शनिवार, 26 मार्च 2016

हिन्दू संगठित नहीं हैं इसीलिए डॉ.नारंग के हत्यारे सरे आम आते हैं ये सन्देश देने -हमें टोका कैसे।हम सरे आम मारेंगे। केजर हमारे साथ है ,मतिमन्द ाहमारे साथ है।

वोट -'जिन्ना के डायरेक्ट एक्शन' से बड़ी चीज़ है -वोट तो इन्हीं (कटुवों )के आएंगें ,हिन्दू संगठित नहीं हैं इसीलिए डॉ.नारंग के हत्यारे सरे आम आते हैं ये सन्देश देने -हमें टोका कैसे।हम सरे आम मारेंगे। केजर हमारे साथ है ,मतिमन्द ाहमारे साथ है। 

सऊदी अरबिया से आने वाले पैसे ने सारे पत्रकार्नुमाओं( सागरिकाओं ,बरखाओं ,राजदीपों ) का मुंह सी दिया है उन्हें कह दिया गया है तुम चुप रहो। सिर्फ ज़ी टीवी अपना काम कर रहा है।

सारे केजर बवाल ,केसी त्यागी ,राहुल मतिमन्द ,शशिथरूर ,मणिशंकर ऐयर ,चुप हैं -वोट तो इन्हीं इस्लामिक स्टेट समर्थकों से आएंगें -कैसी दुरभि संधि है कामोदरी लेफ्टियों और कांग्रेस  की ,बरसों से इन्हें (इन मुल्लों को ,मुस्लिम कट्टर पंथियों )को यही पाठ पढ़ाया जा रहा था - तुम खुलकर आ जाओ।

देख लेना वो गोपाल भी छद्म नाम धारी कटुवा निकलेगा।

 ये कांग्रेस के पाले पोसे खुला खेल फरुक्खा -बादी खेलेंगे।

एक प्रतिक्रिया  पोस्ट :

समाचार फ़ीड

दिल्ली के विकासपुरी में स्वराज आ चुका है। हत्या पर राजनीति नहीं करने का। हत्या पर राजनीति सिर्फ दादरी में होगी। और लानत उनपे भी जो हिंदू हित के नाम पर सिर्फ वोट बटोरना जानते हैं और केरल से लेके पश्चिम बंगाल और असम से लेके तमिलनाडु तक अपने कार्यकर्ताओं की हत्या पर चुप रहते हैं।
पसंद करेंऔर प्रतिक्रियाओं दिखाएँ
टिप्पणी
टिप्पणियाँ
Amit Chaturvedi inn Salo Ko Jab Tak Maroge Nahi Samajh Nahi Ayegi
Amit Chaturvedi Pappu aur Khujli Chup Baithe Hai, Kyunki Marne Wala Unka Jija Nahi Tha
Ashok Kumar Jha it is time to teach them a lesson.
Virendra Sharma मन को विदीर्ण करती है ये (दुर )घटना ,कुछ कहते नहीं बनता।
Virendra Sharma वोट -'जिन्ना के डायरेक्ट एक्शन' से बड़ी चीज़ है -वोट तो इन्हीं (कटुवों )के आएंगें ,हिन्दू संगठित नहीं हैं इसीलिए डॉ.नारंग के हत्यारे सरे आम आते हैं ये सन्देश देने -हमें टोका कैसे।हम सरे आम मारेंगे। केजर हमारे साथ है ,मतिमन्द ाहमारे साथ है।

सऊदी अरबिया से आने वाले पैसे ने सारे पत्रकार्नुमाओं( सागरिकाओं ,बरखाओं ,राजदीपों ) का मुंह सी दिया है उन्हें कह दिया गया है तुम चुप रहो। सिर्फ ज़ी टीवी अपना काम कर रहा है।

सारे केजर बवाल ,केसी त्यागी ,राहुल मतिमन्द ,शशिथरूर ,मणिशंकर ऐयर ,चुप हैं -वोट तो इन्हीं इस्लामिक स्टेट समर्थकों से आएंगें -कैसी दुरभि संधि है कामोदरी लेफ्टियों और कांग्रेस की ,बरसों से इन्हें (इन मुल्लों को ,मुस्लिम कट्टर पंथियों )को यही पाठ पढ़ाया जा रहा था - तुम खुलकर आ जाओ।

देख लेना वो गोपाल भी छद्म नाम धारी कटुवा निकलेगा।

ये कांग्रेस के पाले पोसे खुला खेल फरुक्खा -बादी खेलेंगे।

1 टिप्पणी:

Digamber Naswa ने कहा…

कडुवा सच ...