बुधवार, 24 दिसंबर 2008

जाको राखे साईंयां

जाको राखे साईंयां मार सके ना कोय ... राजस्थान विधान सभा में एक सर्प विधायकों से तब तक छिपता छिपाता रहा जब तक सपेरों ने उसे भयमुक्त नही कर दिया, किसी विधायक को काट लेता तो बेचारा (सर्प) मारा जाता। खुदा का लाख लाख शुकराना। जाको राखे साईंयां ........

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