रविवार, 28 फ़रवरी 2016

अभी तो और भी रातें सफर में आएंगी , चराग़े शब मेरे मेहबूब संभाल के रख।

धीरज भाई मेरी कर्मभूमि भी हरियाणा रही है। उस नाते ये मेरा ही घर है। अन्यत्र भी सरकारें ऐसे आन्दोलनों को काबू करने में जन धन की क्षति को रोकने में नाकामयाब ही साबित हुई हैं अभी तक चाहें वह गूजरों का आंदोलन रहा हो या मंडल कालीन। 

शुरुआत हरियाणा में मंडल से ही हुई थी ,पेड़ काट काट कर सड़कें रोकना उसी दौर की उपज है। अब तो रेल से लेकर औरत की अस्मिता तक सब कुछ आंदोलन कारियों के निशाने पर आ चुका है। सरस्वती के मंदिर भी जलाये गए हैं वाचनालयों की होली जलाई गई है। कोई उन्मादी ही ऐसा कर सकता है। और भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता भीड़ अनाम होती है।उन्मादी और शिजोफ्रेनिक होती है।  

समाधान एक ही है राष्ट्रीय और निजी संपत्ति को किसी भी बिध निशाना बनाने वाले को गैर -जमानती हवालात मिले ,नुक्सानात की भरपाई बलवाइयों से करवाई जाए। राज्य विधान सभा इस आशय का प्रस्ताव पारित करे ,चुन चुन कर जिन गैर -जाटों की संपत्ति को स्वाहा किया गया है उसकी भरपाई सरकार करे ,केंद्र सरकार भी मदद करे। 

कांग्रेसी और रक्तरंगी यही चाहते थी गैर -जाट खट्टर एक कमज़ोर प्रशाशक सिद्ध हों। उनके मन चीते हो जायेंगें धीरज  भाई। थोड़ा गहरे उतर  कर सोचिये ये आंदोलन एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा रहा है जिसे सुलगाये रखने में कांग्रेस ने बे -शुमार राशि नित्य प्रति झौंकी है ,लेफ्टीयों ने इसे हवा दी है ,अंतोनियो मायनो ने हुश हुश के इशारे किये है। आप इतनी जल्दी निराश न हों। 

अभी तो और भी रातें सफर में आएंगी ,

चराग़े शब मेरे मेहबूब संभाल के रख। 

जयश्रीकृष्ण !

अब जबकि हमें अपने सनातन धर्मी होने भारतीय होने आज़ाद होने की अनुभूति हुई है तमाम विघटन वादी ताकतें कट्टरपंथी मुसलमानों की जय बुलवाने लगीं हैं नेहरू को तो हिन्दू शब्द के इस्तेमाल से ही चिढ़ थी बक़ौल नेहरू यहां हिन्दुतान में मुसलमान और गैर -मुस्लिम ही रहते हैं। वे तो हिंदी को भारत की अन्यत्र भाषाओं को  भी वर्नाकुलर कहते थे। 

तमाम विधर्मी आज इकठ्ठा है जनेऊ में ,हैदराबाद में ,छात्र इनके ईज़ी टारगेट्स हैं। उन्हें ही ये बरगलाकर रोहित वेमुला के हश्र तक लेजाने में मुब्तिला हैं। 

जो राजनीतिक श्यार दुमदबा कर भाग गए वह अब विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लायेंगे। 

एक प्रतिक्रिया पोस्ट :

CA Dheeraj Mehta
Dear CM Sir
First of all we would give our introduction so that the things r read in right perspective. We are the people who have supported and voted for bjp, fought on ground, on Twitter and Facebook for bjp. Our twitter and Facebook is a matter of public record which could be seen to understand and verify.
Now we shall come to the issue at hand that is Jat agitation. Sir very honestly let me be straight to tell you that we as citizen of haryana have been aghast and shocked by what transpired in last few days. There was no state, there was no law and there was rapes violence and cuorse. At that time you being the CM was expected to take charge, be a strict administrator and ensure that the rule of law prevailed but unfortunately it did not happen. There were two messages that were loud and clear -
1. You looked weak and it was clear that you did not look like incharge when it mattered most.
2. You wanted to score political points with the jats that was apparent with the kind of weak response you gave.
We the people are disappointed with you and have lost all faith in you. It is clear in your attempt to score browny points you've lost what you had.
Sir I would like to further state that if at all you want to salvage some situation -
1. Pls ensure that you do not give any reservation on the basis of intimidation and violence. Reservation is for weak and poor and not for rich violators of law.
2. You should immediately book the violators and teach them a hard lesson under the law and send a message to all citizens of haryana to be the least.
We are your core voters and supporters sir but looking at what has happened and what has not you do not have our back. We feel badly cheated so we request you to take immediate resurrection now or else coming future will write off you and bjp too in the state unfortunately.
Yours core voter

2 टिप्‍पणियां:

Digamber Naswa ने कहा…

जो हुआ हरियाणा में उसको कभी माफ़ नहीं किया जा सकता ... प्रशासन एक बार तो फेल हो चुका है ... अब आगे की कार्यवाही त्वरित नहीं होती तो शायद लोग माफ़ न करें सरकार को ...

सु-मन (Suman Kapoor) ने कहा…

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