शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2016

समाजवादी पार्टी की कुनबाई कलह यदि असली है तो यह देश के लिए शुभ है

समाजवादी पार्टी की कुनबाई कलह यदि असली है तो यह देश के लिए शुभ है राष्ट्रीय राजनीति का सौभाग्य है जिसने राष्ट्रीय राजनीति को एक कुनबे की राजनीति एक क्षत्रप की राजनीति में समेट दिया। और यदि यह नाटक है और तीन नवम्बर से पहले या तीन नवम्बर तक कोई सुलह सफाई हो भी जाती है तब भी सपा को इसका खमियाज़ा तो  भुगतना ही पड़ेगा। अलबत्ता नै पीढ़ी को इससे थोड़ा आश्वस्ति भाव मिल सकता है यदि -

 क्षत्रपों की राजनीति युवा राजनीति के प्रतीक अखिलेश के सामने समर्पण कर देती है. तब नै पीढ़ी को एक दिशा ज़रूर मिल जाएगी । कुछ करके गुज़रने का ज़ज़्बा ज़ोर पकड़ सकता है। 

जहां तक अखिलेश के खेमे में आज़म खान और मुलायमजी के पाले में अमर सिंह की मौजूदगी की बात है, यह दोनों क्षत्रप आमने सामने ही रह सकते हैं। इनमें कौन किसका शकुनि है आंजना मुश्किल है।

एक प्रतिक्रया हिंदी एडिटपलेटर की ताज़ा पोस्ट पर  :

समाजवादी पार्टी की कुनबाई कलह यदि असली है तो यह देश के लिए शुभ है जिसने राष्ट्रीय राजनीति को एक कुनबे की राजनीति एक क्षत्रप की राजनीति में समेट दिया। और यदि यह नाटक है और तीन नवम्बर से पहले या तीन नवम्बर तक कोई सुलह सफाई हो भी जाती है तब भी सपा को इसका खमियाज़ा तो  भुगतना ही पड़ेगा। अलबत्ता नै पीढ़ी को इससे थोड़ा आश्वस्ति भाव मिल सकता है यदि -

 क्षत्रपों की राजनीति युवा राजनीति के प्रतीक अखिलेश के सामने समर्पण कर देती है. तब नै पीढ़ी को एक दिशा ज़रूर मिल जाएगी । कुछ करके गुज़रने का ज़ज़्बा ज़ोर पकड़ सकता है। 

जहां तक अखिलेश के खेमे में आज़म खान और मुलायमजी के पाले में अमर सिंह की मौजूदगी की बात है, यह दोनों क्षत्रप आमने सामने ही रह सकते हैं। इनमें कौन किसका शकुनि है आंजना मुश्किल है।

संजीव जी हर पार्टी की एक उम्र होती है ,सपा की उम्र पूरा हुआ चाहती है उसी के चिन्ह है ये फाल्ट और फिशर। बढ़िया विश्लेषण कुनबाई कलह और फटन का ,महत्वकांशाओं के प्रकट विस्फोट का।

एक प्रतिक्रया हिंदी एडिटपलेटर की ताज़ा पोस्ट पर  :

https://www.facebook.com/EditPlatterHindi/

#राजनीतिक पटल पर #देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य #उत्तरप्रदेश में चुनावों की तैयारी चल रही है तो #समाजवादीपार्टी का संकट गहराता जा रहा है। मुलायम सिंह #यादव और #अखिलेश सिंह यादव के खुलकर आमने-सामने आने के कारण पार्टी एक तरह से टूट के कगार पर पहुंच गई है। इस सारे प्रकरण में कई पहलु और पात्र हैं जिनमें #शिवपाल सिंह यादव, #अमर सिंह, #साधनायादव और #अपर्णा यादव के नाम खुलकर सामने आए हैं। अब सवाल ये है कि इस सियासी#दंगल में अखिलेश #राम बनेंगे या #अभिमन्यु। इस सारे प्रकरण पर हमारे संस्थापक, संपादक संजीव श्रीवास्तव की टिप्पणी।
#चुनाव #हिंदी #हिंदीसमाचार #हिंदीन्यूज #Editplatter
-8:54
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Virendra Sharma
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Edit Platter हिंदी0:00 😀 many thanks for your kind words
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मंगलवार, 18 अक्टूबर 2016

हैप्पी हेलोवीन हिलेरी हैप्पी हैलोवीन , आधी दुनिया की तुम सूरत ,हो कुशलात प्रवीण ,

ट्रम्प जिन्हें लोगों ने अब ट्रेश कहना शुरूकरदिया है ,इन्हें तो हाथ नचाने भी ठीक से नहीं आते। इनसे बढ़िया हाथ तो वो नचाते हैं जो बच्चे के जन्म दिन की बधाई घर घर जाकर देते हैं और इसी ज़रिये से अपनी आजीविका कमाते हैं। इनकी हार तो सुनिश्चित है ही लेकिन इनका अभी और बे -इज़्ज़त होना मौतरमाओं के हाथों बाकी है।

हैप्पी हेलोवीन हिलेरी हैप्पी हेलोवीन।  

तुम्ही बनोगी क्वीन। 

रचोगी इक इतिहास नवीन। 

रचोगी ताना बड़ा महीन। 

दोनों भाषाओं हिंदी और अंग्रेजी में समान दखल रखने वाला एडिट प्लेटर बहुत कम समय में ,उर्दू जबान में कहो तो जुम्मा -जुम्मा आठ रोज़ में ही खबरों में मुख्यखबर बनकर ,खबरों की दुनिया का सरताज बन कर छा गया  है. अपनी विश्वसनीयता ,भाषा की गरिमा और कथ्य न्यूज़ कंटेंट्स को लेकर। जहां इलेक्ट्रोनी पत्रकारिता चैनलियों की भीड़ में न सिर्फ अपनी साख गँवा चुकी है जन-प्रतिबद्धता से कोसों दूर चली गई है ,वहीँ इस या उस राजनीतिक खेमे से आज़ाद एडिट प्लेटर दिनों दिन मनभावन होता गया है। इतनी अपेक्षा तो रखी  ही जा सकती है इस पाक ,पत्रकारिता के प्रति -प्रतिबद्ध मीडिया समूह (हिंदी -अंग्रेजी एडिट -प्लेटर ) में कौन -कौन किस पृष्ठभूमि से आया है और कहाँ से आया है। उसका साहित्यिक अवदान क्या रहा है। उसका परिचय प्लेटर के प्रति अनुराग को अवश्य ही बढ़ाएगा ऐसा मेरा मानना है।रोज़ाना अपने एक चेहरे को आप हमसे रु -ब -रु करवाएं।



हैप्पी हेलोवीन हिलेरी हैप्पी हैलोवीन ,

आधी दुनिया की तुम सूरत ,हो कुशलात प्रवीण ,

जीत रही हो भारी मत से है बिलकुल निर्णीत ,

अमरीका का लिख दिया तुमने एक इतिहास नवीन।

अमरीका का तुम्हीं लिखोगी नित इतिहास नवीन।

  

सोमवार, 17 अक्टूबर 2016

नया मुल्ला अल्लाह ही अल्लाह पुकारे है ,पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर में चीन के आर्थिक हितों का वजन इतना ज्यादा है वह इसे लेकर आतंकवाद (जो अब एक आलमी मुद्दा बन गया है )की भी अनदेखी कर रहा है


      1. नया मुल्ला अल्लाह ही अल्लाह पुकारे है ,पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर में चीन के आर्थिक हितों का वजन इतना ज्यादा है वह इसे लेकर आतंकवाद (जो अब एक आलमी मुद्दा बन गया है )की भी अनदेखी कर रहा है। दो नए मित्रों की दोस्ती से ज्यादा जल्दी ही परवान चढ़ेगी आतंकवाद के मुद्दे पर दो पुराने दोस्तों की दोस्ती -रूस और भारत मिलकर एक आलमी जनमत खड़ा करेंगे इस मुद्दे पर देखते है हाफ़िज़ सईद की अम्मा (चीन )कब तक बकरे को जिबह होने से बचा पाती है।आतंकवाद का जिन्न एक दिन चीन को भी दौड़ाएगा।
        सवाल शिखर संवाद (गोवा में संपन्न शिखर सम्मलेन )की सफलता और असफलता का नहीं है। ये अंदर की बात है। रूस और भारत आतंक वाद का सामने से हेड आन मुकाबला करने के साथ एक भूमण्डलीय सहमति भी इसके खात्मे के लिए तैयार करने में जुट रहे हैं।
        एशिया का हवलदार बनने को आतुर चीन ने काश्मीर का अपरोक्ष रूप (रीजनल हॉट स्पॉट शुल्ड बे एड्रेस्ड )ज़िक्र करके एक पोज़िशन ले ली है बगल बच्चे पाकिस्तान को यह बतलाकर तू फ़िक्र न कर बच्चे हम तेरे साथ हैं। बस हमारे पैरों के नीचे की जमीन को बचाये रख। पाकिस्तान टूटेगा ही टूटेगा अलबत्ता कुछ हिस्सा उसका चीन की झोली में भी आ जाएगा।
        Media/News Company1,804 Likes
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        • Amit Saini
        • Shiv Kant
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        Virendra Sharma जो हो ब्रिक्स और इसके अतिरिक्त आजकल के तमाम और मुद्दों पर एडिट प्लेटर का विश्लेषण तंज से हटकर राष्ट्रीय धारा और भारतधर्मी समाज के मन के साथ ही जाता हुआ दिखलाई दिया है खासकर ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर वाज़िब तौर पर संवेदनशील होने दिखने रहने बरतने की सलाह भी भारत सरकार को एक तरह से दे दी है।
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        Virendra Sharma
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        नया मुल्ला अल्लाह ही अल्लाह पुकारे है ,पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर में चीन के आर्थिक हितों का वजन इतना ज्यादा है वह इसे लेकर आतंकवाद (जो अब एक आलमी मुद्दा बन गया है )की भी अनदेखी कर रहा है। दो नए मित्रों की दोस्ती से ज्यादा जल्दी ही परवान चढ़ेगी आतंकवाद के मुद्दे पर दो पुराने दोस्तों की दोस्ती -रूस और भारत मिलकर एक आलमी जनमत खड़ा करेंगे इस मुद्दे पर देखते है हाफ़िज़ सईद की अम्मा (चीन )कब तक बकरे को जिबह होने से बचा पाती है।आतंकवाद का जिन्न एक दिन चीन को भी दौड़ाएगा।
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        मुरारि पचलंगिया सही कहा आपने
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        Virendra Sharma Thanks Amit Bhai and Murari Bhai
        LikeReply3 hrs
        Virendra Sharma
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