हो जाएगा तो चाणक्य की राजनीति का क्या होगा ?ऐसे में यदि उसने मंदमति चन्द्रगुप्त को चुन लिया है तो इसमें हैरत कैसी ?
   खैर ,अपने चाणक्य की कुछ मजबूरी है .अगर चन्द्रगुप्त ही मंद बुद्धि हो तो चाणक्य भी क्या कर सकता है ?अपनी और से तो उसने कोई कसर नहीं छोड़ी  .चुनावों में पराजित होकर भी सबकी ऐसी- तैसी कर रहा है .देखते नहीं राष्ट्रनीति ,राजनीति ,शिक्षा -नीति ,अर्थ- नीति निवेशनीति ,विदेशनीति और गृह - नीति -सभी पर और सब जगह वह वक्तव्य दे सकता है .ऐसे विषय पर भी जिसका उसे प्रारम्भिक ज्ञान भी नहीं होता .फतवे- नुमा आरोप लगा सकता है .दरअसल वह निडर है .जब से चैनल पर सुना है कि डर के आगे जीत है ,वह किसी से भी नहीं डरता .एक ख़ास मज़हब की बात अलग है .वहां तो उसकी पिंडलियाँ काँपती हैं .यह लोकतंत्र के अन्दर की बात है .इसे आप नहीं समझेंगे .
  वह लोकतंत्र ही क्या ,जहां मज़हबी वोट पर गिद्ध -दृष्टि न हो .सो ,वह गिद्ध दृष्टि की साधना में लीन है .मज़हब के वोट गिनता है .यूं वोट तो वह जाति के भी गिनता है .उसे बखूबी पता है कि जाति के अन्दर भी एक जाति है और उसके भीतर भी एक जाति है .अगर नहीं है तो वह कर भी  क्या सकता है ?अपनी और से तो उसने बांटने की मुहिम छेड़ रखी है .पर कुछ लोग हैं ,जो एकता की बात करतें हैं .ये साम्प्रदायिक हैं .एंटी -सेकुलर हैं .समाज नहीं बंटेगा तो एकता की बात कैसे होगी ?विकास कैसे होगा ?जाति के भीतर जातियां ही नहीं पनपेंगी तो सेकुलर वोट का क्या होगा ?तब वोटों की फसल कैसे पकेगी ?लोकतंत्र का क्या होगा ?पिछले दस सालों से वह इसी समझ को पैदा कर रहा है .पर इस सेकुलर चाणक्य को कौन समझाए कि घर का जोगड़ा बाहर भी जोगड़ा ही रहता है .जोगी बनने से तो रहा .
शब्दालोक .१२१८ ,सेकटर ४ ,अर्बन इस्टेट ,गुडगाँव (हरियाणा )
प्रस्तुति :वीरेंद्र शर्मा (वीरुभाई ).
४सी,अनुराधा ,नोफ़रा ,कोलाबा ,मुंबई -४००-००५ .
और अब आज के नीतिपरक दोहे :
शीलवंत सबसे बड़ा ,सब रतनन की खान,
तीन लोक की संपदा ,रही शील में आन .
धीरे -धीरे रे मना ,धीरे सब कुछ होय ,
माली सींचे सौ घडा ,ऋतु आये फल होय .
तो बरखुरदार(मंद मति राजकुमार ) सब कुछ वक्त आने पर होता है .उतावले पन से कुछ नहीं होता .माली के एक साथ सौ घडा पानी   वृक्ष को देने से फल नहीं आतें है फल तो ऋतु आने पर ही आतें हैं .कामयाबी का कोई छोटा रास्ता नहीं है .
और ये रहे आज के नुश्खे :
सेहत के नुश्खे :
स्वीट  कोर्न यानी मकई (मक्का ) ब्लड सुगर को स्तेब्लाईज़ करती है .इसमें मौजूद है बेशुमार फोलेट जो हमारे दिल  की भी हिफाज़त करता है .भुट्टे खाओ मौज मनाओ .फिर चाहे उबालके खाओ या भून के  कोयला आंच पर या फिर बारबीक्यू करके .बेबी  कोर्न दाल   सब्जी में खाओ सब्जी के साथ उबालके खाओ .माइक्रो वेव करके सलाद में खाओ .
Sweet corn stablises blood sugar and its rich folate content protects the heart .

 टोफू न सिर्फ प्रोटीन का भण्डार है आयरन (लौह तत्व ),सेलीनियम और केल्शियम से भी लबालब है .
Tofu(Bean curd):Tofu is a soft white substance that is made from SOYA and used in cooking ,often instead of meat.It is a soft food no particular flavour made from soya milk curd pressed into cake.(chinese doufu'fermented beans').

 
   

शनिवार, 10 मार्च 2012

युद्ध के बाद का विषाद .

युद्ध के बाद का विषाद .
अर्जुन को महाभारत युद्ध में स्वजनों  को देखकर विषाद हुआ था .अर्जुन अवसाद ग्रस्त हो डिप्रेशन की ज़द में जाने लगे थे ,कृष्ण ने अपना विराट रूप दिखा उन्हें उबार लिया .
सज्जनों को सदैव ही युद्ध  से पहले ही विषाद होता है .दुर्जनों को युद्ध की समाप्ति पर  होता है .
भारतीय राष्ट्रीय कोंग्रेस और उनकी अम्मा चुनावी समर के बाद अवसाद ग्रस्त हैं .
दिग्गी राजा का फ़र्ज़ बनता है ,वह बतलाएं- युद्ध के बाद भी विषाद योग होता है ,मम्मीजी को कहें- मैं कलसे मम्मी निवास में गीता पाठ शुरू करता हूँ .
ब्लड प्रेशर (रक्त चाप के ऊपरी और निचले पाठों /मानों )को कम करने के लिए रोजाना दोनों हथेलियों के बीच रखके बस दस मिनिट तक एक स्ट्रेस बाल को दबाएँ .इसे साइंसदान 'पैरा -सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम कह रहें  हैं .eam
यह स्नायुविक तंत्र की सक्रियता में इजाफा करती है .
RAM RAM BHAI !  RAM RAM BHAI! 
Squeeze  a stress ball to cut BP:
Now you can reduce blood pressure levels by squeezying a hand -held device for just 10 minutes a day ,say  scientists .
Called the parasympathetic nervous nervous system,the gadget boosts activity in the nervous system to control blood pressure and heart rate.
राम राम भाई !राम राम भाई !
ये रहे नुश्खे सेहत के :
लत पड़ जाती है आइसक्रीम की भी :
एक अध्ययन के अनुसार हमारा दिमाग आइसक्रीम की भी उसीप्रकार मांग और चस्का महसूस करने लगता है जैसे कोकेन के लती नशीले पदार्थ कोकेन का करने लगतें हैं .आइसक्रीम के बिना आपको कल नहीं पड़ती .दिमाग और भी  ज्यादा    आइसक्रीम    की    मांग    करने   लगता   है   .ललकने   लगता   है   इसके     प्रति      .  आइसक्रीम न मिलने पर व्यक्ति छटपटाने लगता है .बे -चैनी महसूस करने लगता है .  
राम राम भाई ! राम राम भाई !
नुश्खे सेहत के :
कील मुहांसों से बचाव के  लिए :पोषण से जुडी है  कील मुंहासों  की नव्ज़ अपनी खुराक में  दो से तीन चमचा वीट जर्म(अंकुरित गेंहू )शामिल  कीजिये .
Wheat germ is the embryonic cetntre  of the wheat grain rich in B vitamins .It is sold milled finely ,and sometime toasted ,for sprinkling over cereals or used in cooking.
दांत साफ़ करते वक्त दांतों की चमक को बनाए रखने के लिए टूथ पेस्ट के साथ बेकिंग सोडा स्तेमाल कीजिये .
Mix baking soda in your regular toothpaste when you brush ,as it whitens the teeth .   

as addictive as cocaine'
Craving for ice cream can be so strong it is similar to that experienced by drug addicts ,a study has revealed .The research found the brain was left wanting more ice cream in the same way as someone who regularly uses cocaine ,the Daily Mail reported.
नुश्खे सेहत के कुछ और अभी :
नुश्खे सेहत के :
कीट डंक के दंश से रहत के लिए :
डंक का दंश खासी जलन पैदा   करता   है ,कीट पतंग  मधु -मख्खी  ,  बर्र  आदि  कई  मर्तबा  डंक के साथ  चमड़ी  के नीचे विषाक्त  पदार्थ  ,छोड़  देतें  हैं  जिससे  इन्फ्लेमेशन  होता  है जलन भी . सूजन  भी सालती  रहती  है चमड़ी को . .आसान  उपाय  है घर  में  रखी  सिरके  की  बोतल  निकाइये  झटपट  मलते  रहिये  दंश की जगह  पर  .डंक निकाल  सकतें  हैं तो  निकाल लीजिए  दिस्पोज़ेबिल  नीडिल  से न  कुछ  सही  तो सोइंग  नीडिल को गैस  पर गर्म  करके  ही  सही ताकि  वह  निर -जीवाणु  हो  जाए  ,जीवाणु  मुक्त  हो जाए .
HEALTH TIPS :
For quick ,long -lasting relief from insect bites and stings ,rub the biten area with vinegar .
दिन भर की थकान से राहत और तरो- ताज़ा बने रहने के लिए ग्रीन टी में से मिनट फ्लेवर निकालिए.चुस्ती और ध्यान लगाने में मजा आयेगा ,फोकस बना रहेगा काम पर .

गुरुवार, 8 मार्च 2012

गुणकारी अवोकाडो.

गुणकारी अवोकाडो सुस्वादु होने के अलावा फोलिक एसिड ,पोटेशियम ,विटामिन ई ,बी समूह के विटामिनों ,खाद्य रेशों का भण्डार है .इसे पुष्टिकर तत्वों का संवर्धक भी समझा गया है क्योंकि यह शरीर द्वारा पुष्टिकरं तत्वों की ज़ज्बी को बेहतर बनाता है .
मखनिया  स्वाद  और  पुष्टिकर तत्वों का आगार   यह फल कैंसर से मुकाबला करने की कूवत रखता है दिल को दुरुस्त रखता है इसमें दिल के लिए दोस्ताना वसाएं हैं .तथा यह बुढ़ाने की क्रिया को ,एजिंग को ,भी मुल्तवी रखने में मददगार है .
'oleic' acid' का बाहुल्य है .अनेक अध्ययनों में इसे स्तन कैंसर से बचाव में कारगर पाया गया है .
प्रोस्टेट कैंसर को बढ़ने से रोके रखने में भी  इसे असरकारी पाया गया है .
दिल की बीमारियों से भी बचाए रहता है :
फोलेट बहुल यह फ्रूट दिल की बीमारियों से बचाव करता है .अनेक अध्ययनों से यह पुष्ट हुआ है जो   लोग फोलेट बहुल खाद्य लेतें हैं उनमे दिल की बीमारियों की संभावना कमतर हो जाती है .
एक  कप  एवोकाडो    फोलेट की 23%ज़रूरीयात  पूरी  कर  देता  है .इसे अपनी खुराक का हिस्सा बनाइये दिल की सलामती के लिए .
अलावा इसके इससे पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई की आपूर्ति भी हो जाती है .
'glutathione,' तथा   एकल असंत्रिप्त वसाएं इससे प्राप्त हो जाती हैं .ये दोनों ही चीज़ें हमारे दिल के लिए मुफीद हैं .
दिमाग के दौरे (ब्रेन अटेक,सेरिब्रो -वैस्कुलर एक्सीडेंट )से भी बचाव :
इसमें मौजूद फोलिक एसिड हमें 'स्ट्रोक 'से भी बचाए रहता है ऐसा कई अध्ययनों से देखने में आया है .
कोलेस्ट्रोल कम करता है एवोकाडो :
    इसमें मौजूद एक यौगिक है-   
'beta-sitosterol,'अध्ययनों से विदित हुआ है,यह यौगिक हमारे खून में घुली कुल चर्बी कोलेस्ट्रोल को कम करता है .
बेशक यह काम   '-
'oleic acid' भी  करता  है  .
साग सब्जियों से पुष्टिकर तत्वों की ज़ज्बी को बढाता है यह फल .इसीलिए इसे 'न्युत्रियेंत बूस्टर 'कहा जा रहा है .तरकारियों में मौजूद केरोतिनोइड्स (कार्बनिक रंजक जैसे लाइकोपीन ,बीटा केरोटीन आदि ) इसके सेवन करते रहने से शरीर ज्यादा ज़ज्ब करता है .
शौक से इसे अपनी सलाद में शामिल कीजिए .उतना बुरा भी नहीं है स्वाद में .खाइएगा तो आदत पड़ जायेगी .
विटामिन ई और एंटीओक्सिदेंतों का भी खज़ाना है एवोकाडो :
इसमें मौजूद ग्लुताथिओन एवं विटामिन ई   कोशिकाओं की टूट फूट की भरपाई करता है .फ्री रेडिकल्स से होने वाली इस नुकसानी और टूट फूट से बचाता है .मृत कोशिकोँ के कचरे को बाहर निकालता  है .
आँखों के लिए भी अच्छा :
उम्र पकने के साथ सफ़ेद मोतिया का ख़तरा भी बढ़ता जाता है .पेशीय और मेकुलर दिजेंरेशन से ताल्लुक रखने वाली आँख की कई बीमारियों से बचा सकता है इसमें मौजूद -
'carotenoid lutein'किसी  और फल के बरक्स एवोकाडो में ज्यादा मात्रा में मौजूद रहता है यह उपयोगी  यौगिक .
एवोकाडो खाइए बीनाई बढ़ाइए .
राम राम भाई !राम राम भाई !

Avocado

 and its nutrients:

Avocados are getting popular as your neighbourhood fruits vendor too has begun to stock them. This creamy, delicious fruit contain many essential nutrients such as folic acid, potassium, fibre, vitamin E, B-vitamins. In addition this fruit is known as a nutrient-booster as it aids better nutrient absorption.
This creamy flavour-filled fruit is a powerhouse of nutrients. It helps fight cancer, keeps your heart healthy and can also delay aging.
Protection against oral cancer: Research suggests that certain compounds in avocados manage to seek out pre-cancerous and cancerous oral cancer cells and destroy them, without causing any harm to healthy cells.
Keeps breast cancer away: Avocado also helps prevent breast cancer. Like olive oil, this fruit is high in oleic acid, which according to many studies is known to prevent breast cancer.
Protects against prostate cancer: Avocado also inhibits the growth of prostate cancer.

For a healthy heart:
Studies show that people who eat foods rich in folate have lesser chances of developing health diseases. A cup of avocado meet b23% of the recommended value of folate, so make it a part of your daily diet to keep heart diseases at bay. Additionally, avocado contains good amounts of vitamin E, monounsaturated fats and glutathione, which are good for you heart.
Prevents stroke: This fruit contents high amounts of folic acid, which as per various studies is known to help prevent strokes.
Lowers cholesterol: This fruit is high in a compound called beta-sitosterol, which studies say can lower cholesterol. Another compound, oleic acid is also known to help in lowering cholesterol.
Nutrient-booster: Avocados help greatly enhance your body’s ability to absorb the health-promoting carotenoids (organic pigments like lycopene and beta carotene) from vegetables. So add some slices of this yummy fruit to your salad and reap its benefits.
Source of vitamin E and antioxidants: Avocados are rich in vitamin E and an antioxidant called glutathione, both these help protect the body against damage from free radicals.
For healthy eyes: Avocados have more of the carotenoid lutein in comparison to any other popular fruit. This compound is known to protect eyes from muscular degeneration and cataracts, both age-related eye diseases.
   

पहले पाठ में अटका हुआ नायक .

पहले पाठ में अटका हुआ नायक .

पहले पाठ में अटका हुआ नायक .
उत्तर प्रदेश की चुनावी पट कथा संपन्न हो चुकी है .लेकिन इस कथा का महा मंदमति नायक अब भी पुराने संवाद बोल रहा है .नाटक में कुछ पात्र नाटक समाप्त होने के बाद भी वही संवाद बोलते रहतें हैं .इन्हें अच्छा किरदार नहीं समझा जाता .
पहले पाठ में अटका नाटक अभी भी कह रहा है -"मैं उत्तर प्रदेश की खेतों सड़कों में दिखलाई देता रहूँगा ."
पहले पाठ में उसके गुरु ने उसे सिखलाया था  :
(१)कमीज़ की आस्तीन ऊपर चढ़ाए रखना है .बाजू फडकाये रखना है .
(२)आक्रोश में आके बोलना है .
(३)बोलते समय मेज पे मुक्का मारना है .
(४)गुस्सा जतलाना है .
यह मंद मति बालक कई मर्तबा इतना उतावला हो जाता था कि अपनी बात कहके आगे बढ़ जाता था .चुनावी उम्मीदवार का परिचय करवाना ही भूल जाता था,चुनाव सभाओं में .

अब इस बेचारे को कोई यह नहीं बतला रहा -
भैया ये सभी चुनावी स्टंट थे जिनकी अब कोई ज़रुरत नहीं है .होली सो होली .आगे की सुधि ले .अब भैया दाढ़ी कटवा .सेव बना .मंद मति राजकुमार की भूमिका में लौट आ .
कुसूर चेले का नहीं गुरु घंटाल का है जिसने दूसरा पाठ आदिनांक नहीं सिखलाया है .बेचारा नायक पहले पाठ में ही अटका हुआ है .
लेवल :बुरा न मानो होली है .
राम राम भाई !होली मुबारक भाई !
नुश्खे सेहत के :चेहरे से होली के रंग उतारने के लिए रूई के फाये को सरसों (मस्टर्ड आयल )या फिर गोले के तेल (कोकोनट आयल ) से संसिक्त करके स्तेमाल में लीजिये .आहिस्ता आहिस्ता रंग उतारिये .लेकिन होली  खेलने से पहले चेहरे और हाथ पैरों पे तेल मलके चमड़ी के रंध्रों (फेफड़ों )को अवरुद्ध न करें .इससे बाद में पेचीलापन आ सकता है 'Dermatitis' हो  सकती है .होली  के आम रंगों में खतरनाक रसायनों का डेरा हो  सकता है .ओरगेनिक कलर्स की और बात है .
 'Dermatitis'  चमड़ी का ऐसा रोग है जिसमें त्वचा लाल ,सूजन युक्त और दर्दीली हो जाती है .
  'Dermatitis' is inflammation of the skin from any cause ,resulting in a range of symptoms such as redness ,swelling ,itching ,or blistering.
 कमर दर्द से छुटकारे के लिए रोजाना १५-२० बादाम खाइए .स्किन समेत खाइए रात को भिगोकर छिलका मत हटाइये .छिलके में ही कोलेस्ट्रोल कम करने वाले जादुई रेशें हैं .
राम राम भाई !राम राम भाई !
नुश्खे सेहत के :
अनार का जूस रक्त चाप को कम करता है .कोलेस्ट्रोल (खून में घुली चर्बी )को घटाता है तथा धमनियों की हिफाज़त करता है .
Pomegranate juice lowers blood pressure ,cholesterol and protects the arteries .
 घुटने के दर्द में राहत के लिए :
घुटने के दर्द में राहत के लिए अपनी खुराक में शामिल कीजिये पालक ,अदरक ,प्याज और संतरे का जूस .
To relieve knee pain ,include spinach ,ginger ,onions and orange juice in your diet. 
राम राम भाई !राम राम भाई !
नुश्खे सेहत  के  :
त्वचा को कान्तिमान बनाए रखने के लिए रात को भिगोये   गये चार पांच बादाम छिलका उतारकर  पीसकर आधा टेबुल स्पून शहद मिलाकर  त्वचा पर मल लीजिए .
For glowing skin ,apply a paste of 4-5 soaked almonds and half a table spoon of honey.

मुहांसों  के निशानों से छुटकारा पाने के लिए ताज़ा पके हुए लाल टमाटरों का पेस्ट पंद्रह मिनिट तक मलिए .
Tomato is the best remedy for facial pimple marks.Apply tomato paste for 15 minutes . 

मंगलवार, 6 मार्च 2012

पकड़ में नहीं आती है दिल की बीमारी औरतों में

पकड़ में नहीं आती है दिल की बीमारी औरतों में

पकड़ में नहीं आती है दिल की बीमारी औरतों में,चुपके से आती है जान लेके चली जाती है .लक्षणों  का  इल्म  जब तक हो देर हो चुकी होती है .
Heart Attack
WHY WOMEN ARE AT GREATER RISK
Heart disease is the biggest silent killer of women in India,yet symptoms go widely unnoticed by both patients and health professionals/READER'S DIGEST FEBRUARY 2012/P66-70.
३७ साला स्मिता जाधवमुंबई पोलिटेक्निक में पढ़ातीं हैं .सीने में यकायक दर्द होने पर उन्होंने इसे अम्ल शूल ,एसिडिटी समझ लिया .हालिया मिली तरक्की और काम की अधिकता से पैदा स्ट्रेस के मथ्थे मढ़ दिया लेकिन   जब दर्द का हमला रात होने पर भी ज़ारी रहा तब इन्होनें अपने पारिवारिक डॉ से मिलना बेहतर समझा .उस भले मानस ने भी इन्हें आइस क्रीम खाने की सलाह देकर वापस भेज दिया अलबत्ता एक इंजेक्शन ज़रूर लगा दिया और हाल बताते रहने को कहा.
कोई फायदा न होने पर स्मिता ने फिर उन्हें फोन किया उन्होंने अस्पताल जाने की सलाह दी .
ई सी जी से इल्म हुआ स्मिता को दिल का दौरा पड़ा था शुक्र है माइल्ड हार्ट अटेक ही  था .गहन चिकित्सा कक्ष में स्मिता को रखा गया .११ दिन बाद अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया .
स्मिता के एक समझदार रिश्तेदार ने उन्हें IPC Heart Care Centre ,Mumbai लेजाकर दिखलाने की सलाह दी .कारण स्मिता जी की ३३ साला छोटी बहन गए साल आकस्मिक दिल का दौरा पड़ने के बाद ,हार्ट अटेक के बाद चल बसीं थीं .
माहिरों ने उन्हें खान पान जीवन शैली में रद्दो बदल नियमित टहलने के लिए वक्त निकालने ,योग करते रहने की सलाह दी . एक डाईट प्लान भी तजवीज़ कर दिया .
बेशक इन बहनों के परिवार में मधुमेह और दिल की बीमारियों का पूर्व वृत्तांत मौजूद था ,फेमिली हिस्टरी थी लेकिन ये दोनों बहुत कम उम्र में ही दिल की इस जानलेवा बीमारी की लपेट में आ गईं जो अप्रत्याशित है .नियम न होकर अपवाद ही कहा  जाएगा इसे यही कहना है डॉ .प्रतीक्षा जी .गांधी का .आप प्रिवेंटिव कार्डियोलोजिस्ट होने के अलावा 'आईपीसी हार्ट केयर 'के मुखिया हैं .आप रोजाना तकरीबन ५० -६० दिल के मरीज़ देखतें हैं उनमें से ४०%महिलायें होतीं हैं .
कुछेक साल पहले यह केवल १५%था ऐसी महिलाओं का प्रतिशत .समाज के गरीब अमीर सभी तबकों से इलाज़ के लिए आगे आ रहीं हैं अब महिलायें दिल की बीमारी लिए .ख़तरा सभी वर्गों को यकसां है .
स्मिता की मेडिकल कंडीशन का अगर पहले से इल्म रहता तो दिल का दौरा टाला जा सकता था .
जीवन शैली में बदलाव ,लो फेट डाईट ,नियमित व्यायाम ,योग और ध्यान बचावी कुंजियाँ है .
अलावा इसके नियमित जांच आवधिक बहुत ज़रूरी है .जिसमें शरीक होना चाहिए :
(१)लिपिड प्रोफाइल.
(२)Treadmill tests(मानव  चक्की पर टहल कदमी ).
बिला शक इन उपायों को आजमा कर ८०%मामलों को मुल्तवी रखा जा सकता है दिल के दौरों के .
Women are Different
"One in nine women between the ages of 45and 65 develop symptoms of some form of cardiovascular   disease ,"says cardiologist K.K.Aggarwal of Delhi's Moolchand Hospital.
हर  नौवीं औरत में आज दिल और रक्त वाहिकाओं के रोगों के लक्षण पनप रहें हैं लेकिन तवज्जो सही समय पर किसी किसी को ही मिल पा रही है .जबकि इसी स्थिति का इल्म होने पर मर्दों को इमदाद जल्दी मिलती है .इसीलिए औरतों के लिए दिल की बीमारियाँ ज्यादा गंभीर रूख ले लेतीं हैं जानलेवा सिद्ध हो रहीं हैं .
आम जनता से लेकर माहिरों तक में एक जागरूकता का अभाव इस मामले में देखा जा सकता है .
दूसरी तरफ अपेक्षाकृत  युवा महिलाओं का  मधुमेह की ज़द में आते चले जाना अब तक प्राप्त पूर्व रजो -निवृत्ति रक्षण   (    Pre-menopausal protection) को बेअसर किये दे रहा है .औरतों को मासिक धर्म ज़ारी रहते एक कुदरती प्रति -रक्षण प्राप्त था दिल की बीमारियों से .लेकिन जीवन शैली में आये बदलावों और जीवन शैली रोग मधुमेह ने सब गुड गोबर कर दिया .
रही सही कसर हारमोन युक्त गर्भ निरोधी (आई पिल ,इमरजेंसी पिल )गोलियों ,औरतों में बढ़ते धूम्र पान के चलन ने पूरी कर दी है .
स्मोकिंग एक्टिव हो या पेसिव समान रूप से घातक है .दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ाती है .
फर्क हो सकतें हैं दिल के दौरों के लक्षण औरतों में :
 ज़रूरी नहीं है सीने के बीच से स्टर्नम से उठके दर्द की लहर बाजू से होती ऊंगलियों तक ही आये औरतों के मामले में कमर में दर्द का होना ,जबड़े में दर्द होना ,मिचली आना ,उदर शूल ,नौज़िया नान टिपिकल लक्षण हो सकतें है दिल के दौरे के .
लेकिन यदि कोई महिला सीने में परेह्सानी महसूस कर रही है ,उदर शूल है साथ ही सांस लेने में दिक्कत भी हो रही हो ,बला का पसीना टूट (छूट )रहा हो तब अस्पताल की राह पकडनी चाहिए बिला वक्त गँवाए .यहाँ वक्त का ही मोल है .टाइम इज गोल्ड .
हार्ट डिजीज को मर्दों का रोग समझके बहुत से डॉ महिलाओं के मामले में इसकी अनदेखी कर जातें हैं .सीने में दर्द की शिकायत लेकर जो महिलायें अपने काया चिकित्सक (फिजिशियन )के पास पहुँचती हैं बिरले ही उनका ई सी जी लिया जाता है ,एन्जियोग्राम की सलाह देना तो और भी दुर्लभ दूभर रहता है .यही कहना है डॉ .जे .संगूमणि का .आप मदुराई  मेडिकल कोलिज ,मदुराई  में मेडिसन  के  आचार्य हैं .
औरतें खुद भी अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करती रहतीं हैं .
दिल की बीमारियों का माहिर मेल हो ,पुरुष डॉ. हो तब परम्परा गत सोच संकोच के तहत कितनी ही महिलायें उन्हें दिखलाने में परहेज़ करतीं हैं .
जबकि घर बाहर सभी जगह अब औरत की जान को क्लेश बढ़ गया है तनाव बढ़ गया है .'अर्थ' और घर की चिंता की दोहरी मार वह झेल रही है अपने स्वास्थ्य को पारिवारिक स्वास्थ्य के हाशिए पर रखे हुए .
तनाव के रिलीज़ होने के मौके उसकी ज़िन्दगी से नदारद रहतें हैं और इसी सब के चलते अब उसके दिल को सौ जोखिम पैदा हो गएँ हैं .
Routine Check -ups are Vital
दुर्भाग्य  है  यह कहना कि  औरतों को दिल का गंभीर दौरा पड़ने के बाद ही तवज्जो मिलती है उससे पहले नहीं जब लक्षण एक दम से मुखरित हो चुके होतें हैं .और इसीलिए कितनी ही औरतें आकस्मिक रूप से चल बसतीं हैं क्योंकि पहले से बचावी उपाय ऐसे में किये ही नहीं जा सकते जबकी मर्दों को लिपिड प्रोफाइल जांच के बाद से ही पूरी तवज्जो मिलती है .
अक्सर वह घर में अकेली होती है मर्दों के घर पहुँचने का इंतज़ार करती है तब तक कई मर्तबा बहुत देर हो चुकी होती है .
इसीलिए रूटीन चेक अप्स  औरतों के लिए और भी ज्यादा ज़रूरी हैं .औरतों की आर्त्रीज़ बारीक होती हैं उनमें  अवरोध आसानी से पकड नहीं आता है .ऐसे में ई सी जी भी नोर्मल और एन्जियोग्राम भी नोर्मल आ सकता है .लक्षणों के प्रगटीकरण पर भी ये केमाफ्लेजिंग हो सकती है .खासकर जब पारिवारिक इतिहास रहा आया हो दिल की बीमारियों का ऐसे में इको -कार्डियोग्राम  ही पूरी तस्वीर साफ़ कर पाता  है .विस्तित जांच होनी चाहिए दिल के माहिर के पास पहुँचने पर भले लक्षणों के प्रगटीकरण के बाद ई सी जी सामान्य आ रहा हो .
बेदमी(ब्रेथलेस नेस )और थकान खुद में एक लक्षण है .स्ट्रेस कार्डियोग्राम बेहतर ढंग से खुलासा कर सकता है धमनी में आई रुकावट का .
An angiogram ,too ,may not always spot the more diffuse build -up of plaques that often form in a women's coronary arteries.(In fact ,an angio done for smitha Jadhav showed things were normal ,even after heart attack.)
और  इसीलिए small -vessel heart disease के कितने ही मामले दस सालों में ही major blocks के रूप में सामने आने लगतें हैं .
इसीलिए 'stress echocardiography या फिर 'myocardail perfusion imaging'(MPI) जिसे न्यूक्लीयर स्केनिंग भी कह दिया जाता है ज्यादा अच्छे नतीजे देतें हैं रोगनिदान के .यहाँ मरीज़ को यदि वह चलने में समर्थ है एक रेडिओ आइसोटोप का इंजेक्शन देने के बाद 'exercise bike या  फिर treadmill पर  चलाया जाता है .         
 बकौल प्रोफ़ेसर वी .एस प्रकाश (President of the Cardiology Society of India;s Banglore chapter)MPI जांच ही औरतों  के मामले में एक आदर्श आरंभिक जांच होना चाहिए ताकि वक्त रहते दूध का दूध पानी का पानी हो जाए .
तमाम बड़े शहरों में अब यह रोग नैदानिक परिक्षण उपलब्ध है .
'Heart disease is  often a disease of ignorance 
बे  -खबरी ,अनभिग्य बने रहने ,अनजान बने रहने से ताल्लुक रखता है हृद रोग. बचाव ही इसके खिलाफ एक कारगर उपाय है असरकारी टीका है यह कहना है प्रोफ़ेसर गांधी का .
लेकिन  जब  तक औरत दिल के माहिर तक पहुँच पाती है तब तक उसका दिल खासी नुकसानी उठा चुका होता है .इसलिए अपने स्वास्थ्य के प्रति उन्हें खुद ही उत्तरदाई बनना  होगा .अपनी स्वास्थ्य कमान अपने हाथ में रखनी होगी .
गौर तलब है नवजात की धमनियों में भी कोलेस्ट्रोल मौजूद रहता है ,ला -परवाह जीवन शैली ,खानपान इसका ज़माव धमनियों में बढ़ा सकता है .
कबाड़िया भोजन ,जंक फ़ूड से बचपन से ही बचे रहना लाजिमी है .नियमित व्यायाम ,सक्रीय  दैनिकी ,और स्वास्थ्यकर खान पान हृद रोगों के जोखिम को कम करता है .
और अब तो रोग निदान के बिना चीड फाड़ वाले तरीके भी आ गएँ हैं जो सालों पहले आपको धमनियों में बढ़ने वाले अवरोध के प्रति खबरदार कर सकतें हैं .
ज़रुरत आपकी खबरदारी की है .अपनी सालाना स्वास्थ्य जांच में तीस साल के बाद लिपिड प्रोफाइल को शामिल  कीजिए  .
यदि हृद रोगों का पारिवारिक वृत्तांत मौजूद है तब ऐसी जांच बीस साल के बाद से ही नियमित होनी चाहिए यही कहना बूझना परामर्श है माहिरों का .

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ज़रुरत खबरदारी की है |

रविवार, 4 मार्च 2012

तेजाबी होने के सारे रिकार्ड तोड़ रहें हैं हमारे महासागर .

तेजाबी होने के सारे रिकार्ड तोड़ रहें हैं हमारे महासागर .
Oceans turning acidic at fastest pace in 300 million years  /THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,MARCH 3,2012/P19.
गत  तीस करोड़  सालों की अवधि में  दुनिया भर के महासागरों में तेजाबी पन  तेज़ी से बढ़ा है .यह एक दम से अप्रत्याशित तेजाबी वृद्धि इसलिए है इसने अब से पांच दसमलव छ :करोड़ बरसों पहले का रिकार्ड भी तोड़ दिया है .यह वह दौर था  जब ग्रीन हाउस गैस कारबन तेज़ी से उत्सर्जित हुई थी .
पृथ्वी के इतिहास में इस तापित अवधि (वार्म पीरियड )का मूल्यांकन आकलन करने पीछे मुडके  देखने , गौर करने से हमें मानव निर्मित जलवायु परवर्तन के संभावित आयामों को बूझने में मदद मिल सकती है .
तेजाबी होते समुन्दर सबसे पहले कोरल रीफों (प्रवाल और मूंगा की चट्टानें )को लील जातें हैं .जबकि ये प्राकृत आवास होतें हैं अनेक जीवों और पादपों का .
अलावा इसके तेज़ी से गंधाते तेजाबी गंध से महासागर 'mussels' और oysters को अनुरक्षण कवच (हिफाज़ती हार्ड शेल ,)   भी  नहीं बना देते .
मसल (mussel)सीपी  में  रहने  वाली खाने की छोटी समुद्री मछली होती है(a shellfish) जिसका काला खोल दो भागों में बंटा  रहता है .
आइस्टर(oyster) भी एक प्राकार की शंखमीन होती है जिसे लोग खाते हैं कुछ शंख मीनों से मोती निकलतें हैं . 
तेजाबी होते समुन्दर स्माल ओर्गेनिज्म को भी व्यवधान पहुँचातें हैं .
salmon मच्छी  का यही जैविक संगठन चारा बनते हैं ,फीड करतें हैं इन्हें .लेकिन तेजाबी होते समुन्दर इनसमुद्री  पारि- तंत्रों को नुक्सान पहुंचा रहें हैं .

अमरीकी राष्ट्रीय सागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशाशन (US National Oceanic and Atmospheric Administration )ने समुन्दरों के तेज़ी से होते तेजाबीकरण की पड़ताल और प्रदर्शन किया है .अमरीकी कोंग्रेस को बा -खबर किया है इस बाबत .
  जब वायुमंडल में अधिक कार्बन दाखिल होती है तब समुन्दर तेजाबी हो उठतें हैं .पूर्व उद्योगिक युग में ऐसा कुदरती कारबन स्पंदों के रूप में हुआ करता था.लिहाजा इस दौरान आलमी तापमानों (भूमंडलीय तापमानों और गर्माहट )में वृद्धि हो जाती थी .
साईन्सानों ने यही इत्तल्ला विज्ञान प्रपत्र 'साइंस 'को दी है .
मानवीय गति विधियों से इतर जिस कद्र जीवाश्म ईंधनों का सफाया हुआ है उसने उद्योगिक क्रान्ति के आरंभिक चरण की बनिस्पत आज वायुमंडली कारबन को तब के २८० पी पी एम् (पार्ट्स पर मिलियन ,प्रति दस लाख भागों में मौजूद कार्बन की मात्रा )से बढ़ाकर ३९२ पी पी एम् कर दिया है .
राम राम भाई !  राम राम भाई !
नुश्खे सेहत के :
सर दर्द से राहत के लिए लेमन जूस में पानी मिलाके पीजिये .
फॉर ड्राई स्किन :
  शुष्क (खुश्क )चमड़ी वाले ध्यान दें  :Aloe -vera gel में विटामिन ई आइल मिलाकर मास्क लगाएं .सूखने दें इसे .
राम राम भाई !  राम राम भाई !
   नुश्खे सेहत के :   Apple cider vinegar :बालों (केश क्यारी )को चमकदार बनाता है .सन बर्न से राहत दिलवाता है .किसी कीड़े के काटने के बाद इसे मलिए आराम आयेगा .अलावा इसके यह बालों से रूसी हटाता है .
Apple cider vinegar adds shine to hair ,soothes sunburn ,insect bite and controls dandruff.
Apple cider ताज़े एपिल के ज्यूस से तैयार की गई शराब है .इसमें एल्कोहल नहीं होता है .सिरका 'रेड वाइन सिरका 'वाईट सिरका' ,'एपिल साइडर सिरका ',हाँ जामुन से भी तैयार किया जाता है बहु -उपयोगी सिरका .
हाथों की मुलामियत के लिए :
एक चाय का चम्मचभर  जैतून का तेल (olive  oil ),एक कैप्स्यूल विटामिन ई का और एक चाय का चम्मच भरके    मिल्क पाउडर मिलाकर हाथों पर मालिश कीजिए .हफ्ते में बस दो बार .फिर देखिये हाथों की लुनाई ,नरमी ,कोमलता .For soft hands ,mix one tea spoon full of olive oil ,one Vitamin E capsule and one tsp powdered milk and massage into your hands twice a week.




शुक्रवार, 2 मार्च 2012

ज्यादा नाज़ुक पाए गए हैं किशोर किशोरी दिमागी चोट के प्रति .

ज्यादा नाज़ुक पाए गए हैं किशोर किशोरी दिमागी चोट के प्रति .
'concussions affect teens more than kids,adults/THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,MAR1,2012/P21.
सदमा पहुंचाने वाली दिमाग की चोट हो या कोई और दिमागी चोट किशोर वृन्द ज्यादा असुरक्षित रहता है ऐसी चोटों से .एक अन्य अध्ययन का यही दावा है .
विज्ञान प्रपत्र 'ब्रेन इंजरी 'में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार ऐसी चोटों से किशोर वृन्द को वर्किंग मेमोरी के मामले में ज्यादा बाधा पहुँचती है .
अल्प कालीन सूचना संशाधन और संग्रहण दोनों ही असर ग्रस्त होतें हैं दिमागी चोट से .ज़ाहिर है याद रखने में दिक्कत पेश हो सकती है ऐसी चोट के बाद .दिमागी चोट लगने के छ ;माह बाद भी किशोर वृन्द में यह मेमोरी इम्पेयर्मेंट देखा गया है .बच्चों और बालिगों को ऐसी नुकसानी अपेक्षाकृत कम उठानी पड़ती है यही इस शोध का परिणाम है .
इस अध्ययन  के ऑथर डॉ. एल्लेम्बेर्ग के मुताबिक़ दिमाग का एक हिस्सा फ्रन्टल लोब वर्किंग मेमोरी के लिए जिम्मेवार रहता है जिसकी बढ़वार को किशोरावस्था में ही पंख लगतें हैं .और इसलिए यह और भी ज्यादा असुरक्षित अरक्षित बना रहता है किशोर वय  में .दिमागी चोट के प्रति एक दम से नाज़ुक .डॉ .एल्लेम्बेर्ग University of Montr
   eal ,Quebec में Kinesiology के आचार्य हैं .
काइनेसियोलोजी मानवीर शरीर अंगों के सन्दर्भ में गति की यांत्रिकी की व्याख्या करता है .
Kinesiology is the study of the mechanics of motion with respect to human anatomy. It  is the study of muscles and body movement.
Deficits in working memory can impair a person's ability to do everyday things ,such as multitasking ,Ellemberg said.
"contrary to the belief that children can play through a concussion because their brains are more resilient ,we find they are more vulnerable to the effects of a brain injury than adults,"he said.
राम राम भाई !  राम राम भाई !
आर्कटिक    सागर   की  हिमानी  छीज़न लाई   थी  योरोप  की  बर्फानी   ठंड   .
Arctic sea ice decline behind Europe's big chill/THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,MARCH 1,2012/P21.
आर्कटिक सागर में हिम राशि का क्षीण होना योरोप की अप्रत्याशित बर्फानी ठंड की वजह बनी थी.जबकि  विशाल हिम राशि की छीज़न का कारण उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्र की गर्माहट बनी थी ऐसा साइंसदानों का अब मानना बूझना है .
एक तरफ प्रेक्षण में लिए गए आंकडें और दूसरी तरफ कंप्यूटर मोडलों से आकलित आकड़ों के संयोजन से ऐसे निष्कर्ष निकाले गए हैं .
आर्कटिक सागर में आये पत झड कालीन बदलावों के फलस्वरूप मौसम के मिजाज़ में आये बदलावों के बीच एक अंतर सम्बन्ध साफ़ साफ़ दिखलाई दिया है .वातावरण में इस दरमियान न सिर्फ आद्रता बढ़ी तापमानों ने भी निम्नतर स्तर छूए .फलस्वरूप उत्तरी अमरीका , योरोपऔर एशिया में   में भारी हिमपात भी हुआ .निष्कर्ष :
उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्र की गर्माहट से जुडी है योरोप की बर्फानी ठंड की नव्ज़.
बेशक इसमें उत्तरी ध्रुवीय सागर की हिम राशि का क्षीण होना विधाई रहा है .हालिया सिरहन और बर्फानी ठंड की वजह यही हिमानी छीज़न बनी है .
1970s के आखिरी बरसों में उपग्रहों से हिमराशी का आकलन शुरू हुआ .बराबर रिकार्ड रखा गया है तब से .तब  से  अब तक अपार हिमराशी गायब है .अगर यही सिलसिला ज़ारी रहा तो एक दिन इस क्षेत्र में हिम शून्य ग्रीष्म भी प्रगट होगा .और ऐसा आने वाले चंद दशकों में ही देखने में आ सकता है माहिरों ने दो टूक चेतावनी दे दी है .
लाइव साइंस ने इस अध्ययन की रिपोर्ट प्रकाशित किया है .
सागर से हिम राशि का क्षीण होना निश्चय ही एत्मोस्फीयरिक सर्कुलेशन पैट्रन को प्रभावित कर सकता है पश्चिमी पवनों को कमज़ोर बना सकता है .फल स्वरूप 'jet stream'  का amplitude भी बढ़ सकता है .वातावरण में कुल नमी बढ़ सकती है .
Georgia Tech के जिपिंग लिऊ का यही मत है .आप ही इस अध्ययन के प्रमुख लेखक हैं .आपके शब्दों में -
"These pattern changes enhance blocking patterns that favour more frequent movement of cold air masses to middle and lower latitudes ,leading to increased heavy snowfall in Europe ,and the Northeast and Middle regions of the United states ,"Liu said. 
राम राम भाई !  राम राम भाई !
रुक जायेगी हिमालय की विकास यात्रा आइन्दा दो करोड़ सालों में .
Himalayas will stop growing in 20 million years ,finds study/ THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,MARCH 1,2012/P21.
समझा  जाता  है अब से कोई पांच करोड़ बरस पहले भारतीय प्लेट की यूरेशियाई प्लेट से टक्कर के फलस्वरूप शिशु हिमालय का प्रादुर्भाव हुआ था .तब से शिशु हिमालय विकासमान था इसकी ऊंचाई में भी इजाफा हो रहा था .अनुमान है आइन्दा आने वाले दो करोड़ बरसों में यह विकास थम जाएगा .
ऐसा पृथ्वी की मैन्टल(भूमि के मध्य बिंदु और सतह के बीच का भू अंश ) की स्ट्रेंग्थ(भारी वजन संभाले रखने की ताकत )के कारण   होगा  न   कि  हिमालय    की उत्तुंगता ,  ऊंचाई की वजह       से .
ब्रितानी विज्ञान साप्ताहिक 'नेचर 'में यह शोध पत्र प्रकाशित हुआ है जिसकी   ऑथर अमरीकी भू -भौतिकी की माहिर मारिन क्लार्क हैं .
इस अन्वेषण ने सुविख्यात प्लेट विवर्तन सिद्धांत को सवालों के घेरे में ला खडा किया है .यह बूझना है प्रोफ़ेसर क्लार्क का .आप मिशिगन विश्वविद्यालय में आचार्य हैं .
बकौल आपके जिस रफ़्तार से भारतीय उप   -महाद्वीपीय  प्लेट खिसकती रही है वह रफ़्तार  बेशुमार तेज़ी के साथ   कम हो रही है .इस भारतीय  प्लेट का खिसकाव एक्स्पोनेंशियाली कम हो रहा है .
आपने उत्तरी भारत के खिसकाव की  प्रकाशित स्थितियों का गत ६.७ करोड़ सालों के काल क्रम में आकलन किया है .कन्वर्जेन्स रेट्स (अभिसरन की दर )का मूल्यानाकन किया है .दो प्लेटो का विभिन्न दिशाओं से आकर मिलना टकराना ,केंद्राभिमुख होना कन्वर्जेन्स कहलाता है .
इस प्रकार से हिमालयीन विकास अपनी परिणति को प्राप्त हो संपन्न हो जाएगा .
The convergence will halt -putting an end to one of the longest periods of mountain -building in recent geological history -in about 20 million years,she estimated .
राम राम भाई !  राम राम भाई !
सूखे हुई खूबानी मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत हैं .मैग्नीशियम स्ट्रेस बस्टर  (तनाव शैथिल्य ) का काम करता है .पेशियों को भी तनाव मुक्त  रखता  है .शिथिल         करता है .

Dried apricots are a source of magnesium ,which is a stress releaser and helps relax your muscles. 
गुणकारी    है    केला    :पोटेशियम  और  मैग्नीशियम  का  प्रचुर  भण्डार   रहता  है  केले  में  .हमारे  निद्रा - लीं  होने  पर  यह  ब्लड  प्रेशर  को  कमतर (Lower) रखता  है   .
Bananas are rich in potassium and magnesium which help lower blood pressure while sleeping.
नुश्खे सेहत के :
ऊंची एडी पहनने का एक  और खमियाजा उठाइएगा ?

'Stilleto heel ' एक फेशनेबुल फुट वीयर ही नहीं 'सेक्सी' भी है .लेकिन यह महिला के शरीर को भी कम क्षत विक्षत नहीं करती है .
'Ingrown toenails' की भी वजह बनती है .कई मर्तबा इस स्थिति में शल्य ही समाधान रह जाता है .यहाँ तक की पूरा नाखून ही निकालना पड़ता है .फेशन फुटवियर  ही उत्तरदाई हैं इस स्थिति के लिए क्योंकि पैर का पूरा पंजा ही कुचला जाता है इस सेक्सी चीज़ से .
It is because toenails occur when the toes are compressed too much forcing the toenail to grow into the skin .
यही  स्थिति  कहलाती है 'इन ग्रोन टो नेल्स 'जब नाखून की बढ़वार चमड़ी के अन्दर की ओर होने लगती है .अनेक बार संक्रमण  कारी सिद्ध होती है .ऐसे में सर्जरी ही समाधान बचता है . 
राम राम भाई !  राम राम भाई !
चिर युवा बनाए रह सकता है दिमाग को मछली का सेवन .साइंसदानों के मुताबिक़ जिन लोगों की खुराक में ओमेगा थ्री फेटि एसिडों की कमी बेशी पाई जाती है उन लोगों की  बोध सम्बन्धी क्षमताओं में ह्रास, मेंटल डिक्लाइन और दिमागी सिक्डाव(brain shrinkage) अपेक्षाकृत जल्दी होने लगता है .
Fish oil can help keep brain young ,cut shrinkage/THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,FEB29,2012,P19.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ केलिफोर्निया ,लोस एन्ज़िलीज़ के रिसर्चरों के अनुसार जिन लोगों की खुराक में ओमेगा थ्री फेटि एसिड्स की न्यूनतम मात्रा रहती है उनमे ब्रेन मॉस भी इतना कमतर रहता है जो कालक्रम में दो साला एजिंग के समतुल्य तो होता ही है .मालूम हो ओमेगा थ्री फेटि एसिड्स मछली में पाए जाने वाला प्रमुख घटक है .इसीलिए मछली का तेल स्वास्थ्य के लिए अच्छा बतलाया गया है .
साइंसदान पहले से जानते हैं ,ओमेगा थ्री फेटि एसिड्स का निम्नतर स्तर ही विज्युअल मेमोरी ,प्रोब्लम सोल्विंग ,मल्टी टास्किंग और एबस्ट्रेक्ट थिंकिंग में आपको पिछाड़ी बना देता है .लो स्कोर्स मिलतें हैं आपको .
समझा जाता है मच्छी के तेलों में पाया जाने वाला ओमेगा थ्री फेटि एसिड्स न सिर्फ दिमागी विकास और स्नायु कोशिका (नर्व सेल री -जेनरेशन )में सहायक सिद्ध होता है ब्रेन इन्फ्लेमेशन को भी कम करता है .
जर्नल 'न्यूरोलोजी '  में प्रकाशित इस ताज़ा अध्ययन के अनुसार रिसर्चरों ने १५०० लोगों के ब्रेन स्केन लिए हैं जिनकी औसत उम्र ६७ बरस रही है .इनमे से उन लोगों के दिमाग में सिक्डाव(ब्रेन श्रीन्केज )ज्यादा मिला जिनमें DHA(docosahexaenoic acid) का  स्तर घटा हुआ था .
DHA ही वह ओमेगा थ्री फेटि एसिड है जो नर्व सेल्स के परस्पर संवाद को कामयाब बनाता है .
जिन लोगों के खून में ओमेगा थ्री फेटि एसिड्स का स्तर कमतर बना रहता है इनमें ब्रेन वोल्यूम भी कम रहता है .इनका दिमाग कम जगह घेरता है क्योंकि इसका आयतन कमतर रहता है .यह आयतन की कमीबेशी दो साला संरचनात्मक दिमागी उम्र दराज़ होने (स्ट्रक्चरल एजिंग )के समतुल्य होती है जहां उम्र के साथ दिमागी आयतन कम होता है सिक्डाव आता है आयतन में . 
नुश्खे सेहत के कुछ और हाज़िर हैं चुन तो लें :
स्वाद स्वाद में बचिए स्ट्रेस से .
सुस्वादु मच्छी  :तनाव को हाशिये  पर  रखने  के  लिए  अपनी  खुराक में शामिल कीजिये ओमेगा थ्री फेटि एसिड्स .ये आवश्यक वसाएं (वसीय अम्ल )स्ट्रेस हारमोन मध्यम/मझौले   स्तर पर (न बहुत कम न बहुत ज्यादा )बनाए  रहतें   हैं .अवसाद   से आपको  बचाए  रहतें  हैं .इन्हें   प्राप्त    किया    जा  सकता  है हफ्ते  में दो  बार  मच्छी अपनी खुराक में शामिल करके .एक  बार की  खुराक में इसकी  मात्रा      85 ग्राम   ज़रूर  रहे  .जो  लोग  मच्छी नहीं खाते   वह  एक मुठ्ठी  अखरोट    की गिरी   (मुठ्ठी  लालच  में आकर नहीं भरनी है सामान्य तौर  पर जितने  अखरोट  एक बार में आजायें ,उतने काफी हैं ).
फिश आयल सम्पूरण भी स्तेमाल कर सकतें हैं .लेकिन खाद्य पदार्थों से इनकी प्राप्ति सबसे उम्दा रहती है .
ब्लेक टी :
   एक ब्रितानी रिसर्च के अनुसार छ :सप्ताह  तक  जिन सब्जेक्ट्स को रोजाना चार कप ब्लेक टी पीने को दी गई उनमे स्ट्रेस हारमोन कोर्टिसोल का स्तर नीचे  आगया.दिमाग खपाऊ स्त्रेस्फुल काम काज के बाद ये ज्यादा आराम से और रिलेक्स्ड देखे गए बरक्स उनके जिन्हें ब्लेक टी नहीं दी गई थी और वही मगज खपाऊ  काम करवाया गया था .
अन्य अध्ययनों में ब्लेक टी को चुस्त दुरुस्त रखने वाला बतलाया गया है .सलाह दी गई दिन भर मेंटली एलर्ट बने रहने के लिए ब्लेक टी लीजिये .
आवोकाडोज़:इसके गूदे में भरा हुआ है पोटेशियम और एकल अ -संतृप्त वसाएं .ये दोनों ही पुष्टकार तत्व ब्लड प्रेशर घटाने में विधाई भूमिका निभातें हैं .एकल अ -संतृप्त वसाएं अवसाद को दूर रखने में मददगार रहतीं हैं .
स्पेन में किये गए एक ११ साला अध्ययन में जिन लोगों की खुराक में अधिक म्युफा (मोनो -अन -सेच्युरेतिद फेटि एसिड्स )था उनमे अवसाद ग्रस्त रहने की संभावना भी उतनी ही कमतर देखी गई .
अलावा इसके चित्त को शांत रखने के लिए सिलेरी और गाज़र साबुत खाइए चबा चबा के कुतर कुतर के .जबड़े की जकरण   कम होगी तनाव भी कम होगा .
Munching celery ,carrot sticks ,and other crunchy foods can help relax a clenched jaw and ward off tension.
दूध      का सेवन        भर पूर        केल्शियम     मुहैया     करवा    सकता     है .'पूर्व     मासिक    संलक्षणों '   से महिलाओं    को राहत     दिलवा   सकता है .दूध    में मौजूद    केल्शियम   .बे   -चैनी  भी कम कर सकता है .

Drink milk :Calcium may help ease anxiety and mood swings linked to pre-menstrual syndrome.