जय अन्ना !जय भारत !जय किरण बेदी जी ....जय! जय !जय
इसी चीनी एजेंट ने रामदेव जी के साथ बदसुलूकी करवाई थी .
भाई साहब इस आदमी का असली नाम श्याम राव है ,यह आंध्र प्रदेश से १९६७-६८ के आस पास हरियाणा के हिसार स्थित छाज्जू राम जाट महाविद्यालय में पधारे थे ,इन्होनें तत्कालीन प्राचार्य के सम्मान में अपना भाषण पढ़ा था .रात इन्होनें हमारे परम मित्र डॉ .नन्द लाल मेहता "वागीश "जी के संग बिताई थी जो उस वक्त इसी महाविद्यालय में हिंदी विभाग में व्याख्याता थे ।हम उन दिनों नेशनल कोलिज सिरसा में थे .हरयाना का तब आखिरी जिला था मंडी डबवाली से सटा हुआ .
कुछ अरसे बाद मेहता जी की इनसे भेंट हरयाना के झज्जर नगर (अब जिला ) में स्वामी अग्नी वेश के रूप में हुई .वाणी के प्रखर इस कुतर्क पंडित में सबको अपने माया जाल में फंसाने की क्षमता है .तब कोर्पोरेट समितियों के सेवा निवृत्तडिपुटी रजिस्ट्रार श्री कर्ण सिंह (झज्जर निवासी )जो गुडगाँव से सेवा निवृत्त हुए थे ने मित्र वर -मेहता जी को बतलाया था ,ये भगवा धारी कई मर्तबा "चीनी दूतावास "से निकलता बड़ता देखा गया है .इसे चीन ने हिन्दुस्तान से आर्य समाज को समूल नष्ट करने के लिए इम्प्लांट किया है .अपने उस मिशन में यह कमोबेश ही कामयाब रहा है .तब मेहता जी इसके भगवा वस्त्रों का लिहाज़ कर गए थे ।लेकिन यह नक्सली है .
हमारे पास पक्की खबर है "स्वामी राम देव "को रामलीला मैदान से गए रात अपमानित करवाने वाला यही खर दिमाग "स्वामी छद्म वेश "था .मेहता जी अर्बन इस्टेट सेक्टर चार,गुडगाँव में रहतें हैं .तब वह इनका लिहाज़ कर गए थे ,उम्र ही क्या थी तब हम लोगों की .आज वह सब कुछ बताने को तत्पर हैं .
वीरू भाई ..जिन्दाबाद! मीडिया से पहले सटीक जानकारी ...मान गए भाई साहब ...
जवाब देंहटाएंपर ये बोखला क्यों गए है ? सच सुन कर ? पता तो इनको था ही ...क्या गल्त कहा किरण बेदी और ओम पुरी ने ...बस इन्होने मंच पर कहने की हिम्मत की ..और हम घर पर अपने आप से कहते हैं ...बधाई के पात्र हैं ये ..?
वीरू भाई इनके दिलासे के लिए इनको ये सुनवाओ...
http://ashokakela.blogspot.com/2011/08/blog-post_28.html
और आसान ...?
जवाब देंहटाएंइस पर क्लिक कीजिए
बहुत सही कहा है आपने .......ये सांसद खुद ऐसा अशोभनीय व्यवहार करते हैं कभी -कभी कि हमें भी शर्म आने लगाती है
जवाब देंहटाएंइस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
जवाब देंहटाएंबस शर्म नहीं है हमारे सांसदों के पास...
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चित्रावलियाँ।
कसौटी पर शिखा वार्ष्णेय..
Glad to meet the behude SANSAD
जवाब देंहटाएंभाई साहब क्या कहें - संसद का ठेका इन्ही अधर्मियों के हाथ है - जनता बेजुबान और लाचार मतदान तक !
जवाब देंहटाएंआलम खुर्शीद भाई की इस पंक्ति को पढ़ना चाहिए शिकायत करने वालों को
जवाब देंहटाएंहमें औरों की खामी तो हमेशा याद रहती है
मज़ा ये है कि हम अपनी कमी को भूल जाते हैं
thank you for sharing the past
जवाब देंहटाएंthey r so much lost in themselves that their nerves ditch them and we all know wat they do afterwords
जवाब देंहटाएंसंसद भरो अभियान
जवाब देंहटाएंटाइमस ऑफ़ इंडिया पर प्रकाशित एक टिपण्णी ने मुझे इतना प्रभावित किया की मैने सोचा की क्यों न में इसे अपने ब्लॉग पर डाल कर इसका प्रसार करूँ? किरण बेदी और ओम पुरीजी ने कुछ भी गलत नहीं कहा है। हमें दिखाना है की राष्ट्र जग गया है, ईसके लिये हम सब आइये नेताओ को अन्पड, ग्वार, नालायक , दोमुहे, चोर देशद्रोही, गद्दार कहती हुई एक चिठ्ठी लोकसभा स्पीकर को भेजे(इक पोस्टकार्ड ). देखते हैं देश के करोडो लाखो लोगो को सांसद कैसे बुलाते है अपना पक्ष रखने के लिये। यादी इससे और कुछ नहीं हुआ तो भी बिना विसिटर पास के लोक तंत्र के मंदिर संसद को देखने और किरण बेदी के साथ खड़े होने का मौका मिलेगा। और संसद ने सजा भी दे दी तो भी एक उत्तम उद्देश्य के लिये ये जेल भरो होंगा।
में एक बार फिर ये स्पष्ट कर दू की यह विचार मैने एक टिप्पणी से उठाये हैं पर में इससे १००% सहमत हूँ। कृपया इस विचार को अपने अपने ब्लॉग पर ड़ाल कर प्रसारित करे। आइये राष्ट्र निर्माण में हम अपनी भूमिका निभाये।
जय हिंद