हेल्थ टिप्स /दादी -नानी के नुश्खे /सेहत से जुड़े नुक्ते ।
(१) अंडे कि ज़र्दी (एग वाईट )को शहद में मिलाकर चेहरे पर मलिए .१५ मिनिट बाद चेहरा धौ डालिए .बेहतरीन ताइत्निन्ग मास्क है यह नुश्खा .आज़माइश कर देखें ।
(२)बालों की अतिरिक्त चमक ,एक्स्ट्रा शाइन के लिए ,चाय कि पत्ती पानी में उबालिए .थोड़ा ठंडा करके (कमरे के तापमान पर )इस से बालों को रिंस करिए .पानी से खंगालने पछाने के बाद बालों कि चमका देखिये .देखते रह जायेंगे ।
(३) पैरो की बिवाई को भरने के लिए (टू फिल इन क्रेक्द हील्स ) आधे नारियल और एक केले का पेस्ट तैयार कीजिये .इसे दस मिनिट तक लगाए रहिये ।
(४) पैरो की मृत प्राय और सूखी चमड़ी से निजात पाने के लिए सप्ताह में एक बार पैरो को लेमन ज्यूस में भिगोकर रखिये दस मिनिट ।
(५)प्री -मेन्स्त्र्युअल् -सिंड्रोम /पीएम्एस से राहत के लिए पोटाशियम बहुल खुराक लीजिये .ब्रोक्क्ली ,मच्छी और फलियों का (बीन्स ) का सेवन कीजिये .
रविवार, 5 दिसंबर 2010
अटोर्नी और सोलिसिटर जनरल में क्या फर्क होता है ?
अटोर्नी जनरल भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार (लीगल एडवाइज़र )होता है .केंद्र सरकार की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी करने वाला प्राइ -मैरी लाईयर होता है ।
इसकी सहायता के लिए 'सोलिसिटर -जनरल 'होता है .चार अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल भी नियुक्त किये जातें हैं ।
संविधान के आर्ट -किल ७६(१)के तहत अटोर्नी जनरल कि नियुक्ति भारत सरकार का रास्ट्रपति करता है .
इसकी सहायता के लिए 'सोलिसिटर -जनरल 'होता है .चार अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल भी नियुक्त किये जातें हैं ।
संविधान के आर्ट -किल ७६(१)के तहत अटोर्नी जनरल कि नियुक्ति भारत सरकार का रास्ट्रपति करता है .
ट्वु -डे और ट्वी -डेट -टे किन्हें कहिएगा ?
हू इज ए 'ट्वु -डे 'एंड हू इज ए ट्वी -डे -तटे ?
पहला व्यक्ति 'ट्वीटर 'की शब्दावली में वह है जो ट्वीट करते वक्त किसी के प्रति या किसी बात पर अशिष्ट हो जाता है ,अश्लील भद्दी बातें लिखने (सारी ,ट्वीट करने) lgtaa hai . यही है ट्वु -डे ।
दूसरा वह है जो अभी तक ट्वीटर पर नहीं आया है .ट्वीटर पर जिसने अपना एकाउंट नहीं खोला है ,join नहीं किया है इस सोसल नेट वर्किंग साईट को .यही ट्वी -डेट -टे है ।
जो ट्वीप्ल(इसे पीपुल )पढियेगा ,इस ट्वीटर आधारित शब्दावली से ज्यादा वाकिफ होना चाहतें हैं वे तमाम लोग (ट्वीपलon laain dikshnari 'tveetnari 'ki sharan me jaayen .
पहला व्यक्ति 'ट्वीटर 'की शब्दावली में वह है जो ट्वीट करते वक्त किसी के प्रति या किसी बात पर अशिष्ट हो जाता है ,अश्लील भद्दी बातें लिखने (सारी ,ट्वीट करने) lgtaa hai . यही है ट्वु -डे ।
दूसरा वह है जो अभी तक ट्वीटर पर नहीं आया है .ट्वीटर पर जिसने अपना एकाउंट नहीं खोला है ,join नहीं किया है इस सोसल नेट वर्किंग साईट को .यही ट्वी -डेट -टे है ।
जो ट्वीप्ल(इसे पीपुल )पढियेगा ,इस ट्वीटर आधारित शब्दावली से ज्यादा वाकिफ होना चाहतें हैं वे तमाम लोग (ट्वीपलon laain dikshnari 'tveetnari 'ki sharan me jaayen .
किसे कहिएगा वेगीवोर ?
हू इज ए वेगीवोर ?
शाक सब्जियों के बेहद तलब गार व्यक्ति को 'वेगीवोर 'कहा जाता है .ऐसा नहीं है कि मांस भक्षण से ऐसे व्यक्ति को कोई अरुचि या चिड बनी रहती है ,कोई बैर है ,.खा सकता है यह सामिष भी लेकिन जब तक शाक -सब्जी नहीं इसकी तृप्ति नहीं .आनुषांगिक हो सकता है इसके लिए नॉन -वेज प्रा -ईमरी नहीं .वेजितेबिल्स के लिए इसकी ललक बनी रहती है .मीट मे बी जस्ट अनादर डिश फॉर हिम ।
शाक सब्जियों के बेहद तलब गार व्यक्ति को 'वेगीवोर 'कहा जाता है .ऐसा नहीं है कि मांस भक्षण से ऐसे व्यक्ति को कोई अरुचि या चिड बनी रहती है ,कोई बैर है ,.खा सकता है यह सामिष भी लेकिन जब तक शाक -सब्जी नहीं इसकी तृप्ति नहीं .आनुषांगिक हो सकता है इसके लिए नॉन -वेज प्रा -ईमरी नहीं .वेजितेबिल्स के लिए इसकी ललक बनी रहती है .मीट मे बी जस्ट अनादर डिश फॉर हिम ।
लेकिन इसकी तसल्ली हरी तरकारियों से ही होगी ।
कार्निवोर आप जानतें हैं सामिष या मांस -भोजी को ,हर्बी -वोर ,शाक -भोजी ,इन्सेक्ति -वोर कीटभक्षी को तथा ओम्निवोर सर्वभक्षी को कहा जाता है .
नए मेहमान के आवाहन से पहले भावी मम्मियों के लिए (ज़ारी ...)
गर्भावस्था में खान -पान क्या हो ?
सुबह उठकर निवृत्त होने के बाद दस मिनिट के अन्दर अपनी पसंद का कोई भी एक फल (फ्रूट )खाइए .एक मुठ्ठी मेवे .मुठ्ठी भरने में लालच नहीं दिखाना है ,जितने हाथ में आयें ,वही ठीक ।
इसके एक घंटा बाद घर का बना पुष्टिकर नाश्ता (स्टफ्ड रोटीमोटे आटे होल ग्रेन की /दलिया /ओट्स पूरिज /मौसम और आपकी पसंद के अनुरूप कुछ भी )लीजिये .बिस्किट्स ,अचार ,सास आदि नहीं हो तो बेहतर .इन चीज़ों से इस दरमियान परहेजी ही भली ।
दोपहर का भोजन ११ -०१ बजे के बीच ज़रूर कर लीजिये .इसमें और देरी ठीक नहीं ।
मल्टी -ग्रेन आटा(होल व्हीट ,ज्वार ,बाजरा ,राईस ,नाचनी (एन ए सी एच एन आई ),राजगीर आदि ) स्तेमाल में लीजिये लंच के लिए साथ में ताज़ा सब्जी और पसंदीदा दाल ।सतरंगी सलाद साथ में हो तो कहना ही क्या ।
लंच के दो घंटा बाद दही या छाछ लीजिये फ्रेश ब्लेक पेप्पर ,भुने हुए जीरा पाउडर के साथ .नमक और चीनी दोनों से बचिए ।
घर में बनी चाय/कोफी दिन भर में एक कप से ज्यादा न हो .फिर चाहे वह मसाला चाय हो या सादा ।
६-७ बजे के अर्ली डिनर में चीज़ ,पनीर ,पीनट-
बटर ,लोनी (घर में तैयार सफ़ेद मख्खन ) आदि में से किसी एक को शामिल करिए .बाकी लंच जैसा ।
रात ९ बजे कोई एक हेल्दी सब्जी /स्टीम्ड सब्जियां एक छोटी कटोरी खिचड़ी /कड़ी के साथ लीजिये ।
दिन भर एक्टिव रहिये .एक जगह देर तक टिककर मत बैठिये .जितना आसपास घूम फिर सकतें हैं दिन भर में घूमिये .पैदल चलिए ।
पानी पीते रहकर बॉडी को ऋ -चार्ज करते रहिये .जलीकृत ,वेळ -हाई -ड्रेतिद रखिये पूरे जेस्तेशन पीरियड (४० सप्ताह के सामान्य गर्भ काल में )।गर्भावस्था के बाद भी पर्याप्त पानी पीते रहिये .
विटामिन और खनिज संपूरक हिदायतों के अनुरूप लेते रहिये ।
सन्दर्भ -सामिग्री :-एक्सक्लूसिव एडितिद एक्सर्प्स फ्रॉम 'वोमेन एंड वेट लोस तमाशा 'बाई रुजुता दिवेकर .इन दी कन्क्लुडिंग पार्ट ,सिलेब्रिटी रुजुता दिवेकर एक्स्प्लैंस करेक्ट डाइट एंड लाइफ स्टाइल फ़न -डाज फॉर मम्मीज -टू -बी .मुंबई मिरर ,दिसंबर ४ ,२०१० ,पृष्ठ २२ )पब्लिशर ऑफ़ दी बुक इज 'वेस्टलैंड लिमिटिड '.
सुबह उठकर निवृत्त होने के बाद दस मिनिट के अन्दर अपनी पसंद का कोई भी एक फल (फ्रूट )खाइए .एक मुठ्ठी मेवे .मुठ्ठी भरने में लालच नहीं दिखाना है ,जितने हाथ में आयें ,वही ठीक ।
इसके एक घंटा बाद घर का बना पुष्टिकर नाश्ता (स्टफ्ड रोटीमोटे आटे होल ग्रेन की /दलिया /ओट्स पूरिज /मौसम और आपकी पसंद के अनुरूप कुछ भी )लीजिये .बिस्किट्स ,अचार ,सास आदि नहीं हो तो बेहतर .इन चीज़ों से इस दरमियान परहेजी ही भली ।
दोपहर का भोजन ११ -०१ बजे के बीच ज़रूर कर लीजिये .इसमें और देरी ठीक नहीं ।
मल्टी -ग्रेन आटा(होल व्हीट ,ज्वार ,बाजरा ,राईस ,नाचनी (एन ए सी एच एन आई ),राजगीर आदि ) स्तेमाल में लीजिये लंच के लिए साथ में ताज़ा सब्जी और पसंदीदा दाल ।सतरंगी सलाद साथ में हो तो कहना ही क्या ।
लंच के दो घंटा बाद दही या छाछ लीजिये फ्रेश ब्लेक पेप्पर ,भुने हुए जीरा पाउडर के साथ .नमक और चीनी दोनों से बचिए ।
घर में बनी चाय/कोफी दिन भर में एक कप से ज्यादा न हो .फिर चाहे वह मसाला चाय हो या सादा ।
६-७ बजे के अर्ली डिनर में चीज़ ,पनीर ,पीनट-
बटर ,लोनी (घर में तैयार सफ़ेद मख्खन ) आदि में से किसी एक को शामिल करिए .बाकी लंच जैसा ।
रात ९ बजे कोई एक हेल्दी सब्जी /स्टीम्ड सब्जियां एक छोटी कटोरी खिचड़ी /कड़ी के साथ लीजिये ।
दिन भर एक्टिव रहिये .एक जगह देर तक टिककर मत बैठिये .जितना आसपास घूम फिर सकतें हैं दिन भर में घूमिये .पैदल चलिए ।
पानी पीते रहकर बॉडी को ऋ -चार्ज करते रहिये .जलीकृत ,वेळ -हाई -ड्रेतिद रखिये पूरे जेस्तेशन पीरियड (४० सप्ताह के सामान्य गर्भ काल में )।गर्भावस्था के बाद भी पर्याप्त पानी पीते रहिये .
विटामिन और खनिज संपूरक हिदायतों के अनुरूप लेते रहिये ।
सन्दर्भ -सामिग्री :-एक्सक्लूसिव एडितिद एक्सर्प्स फ्रॉम 'वोमेन एंड वेट लोस तमाशा 'बाई रुजुता दिवेकर .इन दी कन्क्लुडिंग पार्ट ,सिलेब्रिटी रुजुता दिवेकर एक्स्प्लैंस करेक्ट डाइट एंड लाइफ स्टाइल फ़न -डाज फॉर मम्मीज -टू -बी .मुंबई मिरर ,दिसंबर ४ ,२०१० ,पृष्ठ २२ )पब्लिशर ऑफ़ दी बुक इज 'वेस्टलैंड लिमिटिड '.
शनिवार, 4 दिसंबर 2010
नए मेहमान के आवाहन से पहले (गत पोस्ट से आगे ज़ारी ...)
स्वस्थ मुक्तावली का मतलब है बेटर च्युइंग ,मजबूत मसूढ़े .खाना चबा चबा कर अच्छी तरह खाना .ज़ाहिर है ऐसे में पाचन तंत्र ठीक काम करेगा .आपका मन और काया स्वस्थ रहेगी .तभी गर्भ धारण करने के मौके बढ़ेंगे .आप सेक्स के लिए तैयार होंगी मन और काया दोनों से .सूक्ष्म नै काया का नै आत्मा का आवाहाँ ज्यादा कामयाब रहेगा .इसलिए ज़रूरी है कमसे कम एक साल पहले जंक फ़ूड को अलविदा कहा जाए .मुख स्वास्थ्य कीसंभाल के लिए दांतों के डॉक्टर के पास जाया जाए ताकि ६ माह बाद फोलो अप के लिए गर्भ धारण से पूर्व दोबारा जाया जा सके .यदि स्केलिंग ड्यू थी (दांतों की मंजाई),गम केविटीज़ थी ,उनकी समुचित भरपाई की जा सके ।
पोषण पर पुष्टिकर तत्वों पर ध्यान दीजिये .यदि स्त्री रोग विज्ञान की माहिर और प्रसूति -विद ने यह कहा है जाइए पहले अपना वजन कम कीजिये .तब इसका सही मतलब जानिएगा ?
यही वह समय है जब आप फैड डाइट को अलविदा कह दें ।
'सोमवार केवल दही मंगल केवल दाल ,खाने से पहले फाइबर ड्रिंक्स ,चाय -कोफी अदबदाकर पीने से एपेताईट तो क्या किल होगा ,भूख कम नहीं होगी वजन भी नहीं ,गर्भ धारण के अवसर ज़रूर कम हो जायेंगे ।"
आपकी गाइनेकोलोजिस्ट का मतलब था अपना खान पान दुरुस्त कीजिये .फिर गर्भधारण की सोचिये .यदि ऐसा नहीं किया तो गर्भावस्था के दौरान वेट तो ज़रुरत से ज्यादा बढेगा ही ,प्रसव भी मुश्किल से और मुश्किल होता चला जाएगा ।
इसलिए ज़रूरी है गर्भ धारण की सोचने से एक बरस पहले खान पान को स्वास्थ्यकर बनाया जाए .खुराक में पुष्टिकर तत्वों घर में तैयार ताज़ा संतुलित आहार ही लिया जाए .ताकि तन और मन दोनों स्वस्थ रहें .पर्याप्त व्यायाम किया जाए .चाय कोफी ,धूम्रपान और शराब (वाइन से भी )दूरी बनाई रखी जाए .खाना वक्त पर और मौसमी ही खाया जाए .संशाधित खाद्य बिलकुल नहीं .जहां तक हो ओरगेनिक प्रोड्यूस (विद मिनिमम ओर जीरो पेस्टी -सा -इड्स एंड केमिकल्स ) ही स्तेमाल किये जाए ।
ऐसा करने पर आपकी ब्लड सुगर ऊपर नीचे नहीं होगी .आप लो साउंड नहीं करेगी .अवसाद से दूर रहेंगी .मन स्वस्थ और पिया मिलन को आतुर रहेगा .नन्ना मेहमान कोई ऐसे ही आ जाएगा? तैयारी तो करनी होगी .(ज़ारी ....)
पोषण पर पुष्टिकर तत्वों पर ध्यान दीजिये .यदि स्त्री रोग विज्ञान की माहिर और प्रसूति -विद ने यह कहा है जाइए पहले अपना वजन कम कीजिये .तब इसका सही मतलब जानिएगा ?
यही वह समय है जब आप फैड डाइट को अलविदा कह दें ।
'सोमवार केवल दही मंगल केवल दाल ,खाने से पहले फाइबर ड्रिंक्स ,चाय -कोफी अदबदाकर पीने से एपेताईट तो क्या किल होगा ,भूख कम नहीं होगी वजन भी नहीं ,गर्भ धारण के अवसर ज़रूर कम हो जायेंगे ।"
आपकी गाइनेकोलोजिस्ट का मतलब था अपना खान पान दुरुस्त कीजिये .फिर गर्भधारण की सोचिये .यदि ऐसा नहीं किया तो गर्भावस्था के दौरान वेट तो ज़रुरत से ज्यादा बढेगा ही ,प्रसव भी मुश्किल से और मुश्किल होता चला जाएगा ।
इसलिए ज़रूरी है गर्भ धारण की सोचने से एक बरस पहले खान पान को स्वास्थ्यकर बनाया जाए .खुराक में पुष्टिकर तत्वों घर में तैयार ताज़ा संतुलित आहार ही लिया जाए .ताकि तन और मन दोनों स्वस्थ रहें .पर्याप्त व्यायाम किया जाए .चाय कोफी ,धूम्रपान और शराब (वाइन से भी )दूरी बनाई रखी जाए .खाना वक्त पर और मौसमी ही खाया जाए .संशाधित खाद्य बिलकुल नहीं .जहां तक हो ओरगेनिक प्रोड्यूस (विद मिनिमम ओर जीरो पेस्टी -सा -इड्स एंड केमिकल्स ) ही स्तेमाल किये जाए ।
ऐसा करने पर आपकी ब्लड सुगर ऊपर नीचे नहीं होगी .आप लो साउंड नहीं करेगी .अवसाद से दूर रहेंगी .मन स्वस्थ और पिया मिलन को आतुर रहेगा .नन्ना मेहमान कोई ऐसे ही आ जाएगा? तैयारी तो करनी होगी .(ज़ारी ....)
नए मेहमान के आवाहन से पहले भावी मम्मियों के लिए ज़रूरी है ........
आप किसी तीज त्यौहार से ,किसी मेहमान के आने से, पहले, बाकायदा तैयारियां करतें हैं .भावी संतान का हंसता मुखड़ा देखने से पहले क्या ऐसी तैयारी करना ज़रूरी नहीं है ?और यदि हाँ तो कहाँ से कीजिएगा शुरुआत ?
यह खुलासा करती हैं नाम चीन पोषण विज्ञान कि माहिर रुजुता दिवेकर अपनी किताब 'वोमेन एंड वेट लोस तमाशा 'में .प्रकाशक हैं वेस्टलैंड लिमिटिड .(व्हाई जस्ट सेक्स विल नोट वर्क .इन डी कन्क्ल्युडिंग पार्ट ,सेलेब्रिटी रुजुता दिवेकर एक्स्प्लैंस करेक्ट डाइट एंड लाइफ स्टाइल फ़न -डाज़ फॉर ममीज़ टू बी ./मुंबई मिरर ,दिसंबर ४ ,२०१० ,पृष्ठ २२ )।प्रस्तुत इसी के कुछ बेहद ज़रूरी और प्रासंगिक अंश ।
ओरल हाइजीन (मुख स्वास्थ्य ):रिसर्चों से पता चला है स्वस्थ मुक्तावली (दन्तावली ,बेटर टीथ एंड च्युइंग )
मूत्र मार्ग (यूरिनरी ट्रेक्ट )तथा वेजिनल इन्फेक्संस (योनी सम्बन्धी रोग संक्रमण ) के खतरे को गर्भा -वस्था से पूर्व और बाद में भी कमतर रखती है .आपके मुख स्वास्थ्य से जुडी है आने वाले लाडले के स्वास्थ्य कि नव्ज़,गर्भावस्था में खुद भावी माँ के स्वास्थ्य की
यह खुलासा करती हैं नाम चीन पोषण विज्ञान कि माहिर रुजुता दिवेकर अपनी किताब 'वोमेन एंड वेट लोस तमाशा 'में .प्रकाशक हैं वेस्टलैंड लिमिटिड .(व्हाई जस्ट सेक्स विल नोट वर्क .इन डी कन्क्ल्युडिंग पार्ट ,सेलेब्रिटी रुजुता दिवेकर एक्स्प्लैंस करेक्ट डाइट एंड लाइफ स्टाइल फ़न -डाज़ फॉर ममीज़ टू बी ./मुंबई मिरर ,दिसंबर ४ ,२०१० ,पृष्ठ २२ )।प्रस्तुत इसी के कुछ बेहद ज़रूरी और प्रासंगिक अंश ।
ओरल हाइजीन (मुख स्वास्थ्य ):रिसर्चों से पता चला है स्वस्थ मुक्तावली (दन्तावली ,बेटर टीथ एंड च्युइंग )
मूत्र मार्ग (यूरिनरी ट्रेक्ट )तथा वेजिनल इन्फेक्संस (योनी सम्बन्धी रोग संक्रमण ) के खतरे को गर्भा -वस्था से पूर्व और बाद में भी कमतर रखती है .आपके मुख स्वास्थ्य से जुडी है आने वाले लाडले के स्वास्थ्य कि नव्ज़,गर्भावस्था में खुद भावी माँ के स्वास्थ्य की
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